पार्टनरशिप फर्म वालों के लिए खुशखबरी! अब आप भी पा सकते हैं स्टार्टअप इंडिया का लाभ। जानें DPIIT रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया, पात्रता और सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने का तरीका।
क्या आपकी रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म स्टार्टअप बन सकती है? जानें DPIIT मान्यता के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और टैक्स छूट समेत सभी फायदे।

आज के समय में स्टार्टअप शब्द हर किसी की जुबान पर है। सरकार हो या युवा उद्यमी, हर कोई स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात कर रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या LLP ही नहीं, बल्कि एक रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म भी स्टार्टअप के तौर पर रजिस्टर हो सकती है?
जी हां, भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया मिशन के तहत DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) मान्यता प्राप्त करके आपकी पार्टनरशिप फर्म भी कई सरकारी लाभ उठा सकती है । इसमें टैक्स छूट, फंडिंग के अवसर और कई तरह की रेगुलेटरी रियायतें शामिल हैं।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक साधारण पार्टनरशिप फर्म DPIIT स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन के जरिए अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है। साथ ही जानेंगे कि इसके लिए क्या योग्यता चाहिए, क्या है पूरी प्रक्रिया और क्या हैं इसके फायदे।
क्या है स्टार्टअप इंडिया स्कीम?
स्टार्टअप इंडिया स्कीम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसे 16 जनवरी 2016 को लॉन्च किया गया था । इसका मुख्य उद्देश्य देश में उद्यमिता को बढ़ावा देना, नवाचार (इनोवेशन) को प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इस स्कीम के तहत DPIIT उन स्टार्टअप्स को मान्यता प्रदान करता है जो कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं ।
पार्टनरशिप फर्म के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
अगर आपके पास एक रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म है, तो आपको DPIIT मान्यता के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
1. कानूनी ढांचा (Legal Structure)
आपकी फर्म इंडियन पार्टनरशिप एक्ट, 1932 के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए। बिना रजिस्ट्रेशन वाली अनरजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म या एकमात्र स्वामित्व (सोल प्रोपराइटरशिप) इसके लिए पात्र नहीं है ।
2. कंपनी की उम्र (Company Age)
आपकी फर्म को रजिस्टर हुए 10 साल से ज्यादा नहीं होने चाहिए। यानी आपकी फर्म की स्थापना को अधिकतम 10 साल ही हुए हों ।
3. सालाना टर्नओवर (Annual Turnover)
आपकी फर्म का सालाना टर्नओवर किसी भी वित्तीय वर्ष में ₹200 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए। पहले यह सीमा ₹100 करोड़ थी, लेकिन फरवरी 2026 में DPIIT ने इसे बढ़ाकर ₹200 करोड़ कर दिया है ।
4. नवाचार और स्केलेबिलिटी (Innovation and Scalability)
आपकी फर्म को नवाचार, विकास या मौजूदा उत्पादों/सेवाओं में सुधार पर काम करना चाहिए। साथ ही, उसका बिजनेस मॉडल स्केलेबल होना चाहिए जिसमें रोजगार सृजन या धन सृजन की संभावना हो ।
5. मौजूदा व्यवसाय का पुनर्गठन न हो
आपकी फर्म किसी मौजूदा व्यवसाय को विभाजित या पुनर्गठित करके नहीं बनाई गई होनी चाहिए। यह पूरी तरह से एक नया उद्यम होना चाहिए ।
डीपीआइटी मान्यता के लिए आवेदन प्रक्रिया (Registration Process)
अब बात करते हैं कि आप अपनी पार्टनरशिप फर्म को DPIIT स्टार्टअप के रूप में कैसे रजिस्टर करा सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे आप घर बैठे आसानी से पूरा कर सकते हैं।
स्टेप 1: स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
सबसे पहले स्टार्टअप इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट www.startupindia.gov.in पर जाएं। यहां ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं। अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर देकर रजिस्ट्रेशन करें ।
स्टेप 2: DPIIT रिकग्निशन के लिए आवेदन
लॉग इन करने के बाद ‘रिकग्निशन’ टैब पर जाएं और ‘Apply for DPIIT Recognition’ पर क्लिक करें। यह आपको NSWS (National Single Window System) पोर्टल पर रीडायरेक्ट करेगा ।
स्टेप 3: जरूरी जानकारी भरें
यहां आपको निम्नलिखित जानकारी भरनी होगी :
- फर्म का नाम और पूरा पता
- रजिस्ट्रेशन की तारीख
- पैन नंबर
- उद्योग सेक्टर
- अधिकृत प्रतिनिधि का विवरण
- सभी पार्टनर्स का विवरण
स्टेप 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे :
| दस्तावेज | विवरण |
|---|---|
| पार्टनरशिप डीड | फर्म का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और पार्टनरशिप डीड की कॉपी |
| पैन कार्ड | फर्म का पैन कार्ड |
| बिजनेस डिस्क्रिप्शन | एक विस्तृत लेख जिसमें बताया गया हो कि आपकी फर्म कैसे नवाचार या स्केलेबिलिटी पर काम कर रही है |
| पिच डेक या बिजनेस प्लान | वैकल्पिक लेकिन सिफारिश की जाती है |
| पेटेंट/ट्रेडमार्क | अगर कोई IPR है तो उसका विवरण |
स्टेप 5: सेल्फ-डिक्लेरेशन सबमिट करें
यह घोषणा करें कि आपकी फर्म सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करती है और यह किसी मौजूदा व्यवसाय के पुनर्गठन से नहीं बनी है ।
स्टेप 6: DPIIT सर्टिफिकेट प्राप्त करें
आवेदन करने के बाद DPIIT द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है। अगर सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो आमतौर पर 2-7 कार्य दिवसों के भीतर DPIIT रिकग्निशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है ।
स्टार्टअप मान्यता के बाद मिलने वाले लाभ (Benefits)
एक बार आपकी पार्टनरशिप फर्म DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बन जाती है, तो आपको कई शानदार लाभ मिलते हैं:
1. टैक्स छूट (Tax Benefits)
⚠️ महत्वपूर्ण चेतावनी:
हालांकि पार्टनरशिप फर्म को DPIIT मान्यता मिल सकती है, लेकिन धारा 80-IAC के तहत टैक्स छूट सिर्फ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या LLP को ही मिलती है। पार्टनरशिप फर्म इस टैक्स छूट के लिए पात्र नहीं हैं ।
यह एक बेहद अहम बात है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए अगर आप टैक्स छूट का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको अपनी पार्टनरशिप फर्म को LLP में बदलने पर विचार करना चाहिए।
2. सरकारी टेंडर में भागीदारी
DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद (GeM – Government e-Marketplace) में भाग लेने के लिए पिछले अनुभव या टर्नओवर की शर्तों से छूट मिलती है ।
3. IPR लाभ (Intellectual Property Rights)
- पेटेंट फाइलिंग पर 80% तक की छूट और तेजी से प्रोसेसिंग
- ट्रेडमार्क फाइलिंग पर 50% की छूट
4. रेगुलेटरी लाभ
- 6 श्रम कानूनों के तहत सेल्फ-सर्टिफिकेशन की सुविधा
- 5 साल तक लेबर लॉ इंस्पेक्शन से छूट
- ‘व्हाइट कैटेगरी’ में आने वाले स्टार्टअप्स के लिए पर्यावरण कानूनों में छूट
5. फंडिंग के अवसर
- स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के तहत ₹50 लाख तक की फंडिंग का अवसर
- सरकार के फंड ऑफ फंड्स तक पहुंच
6. आसान निकास (Easy Winding Up)
अगर किसी कारणवश बिजनेस बंद करना पड़े, तो DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप 90 दिनों के भीतर आसानी से बंद हो सकते हैं ।
पार्टनरशिप फर्म के लिए खास बातें (Important Considerations)
क्या पार्टनरशिप फर्म को टैक्स छूट मिलती है?
जैसा कि ऊपर बताया गया है, पार्टनरशिप फर्म को सेक्शन 80-IAC के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती । यह छूट सिर्फ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और LLP के लिए है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि पार्टनरशिप फर्म के लिए DPIIT मान्यता बेकार है। IPR लाभ, सरकारी टेंडर में भागीदारी और रेगुलेटरी छूट जैसे कई अन्य लाभ आपको मिलते रहेंगे।
क्या LLP बेहतर विकल्प है?
अगर आप टैक्स छूट का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो अपनी पार्टनरशिप फर्म को LLP (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप) में बदलना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। LLP रजिस्ट्रेशन MCA पोर्टल के जरिए किया जा सकता है । LLP होने पर:
- सेक्शन 80-IAC के तहत 3 साल का टैक्स हॉलिडे
- एंजल टैक्स से छूट (हालांकि 1 अप्रैल 2025 से एंजल टैक्स खत्म कर दिया गया है)
नए अपडेट: फरवरी 2026 में बदले नियम
फरवरी 2026 में DPIIT ने स्टार्टअप नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं :
1. टर्नओवर लिमिट बढ़ी
पहले स्टार्टअप की सालाना टर्नओवर सीमा ₹100 करोड़ थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹200 करोड़ कर दिया गया है ।
2. डीप टेक स्टार्टअप के लिए विशेष प्रावधान
डीप टेक स्टार्टअप के लिए अलग से कैटेगरी बनाई गई है। उनके लिए मान्यता अवधि 20 साल और टर्नओवर सीमा ₹300 करोड़ रखी गई है ।
3. निवेश पर रोक
स्टार्टअप्स को अब अपने फंड का इस्तेमाल सिर्फ कोर बिजनेस एक्टिविटीज में ही करना होगा। लग्जरी एसेट्स या रियल एस्टेट में निवेश की अनुमति नहीं होगी ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या अनरजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म DPIIT मान्यता के लिए आवेदन कर सकती है?
उत्तर: नहीं, केवल इंडियन पार्टनरशिप एक्ट, 1932 के तहत रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म ही आवेदन कर सकती है ।
प्रश्न 2: क्या पार्टनरशिप फर्म को सेक्शन 80-IAC के तहत टैक्स छूट मिलेगी?
उत्तर: नहीं, यह छूट सिर्फ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और LLP के लिए है ।
प्रश्न 3: DPIIT मान्यता के लिए कितना शुल्क देना होता है?
उत्तर: DPIIT मान्यता के लिए आवेदन करने पर कोई सरकारी शुल्क नहीं लगता है ।
प्रश्न 4: क्या GST रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?
उत्तर: GST रजिस्ट्रेशन DPIIT मान्यता के लिए अनिवार्य नहीं है, लेकिन बिजनेस ऑपरेशन के लिए जरूरी हो सकता है ।
प्रश्न 5: क्या पार्टनरशिप फर्म फंड ऑफ फंड्स का लाभ ले सकती है?
उत्तर: फंड ऑफ फंड्स का लाभ उन स्टार्टअप्स को मिलता है जिनमें वेंचर फंड निवेश करते हैं। पार्टनरशिप फर्म के लिए यह संभव है, लेकिन ज्यादातर वीसी फंड कंपनी या LLP फॉर्म पसंद करते हैं।
प्रश्न 6: क्या सोल प्रोपराइटरशिप DPIIT मान्यता के लिए पात्र है?
उत्तर: नहीं, सोल प्रोपराइटरशिप इसके लिए पात्र नहीं है ।
प्रश्न 7: क्या पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर भी IPR लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: IPR लाभ फर्म के नाम पर रजिस्टर्ड पेटेंट/ट्रेडमार्क के लिए मिलता है, व्यक्तिगत रूप से नहीं।
प्रश्न 8: क्या एक साल पुरानी फर्म भी आवेदन कर सकती है?
उत्तर: हां, लेकिन फर्म की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए ।
निष्कर्ष
भारत सरकार का स्टार्टअप इंडिया मिशन देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। इसमें रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्मों को भी शामिल किया गया है, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि टैक्स छूट के मामले में पार्टनरशिप फर्म को वे सभी लाभ नहीं मिलते जो कंपनी या LLP को मिलते हैं, फिर भी IPR संरक्षण, सरकारी टेंडर में भागीदारी और रेगुलेटरी छूट जैसे कई फायदे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अगर आपकी पार्टनरशिप फर्म नवाचार और स्केलेबिलिटी पर काम कर रही है और उम्र तथा टर्नओवर की शर्तों को पूरा करती है, तो DPIIT मान्यता के लिए जरूर आवेदन करें। और अगर आप टैक्स छूट का पूरा लाभ लेना चाहते हैं, तो अपनी फर्म को LLP में बदलने पर विचार करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन और टैक्स से जुड़े नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। किसी भी निर्णय लेने से पहले कृपया किसी योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट या कानूनी विशेषज्ञ से परामर्श करें।
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