पीएम सूर्यघर योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन शुरू! जानिए कैसे पाएं ₹78,000 की सब्सिडी और मुफ्त बिजली। स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज और वेंडर चयन की पूरी जानकारी पाएं एक ही जगह पर।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रजिस्ट्रेशन एक बार फिर से शुरू हो चुके हैं। यह योजना उन लाखों परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है जो बढ़ते बिजली बिल से राहत पाना चाहते हैं और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के इच्छुक हैं। सरकार इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को 78,000 रुपये तक की सीधी सब्सिडी (केंद्रीय वित्तीय सहायता – सीएफए) प्रदान कर रही है ।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस के साथ बताएंगे कि कैसे आप इस पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं, अपना प्रोफाइल कैसे बना सकते हैं, और किस तरह वेंडर चुनकर सब्सिडी अपने खाते में प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और सरल है, बस आपको हर स्टेप को ध्यान से फॉलो करना होगा ।
पीएम सूर्यघर योजना क्या है?
यह योजना 15 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है, जिससे परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सके । यह योजना नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है और इसका बजट लगभग 75,000 करोड़ रुपये है । इससे न केवल आपका बिजली बिल शून्य हो सकता है, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आप कमाई भी कर सकते हैं ।
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
सब्सिडी की राशि आपके द्वारा लगवाए जाने वाले सोलर प्लांट की क्षमता पर निर्भर करती है:
- 1 किलोवाट तक: 30,000 रुपये प्रति किलोवाट (लगभग 60% सब्सिडी) ।
- 2 किलोवाट तक: 60,000 रुपये (2 किलोवाट के लिए) ।
- 3 किलोवाट तक: 78,000 रुपये (2 किलोवाट से अधिक क्षमता के लिए 18,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अतिरिक्त सब्सिडी) ।
- 3 किलोवाट से अधिक: अधिकतम सब्सिडी 78,000 रुपये ही रहेगी ।
आवेदन से पहले पात्रता जांचें
आवेदन शुरू करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आप निम्नलिखित पात्रता मापदंडों पर खरे उतरते हैं:
- नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए ।
- घर का स्वामित्व: आवेदक के पास अपना मकान होना चाहिए (किराएदार पात्र नहीं हैं) और छत सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त होनी चाहिए ।
- बिजली कनेक्शन: आवेदक के नाम पर एक वैध और सक्रिय घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए ।
- पूर्व लाभ: आवेदक ने पहले किसी अन्य सौर सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो ।
- बैंक खाता: सब्सिडी के सीधे हस्तांतरण (डीबीटी) के लिए आधार से लिंक एक सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए ।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के दौरान ये दस्तावेज आपके पास तैयार होने चाहिए:
- आधार कार्ड ।
- नवीनतम बिजली बिल की प्रति ।
- बैंक पासबुक की प्रति (खाता संख्या और आईएफएससी कोड के साथ) ।
- घर के स्वामित्व का प्रमाण (प्रॉपर्टी पेपर, टैक्स रसीद) ।
- पासपोर्ट साइज फोटो ।
- पैन कार्ड (यदि आवश्यक हो) ।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
अब हम आपको उसी प्रक्रिया से लेकर चलेंगे, जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है।
स्टेप 1: ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले अपने किसी भी ब्राउज़र (जैसे क्रोम, फायरफॉक्स) में “PM Surya Ghar” सर्च करें या सीधे सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in पर जाएं । वेबसाइट का होमपेज खुलने पर, ऊपर दिए गए “Consumer” (उपभोक्ता) टैब पर क्लिक करें और फिर “Apply for Rooftop Solar” या “Apply Now” बटन पर क्लिक करें ।
स्टेप 2: रजिस्ट्रेशन और लॉगिन
- अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहां सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और दिख रहे Captcha Code को भरें ।
- Terms and Conditions को Accept करें और “Verify” या “OTP” बटन पर क्लिक करें। आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके “Login” करें ।
स्टेप 3: प्रोफाइल कंप्लीट करें
लॉगिन करते ही सबसे पहले प्रोफाइल कंप्लीशन का पेज खुलेगा। इसे ध्यानपूर्वक भरें:
- नाम: बिजली के बिल पर जो नाम है, वही नाम यहां दर्ज करें ।
- ईमेल आईडी: अपनी ईमेल आईडी डालें और “Verify” पर क्लिक करके ईमेल पर आए ओटीपी को भी वेरीफाई करें। इस ईमेल पर बाद में आपका टोकन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी ।
- कम्युनिकेशन एड्रेस: अपना पूरा पता, राज्य, जिला और पिन कोड सही-सही भरें और “Save” पर क्लिक करें। इससे आपका प्रोफाइल पोर्टल पर क्रिएट हो जाता है ।
स्टेप 4: आवेदन फॉर्म भरना (सबसे महत्वपूर्ण स्टेप)
प्रोफाइल बनने के बाद, ऊपर दिए गए “Apply for Rooftop Solar” के ऑप्शन पर फिर से क्लिक करें।
- डिस्कॉम चयन: सबसे पहले अपना राज्य (State) और जिला (District) चुनें। फिर अपनी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का नाम सेलेक्ट करें, जैसे मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आदि । यह जानकारी आपके बिजली बिल पर लिखी होती है।
- उपभोक्ता संख्या (Consumer Number): अपने बिजली बिल पर दिया गया कंज्यूमर अकाउंट नंबर या कस्टमर आईडी यहां डालें और “Fetch” या “Validate” बटन पर क्लिक करें। इससे आपका नाम, पता और कनेक्शन लोड (कितने किलोवाट का कनेक्शन है) जैसी डिटेल ऑटोमैटिक आ जाएगी । “Next” पर क्लिक करें।
स्टेप 5: विस्तृत फॉर्म और एड्रेस
अब एक विस्तृत फॉर्म खुलेगा:
- जेंडर: अपना लिंग चुनें।
- संपूर्ण पता: चूंकि बिजली बिल पर पूरा पता नहीं होता, इसलिए यहां अपना कंप्लीट एड्रेस (मकान नंबर, गली, मोहल्ला आदि के साथ) दर्ज करें। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि सब्सिडी के लिए जो ई-टोकन जेनरेट होगा, वह इसी पते पर मान्य होगा ।
- पिन कोड और क्षेत्र: पिन कोड डालें और बताएं कि आप शहरी (Urban) क्षेत्र से हैं या ग्रामीण (Rural) । शहरी होने पर अपनी नगर निगम (अर्बन लोकल बॉडी) का नाम चुनें, ग्रामीण होने पर ब्लॉक चुनें ।
- सहायता विकल्प (Did Anyone Help): इसमें “None” चुनें। अगर आप कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से आवेदन करवा रहे हैं तो वो संबंधित विकल्प चुनेगा ।
- सामाजिक श्रेणी (Social Category): अपनी श्रेणी (एससी, एसटी, ओबीसी, जनरल) चुनें ।
स्टेप 6: सोलर रूफटॉप डिटेल
- कैटेगरी: “Residential” (घरेलू) सेलेक्ट करें। सब्सिडी सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है ।
- प्लांट क्षमता (Plant Capacity): आप कितने किलोवाट (किलोवाट) का सोलर प्लांट लगवाना चाहते हैं? (जैसे 1, 2 या 3 किलोवाट)। अपनी बिजली खपत के अनुसार क्षमता चुनें। 3 किलोवाट तक की पूरी सब्सिडी का लाभ मिलता है ।
स्टेप 7: लोकेशन टैगिंग
- “Pick from Map” या “Locate on Map” के ऑप्शन पर क्लिक करें। अगर ब्राउज़र लोकेशन की अनुमति मांगे तो “Allow” कर दें ।
- मैप पर आपके लोकेशन पर एक पॉइंटर आ जाएगा। यह आपके सोलर पैनल लगने वाली जगह की लैटीट्यूड और लॉन्गीट्यूड को ऑटोमैटिक फिल कर देगा। बस “Select” पर क्लिक कर दें ।
स्टेप 8: दस्तावेज़ अपलोड
- अब आपको डॉक्यूमेंट अपलोड करने का सेक्शन मिलेगा। यहां बिजली बिल की कॉपी अपलोड करें। ध्यान रखें: मीटर रीडिंग की पर्ची नहीं, बल्कि असली बिल की कॉपी होनी चाहिए, जो पिछले 6 महीने के अंदर की हो ।
स्टेप 9: सब्सिडी का विकल्प और एग्रीमेंट
- “Give Up Subsidy” का एक ऑप्शन होता है। इस पर कभी टिक न करें। अगर आपने यहां टिक किया, तो आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी ।
- इसके बाद “I Agree” या “Submit” पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपके सामने नेट मीटर एग्रीमेंट का फॉर्म खुल जाएगा ।
- इस एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें। यह आपके और बिजली विभाग (DISCOM) के बीच नेट मीटर लगाने का करार होता है। इसे पढ़कर Accept करें और फिर “Submit” पर क्लिक करें ।
स्टेप 10: रजिस्ट्रेशन पूरा होना और अगला चरण
सबमिट करते ही आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाता है ।
- अब आप Acknowledgement Slip (रजिस्ट्रेशन रसीद) और ई-टोकन डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें सेव करके जरूर रख लें ।
- इसके साथ ही फैसिलिटी लेटर और नेट मीटर एग्रीमेंट की कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं। ये सारे दस्तावेज भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं ।
रजिस्ट्रेशन के बाद: वेंडर चयन और इंस्टॉलेशन
रजिस्ट्रेशन के बाद आधा काम खत्म हो जाता है। अब बारी है वेंडर चुनने की:
- उसी पोर्टल पर आपको रजिस्टर्ड वेंडर्स की लिस्ट मिलेगी। आप अपने शहर के वेंडर को उसकी रेटिंग, पिछले इंस्टॉलेशन और कीमतों के आधार पर खुद चुन सकते हैं ।
- वेंडर आपसे संपर्क करेगा, फील्ड वेरिफिकेशन करेगा और सोलर पैनल इंस्टॉल कर देगा ।
- इंस्टॉलेशन के बाद, वेंडर ही पोर्टल पर इंस्टॉलेशन की फोटो और अन्य जानकारी अपलोड करने में आपकी मदद करेगा।
- इसके बाद DISCOM का निरीक्षण होगा और नेट मीटर लगाया जाएगा ।
- सारी प्रक्रिया पूरी होने और DISCOM द्वारा कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी करने के बाद, सब्सिडी की राशि 30 से 45 दिनों के भीतर सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर (डीबीटी) कर दी जाएगी ।
निष्कर्ष
पीएम सूर्यघर योजना आपके बिजली के बिल को हमेशा के लिए खत्म करने का एक सुनहरा अवसर है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। सरकार द्वारा दी जाने वाली 78,000 रुपये तक की सब्सिडी इसे और भी आकर्षक बना देती है। टैक्स समाचार के पाठकों से हमारा आग्रह है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं, आवेदन करें और स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 15555
सामान्य प्रश्न (General Questions)
प्रश्न 1: पीएम सूर्यघर योजना क्या है?
उत्तर: यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाना है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है और बिजली बिल में भारी कमी आती है। साथ ही, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर आय भी अर्जित की जा सकती है ।
प्रश्न 2: इस योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर:
- 1 किलोवाट सोलर पैनल पर ₹30,000 प्रति किलोवाट
- 2 किलोवाट पर कुल ₹60,000
- 3 किलोवाट या उससे अधिक पर अधिकतम ₹78,000 (2 किलोवाट से अधिक क्षमता के लिए ₹18,000 प्रति किलोवाट अतिरिक्त) ।
प्रश्न 3: क्या योजना के लिए आवेदन फिर से शुरू हो गए हैं?
उत्तर: हाँ, पीएम सूर्यघर योजना के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एक बार फिर से खुल चुके हैं। इच्छुक उपभोक्ता अब आवेदन कर सकते हैं और सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
प्रश्न 4: क्या सिर्फ शहरी क्षेत्र के लोग ही आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, यह योजना देश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए है। बशर्ते आपके पास अपना मकान हो और बिजली का कनेक्शन आपके नाम पर हो।
पात्रता और दस्तावेज (Eligibility & Documents)
प्रश्न 5: इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
उत्तर:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक के पास अपना मकान होना चाहिए (किराएदार पात्र नहीं हैं)।
- आवेदक के नाम पर एक सक्रिय घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
- पहले किसी अन्य सौर सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो।
- सब्सिडी के लिए आधार से लिंक बैंक खाता होना चाहिए ।
प्रश्न 6: आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?
उत्तर:
- आधार कार्ड
- नवीनतम बिजली बिल की प्रति (पिछले 6 महीने के अंदर का)
- बैंक पासबुक (खाता संख्या और आईएफएससी कोड सहित)
- घर के स्वामित्व का प्रमाण (प्रॉपर्टी पेपर या टैक्स रसीद)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पैन कार्ड (यदि आवश्यक हो)
प्रश्न 7: क्या सिर्फ वही लोग आवेदन कर सकते हैं जिनके पास पक्की छत है?
उत्तर: सोलर पैनल लगाने के लिए छत का मजबूत और सूर्य की रोशनी के लिए उपयुक्त होना आवश्यक है। यह पक्की या अन्य प्रकार की हो सकती है, लेकिन फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान वेंडर और बिजली विभाग इसकी जांच करते हैं।
आवेदन प्रक्रिया (Application Process)
प्रश्न 8: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
उत्तर:
- आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।
- “Consumer” टैब पर क्लिक करें और फिर “Apply for Rooftop Solar” चुनें।
- अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर ओटीपी वेरिफिकेशन करें।
- प्रोफाइल बनाएं (नाम, ईमेल, पता भरें)।
- बिजली कंपनी (DISCOM) और उपभोक्ता नंबर डालकर डिटेल फेच करें।
- सोलर प्लांट की क्षमता (1, 2, या 3 किलोवाट) चुनें।
- मैप पर लोकेशन टैग करें।
- बिजली बिल अपलोड करें।
- नेट मीटर एग्रीमेंट पढ़कर स्वीकार करें और सबमिट करें।
- अक्नॉलेजमेंट स्लिप और ई-टोकन डाउनलोड करें ।
प्रश्न 9: क्या मैं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से भी आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, यदि आप ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, तो आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से भी आवेदन करवा सकते हैं। CSC केंद्र आपकी मदद करेंगे और इसके लिए एक नाममात्र शुल्क लिया जा सकता है।
प्रश्न 10: आवेदन के बाद “ई-टोकन” क्या होता है?
उत्तर: ई-टोकन एक अद्वितीय कोड है जो आपके आवेदन के सफल होने के बाद जेनरेट होता है। यह सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवश्यक है और इसका उपयोग आपके आवेदन की स्थिति ट्रैक करने में भी किया जाता है। इसे डाउनलोड करके सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है ।
सब्सिडी और भुगतान (Subsidy & Payment)
प्रश्न 11: सब्सिडी मिलने में कितना समय लगता है?
उत्तर: सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, बिजली विभाग के निरीक्षण और नेट मीटर लगने के बाद, कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होने के 30 से 45 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर (डीबीटी) कर दी जाती है ।
प्रश्न 12: क्या मैं सब्सिडी के अलावा भी कमाई कर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, यह योजना नेट मीटरिंग पर आधारित है। यदि आपका सोलर पैनल आपकी खपत से अधिक बिजली पैदा करता है, तो वह अतिरिक्त बिजली सीधे बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसके लिए बिजली कंपनी आपको उचित दर पर भुगतान करती है या आपके अगले बिल में एडजस्ट करती है ।
प्रश्न 13: क्या मुझे पूरा पैसा पहले खुद देना होगा?
उत्तर: हाँ, आमतौर पर आपको सोलर पैनल लगवाने का पूरा भुगतान वेंडर को करना होता है। उसके बाद सरकार द्वारा सब्सिडी की राशि आपके बैंक खाते में डाल दी जाती है। कुछ वेंडर और बैंक ऋण की सुविधा भी प्रदान करते हैं।
प्रश्न 14: क्या सब्सिडी सीधे वेंडर को दी जाती है या मुझे?
उत्तर: सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है, न कि वेंडर को। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से की जाती है।
वेंडर और इंस्टॉलेशन (Vendor & Installation)
प्रश्न 15: वेंडर कैसे चुनें?
उत्तर: पोर्टल पर ही आपको रजिस्टर्ड वेंडर्स की सूची मिल जाएगी। आप उनके द्वारा पहले किए गए इंस्टॉलेशन, उनकी रेटिंग, कीमतों और आपके क्षेत्र में उनकी उपलब्धता के आधार पर किसी भी वेंडर को चुन सकते हैं। पड़ोसियों से पूछना या ऑनलाइन रिव्यू देखना भी एक अच्छा तरीका है ।
प्रश्न 16: क्या मैं किसी भी वेंडर से सोलर पैनल लगवा सकता हूँ?
उत्तर: सब्सिडी का लाभ लेने के लिए, आपको पोर्टल पर पंजीकृत (रजिस्टर्ड) किसी वेंडर से ही सोलर पैनल लगवाना होगा। अन्यथा आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी।
प्रश्न 17: इंस्टॉलेशन में कितना समय लगता है?
उत्तर: यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे वेंडर की उपलब्धता, सामग्री, और बिजली विभाग से मंजूरी। आमतौर पर, वेंडर चयन से लेकर इंस्टॉलेशन पूरा होने में 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है। नेट मीटर लगने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
प्रश्न 18: क्या इंस्टॉलेशन के बाद भी कोई प्रक्रिया बाकी रहती है?
उत्तर: हाँ, इंस्टॉलेशन के बाद आपको या वेंडर को पोर्टल पर इंस्टॉलेशन की फोटो और जानकारी अपलोड करनी होती है। फिर DISCOM (बिजली विभाग) निरीक्षण के लिए आता है और नेट मीटर लगाता है। उसके बाद ही सब्सिडी रिलीज होती है।
समस्या समाधान और अन्य (Troubleshooting & Others)
प्रश्न 19: मैं अपने आवेदन की स्थिति कैसे ट्रैक कर सकता हूँ?
उत्तर: आप आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर लॉगिन करके या “Check Your Application Status” सेक्शन में अपना आवेदन नंबर या ई-टोकन डालकर स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
प्रश्न 20: अगर आवेदन के समय बिजली बिल अपलोड न हो तो क्या करें?
उत्तर: बिजली बिल का पीडीएफ फॉर्मेट में होना और साइज सीमा के अंदर होना जरूरी है। यदि फाइल अपलोड नहीं हो रही है, तो उसे कंप्रेस करके देखें या कोई अन्य स्पष्ट फोटो/स्कैन कॉपी अपलोड करें। सुनिश्चित करें कि वह बिल की कॉपी है, मीटर रीडिंग की पर्ची नहीं।
प्रश्न 21: क्या इस योजना का लाभ फ्लैट या अपार्टमेंट में रहने वाले लोग ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यह योजना फ्लैट या अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए भी है। इसके लिए रिहायशी रूफटॉप सोलर का विकल्प चुनना होगा। हालाँकि, साझा छत के मामले में सोसायटी के सभी सदस्यों की सहमति और एक एकीकृत आवेदन की आवश्यकता हो सकती है।
प्रश्न 22: योजना से जुड़ी किसी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: इस योजना के लिए सरकार ने एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। आप 15555 या 1800-180-3333 पर कॉल करके अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं। इसके अलावा, आप अपने राज्य की बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
प्रश्न 23: क्या सब्सिडी पाने के लिए आधार अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए आधार अनिवार्य है। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए आधार का बैंक खाते से लिंक होना आवश्यक है।
प्रश्न 24: अगर मैंने गलती से “गिव अप सब्सिडी” का ऑप्शन चुन लिया तो क्या होगा?
उत्तर: यदि आपने “Give Up Subsidy” विकल्प चुन लिया है, तो आपको कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसी स्थिति में आवेदन रद्द हो सकता है। यदि आपने अभी तक वेंडर नहीं चुना है, तो आप फिर से नया आवेदन कर सकते हैं और इस बार सावधानी से इस विकल्प को अनचेक रखें ।
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