पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) की गहराई से पड़ताल करेंगे। जानेंगे इसके फायदे, नुकसान, कर प्रभाव (Tax Implications) और सबसे महत्वपूर्ण, यह स्कीम किन लोगों के लिए वरदान है और किनके लिए अभिशाप साबित हो सकती है।

सरकारी गारंटी के साथ मासिक आय का सपना
आज के दौर में जहां हर कोई वित्तीय सुरक्षा की चाहत रखता है, वहीं नियमित आय का स्रोत होना सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है। खासकर रिटायरमेंट के बाद या फिर ऐसे परिवारों के लिए जो अपनी जमा पूंजी पर स्थिर और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (Post Office Monthly Income Scheme – POMIS) एक बेहद लोकप्रिय विकल्प है ।
यह योजना भारत सरकार द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) में से एक है, जिसमें निवेशक को एकमुश्त राशि जमा करके हर महीने एक निश्चित ब्याज प्राप्त होता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह स्कीम हर किसी के लिए फायदेमंद है? क्या आपको इसमें अपनी मेहनत की कमाई लगा देनी चाहिए?
भाग 1: पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) क्या है? (Scheme Overview)
पोस्ट ऑफिस एमआईएस (MIS) एक सरकारी बचत योजना है जिसे मुख्य रूप से उन निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो जोखिम-मुक्त (Risk-Free) वातावरण में नियमित आय प्राप्त करना चाहते हैं ।
यह कैसे काम करती है?
आप एकमुश्त (Lumpsum) राशि निवेश करते हैं। यह राशि 5 साल के लिए सरल सावधि जमा (Fixed Deposit) की तरह लॉक हो जाती है। इस पूरी अवधि के दौरान, आपको हर महीने एक निश्चित ब्याज का भुगतान आपके बैंक खाते में सीधे क्रेडिट कर दिया जाता है। 5 साल बाद आपकी मूल राशि (Principal Amount) वापस आपको लौटा दी जाती है ।
मुख्य विशेषताएं (Key Features) – 2026 अपडेट:
- ब्याज दर (Interest Rate): वर्तमान में 7.4% प्रति वर्ष (जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के अनुसार)। सरकार हर तिमाही ब्याज दरों की समीक्षा करती है ।
- अवधि (Tenure): 5 वर्ष (फिक्स्ड) ।
- निवेश सीमा (Investment Limit):
- एकल खाता (Single Account): अधिकतम ₹9 लाख ।
- संयुक्त खाता (Joint Account): अधिकतम ₹15 लाख (अधिकतम 3 वयस्कों के साथ) ।
- न्यूनतम निवेश (Minimum Investment): ₹1,500 (₹1000 के गुणकों में) ।
- कौन खोल सकता है (Eligibility): कोई भी भारतीय नागरिक (18 वर्ष से अधिक), नाबालिग (अभिभावक के माध्यम से), और संयुक्त रूप से तीन वयस्क ।
भाग 2: निवेश से पहले जानें गणित और नियम (Rules & Calculation)
अगर आप ₹9 लाख का निवेश करते हैं (जो कि एकल खाते की अधिकतम सीमा है), तो इसका मतलब है कि आपको अगले 5 सालों तक हर महीने ₹5,550 का भुगतान मिलेगा। वहीं, यदि पति-पत्नी मिलकर संयुक्त खाते में अधिकतम सीमा ₹15 लाख जमा करते हैं, तो उन्हें हर महीने ₹9,250 की आय प्राप्त होगी ।
| विवरण (Description) | एकल खाता (Single Account) | संयुक्त खाता (Joint Account) |
|---|---|---|
| अधिकतम निवेश (Max Investment) | ₹9,00,000 | ₹15,00,000 |
| वार्षिक ब्याज दर (ROI) | 7.4% | 7.4% |
| मासिक आय (Monthly Income) | ₹5,550 | ₹9,250 |
| 5 वर्षों में कुल ब्याज | ₹3,33,000 | ₹5,55,000 |
| परिपक्वता राशि (Maturity) | ₹9,00,000 | ₹15,00,000 |
महत्वपूर्ण नियम (Key Rules):
- समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal): यदि आप 1 साल से पहले खाता बंद करते हैं, तो कोई पैसा नहीं मिलता। 1 से 3 साल के बीच बंद करने पर मूलधन पर 2% का जुर्माना काटा जाता है। 3 साल बाद लेकिन 5 साल से पहले बंद करने पर 1% का जुर्माना लगता है ।
- ट्रांसफर की सुविधा: आप इस खाते को भारत के किसी भी डाकघर में ट्रांसफर करवा सकते हैं ।
- नॉमिनेशन: खाता खोलते समय नॉमिनी नामांकित करना अनिवार्य है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना न हो ।
भाग 3: किन लोगों को करना चाहिए POMIS में निवेश? (Ideal Investors)
मनीकंट्रोल और ईटी नाउ की रिपोर्ट्स के अनुसार, POMIS उन निवेशकों के लिए सबसे उपयुक्त है जो “निश्चितता” और “सुरक्षा” को सबसे अधिक महत्व देते हैं ।
1. रिटायर्ड व्यक्ति (Retirees)
यह स्कीम रिटायरमेंट के बाद पेंशन के पूरक के तौर पर बेहतरीन काम करती है। रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी या पीएफ की राशि को यदि POMIS में निवेश किया जाए, तो हर महीने एक निश्चित पेंशन जैसी आय प्राप्त होती रहती है। चूंकि यह सरकारी योजना है, इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव (Market Volatility) का जोखिम नहीं होता, जो बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी राहत है ।
2. रूढ़िवादी निवेशक (Conservative Investors)
जिन लोगों को शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स की अस्थिरता पसंद नहीं है और वे “सोना-चांदी” के बाद सरकारी गारंटी वाली योजनाओं में ही भरोसा करते हैं, उनके लिए POMIS एक आदर्श निवेश है। यह बिल्कुल सुरक्षित (100% Government Backed) है ।
3. मासिक खर्चों के लिए बफर चाहने वाले परिवार
यदि आप अपने माता-पिता को हर महीने पैसे भेजते हैं या फिर घर का कोई फिक्स्ड बिल (जैसे किराया या स्कूल की फीस) है, तो POMIS से मिलने वाली मासिक आय को सीधे उस खर्च के लिए earmark किया जा सकता है। इससे मूल वेतन या पेंशन पर दबाव कम होता है ।
4. निवेश प्रबंधन की टेंशन से बचने वाले (Hassle-free Investment)
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को बार-बार रिन्यू कराना पड़ता है। POMIS में एक बार निवेश करने के बाद 5 साल तक निठल्ले बैठे भी आपको पैसा मिलता रहता है। “इसे भूल जाइए और कमाई पाइए” वाला यह कॉन्सेप्ट उन लोगों को बेहद पसंद आता है जो अपने निवेश को लेकर ज्यादा सक्रिय (Active) नहीं रहना चाहते .
भाग 4: किन लोगों को नहीं करना चाहिए POMIS में निवेश? (Who Should Avoid)
POMIS की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी “कर दक्षता (Tax Inefficiency)” और “महंगाई से लड़ने में असमर्थता” है। यदि आप नीचे दी गई श्रेणियों में आते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए “ट्रैप” साबित हो सकती है .
1. उच्च कर दायरे वाले निवेशक (High Tax Bracket Investors) – सबसे महत्वपूर्ण बिंदु
यहीं पर टैक्स समाचार की विशेषज्ञता काम आती है। POMIS में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से कर योग्य (Fully Taxable) है . आइए समझते हैं क्यों:
- कोई 80C छूट नहीं: POMIS में निवेश की गई राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई कर छूट नहीं मिलती ।
- ब्याज पर पूरा टैक्स: हर महीने मिलने वाला ब्याज आपकी कुल आय में जुड़ता है और आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगता है।
- TDS नहीं कटता, लेकिन आईटीआर में दिखाना जरूरी: डाकघर इस ब्याज पर कोई TDS नहीं काटता। इसका मतलब यह नहीं कि टैक्स फ्री है। आपको अपनी आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करते समय इसे “इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस” में दिखाना अनिवार्य है ।
उदाहरण: मान लीजिए आप 30% टैक्स ब्रैकेट में आते हैं और आपने ₹9 लाख POMIS में लगाए हैं। आपको सालाना ₹66,600 का ब्याज मिलता है। इस ब्याज पर आपको करीब ₹20,000 टैक्स देना होगा। इस हिसाब से आपका प्रभावी रिटर्न घटकर लगभग 5.18% रह जाता है। ऐसे में बैंक एफडी (जहां भी आपके स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा) या डेट म्यूचुअल फंड (जहां इंडेक्सेशन का लाभ मिलता है) बेहतर विकल्प हो सकते हैं .
2. महंगाई से लड़ने वाले निवेशक (Inflation Fighters)
7.4% का रिटर्न वर्तमान समय में तो ठीक लगता है, लेकिन भारत में खुदरा महंगाई दर (CPI) अक्सर 4-6% के आसपास रहती है। टैक्स चुकाने के बाद POMIS से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न (Real Return) बहुत कम (लगभग 4-5%) रह जाता है। यदि आपकी निवेश अवधि 10-20 साल की है, तो यह रिटर्न आपकी संपत्ति को महंगाई के मुकाबले बढ़ने नहीं देगा, बल्कि उसका मूल्य घट सकता है .
3. उन लोगों के लिए जिन्हें लिक्विडिटी चाहिए (Liquidity Seekers)
POMIS में 5 साल का लॉक-इन है। हालांकि 1 साल बाद पैसे निकाले जा सकते हैं, लेकिन उस पर पेनल्टी लगती है। अगर आप अनिश्चित हैं कि आपको पैसे की जरूरत 2-3 साल में पड़ सकती है, तो यह स्कीम आपको बांध सकती है। इसके लिए लिक्विड फंड या बैंक एफडी बेहतर विकल्प हैं .
4. विविधीकरण चाहने वाले युवा निवेशक (Young Investors)
अगर आपकी उम्र 30-40 साल है और आप लंबी अवधि में संपत्ति बनाना चाहते हैं, तो POMIS आपके लिए नहीं बनी है। यहां रिटर्न फिक्स्ड है, जो इक्विटी (Equity) की तरह पूंजी निर्माण में मदद नहीं कर सकता। युवा निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का एक छोटा हिस्सा ही इस तरह की डेट स्कीमों में रखना चाहिए .
भाग 5: POMIS बनाम अन्य मासिक आय योजनाएं (Comparison)
टैक्स समाचार के पाठकों के लिए यह समझना जरूरी है कि POMIS अकेली मासिक आय योजना नहीं है। बाजार में कई विकल्प उपलब्ध हैं .
| योजना (Scheme) | ब्याज दर (2026) | कर लाभ (Tax Benefit) | किसके लिए बेस्ट? |
|---|---|---|---|
| POMIS | 7.4% | कोई नहीं (ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल) | रिटायर्ड व्यक्ति, नियमित आय चाहने वाले |
| वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) | 8.2% | 80C में छूट, 80TTB में ब्याज पर छूट | केवल सीनियर सिटीजन (60+) |
| 5 वर्षीय सावधि जमा (TD) | 7.5% | 80C में छूट (केवल 5 वाला) | मध्यम अवधि के निवेशक |
| म्यूचुअल फंड SWP | 8-10% (अनुमानित) | लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स (इंडेक्सेशन लाभ) | हाई टैक्स ब्रैकेट वाले निवेशक |
| कॉर्पोरेट FD | 7.5% – 9% | ब्याज टैक्सेबल | उच्च जोखिम लेने की क्षमता वाले |
विश्लेषण: सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश न करें। यदि आप उच्च टैक्स स्लैब में हैं, तो SCSS (यदि पात्र हैं) या SWP (Systematic Withdrawal Plan) from Debt Funds आपको टैक्स के बाद ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं .
भाग 6: POMIS के फायदे और नुकसान – एक नजर में (Pros & Cons)
✅ फायदे (Advantages):
- सुरक्षा का किला: भारत सरकार द्वारा गारंटीशुदा, इसलिए डिफॉल्ट का कोई खतरा नहीं .
- नियमित आय: पेंशन की तरह हर महीने तय तारीख पर पैसा खाते में .
- सरल प्रक्रिया: खाता खोलना बेहद आसान, केवल केवाईसी दस्तावेज चाहिए .
- कोई TDS नहीं: टैक्स छूट तो नहीं, लेकिन TDS न कटने से कैश फ्लो पर कोई असर नहीं पड़ता .
❌ नुकसान (Disadvantages):
- टैक्स का बोझ: उच्च आय वालों के लिए रिटर्न घट जाता है .
- महंगाई से हार: लॉन्ग टर्म में महंगाई को मात नहीं दे पाती .
- लिक्विडिटी की कमी: पेनल्टी के डर से पैसा फंसा रहता है .
- 80C में कोई लाभ नहीं: आपकी टैक्स बचत की योजना में यह शामिल नहीं होगी .
भाग 7: निष्कर्ष – क्या आपको निवेश करना चाहिए? (Conclusion)
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम एक सरल, सुरक्षित और सीधा-सादा निवेश विकल्प है। यह उन लाखों भारतीय परिवारों की जरूरतों को पूरा करती है, जो अपनी जमा पूंजी पर बिना किसी जोखिम के थोड़ा बहुत नियमित लाभ कमाना चाहते हैं।
टैक्स समाचार का सुझाव:
- यदि आप रिटायर्ड हैं या रिटायरमेंट के करीब हैं और आपकी आय कम है (जिससे टैक्स देनदारी न के बराबर हो), तो POMIS आपके पोर्टफोलियो की रीढ़ (Backbone) हो सकती है।
- यदि आप युवा हैं या उच्च टैक्स स्लैब (30%) में आते हैं, तो POMIS में निवेश से बचें या बहुत कम मात्रा में करें। अपने वित्तीय सलाहकार से बात करके डेट म्यूचुअल फंड या आरबीआई बॉन्ड जैसे कर-कुशल विकल्पों पर विचार करें .
अंत में, वित्तीय नियोजन का सुनहरा नियम याद रखें: “एक ही टोकरी में सभी अंडे मत रखो।” POMIS आपके पोर्टफोलियो का एक हिस्सा हो सकता है, पूरा पोर्टफोलियो नहीं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
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