बिना GST रजिस्ट्रेशन के फर्म कैसे रजिस्टर करें? जानें पूरी प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़ और MSME/Udyam रजिस्ट्रेशन द्वारा बिज़नेस शुरू करने के फायदे। छोटे उद्यमियों के लिए पूरी गाइड।

अगर आप एक छोटे व्यवसायी, स्टार्टअप संस्थापक, या स्वरोजगार करने वाले पेशेवर हैं, तो MSME (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) रजिस्ट्रेशन आपके लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारत सरकार द्वारा संचालित यह पंजीकरण न सिर्फ बिल्कुल मुफ्त है, बल्कि इसके 27 से अधिक लाभ हैं जो आपके व्यवसाय को नई गति, साख और सरकारी सहायता प्रदान कर सकते हैं।
2026 में MSME रजिस्ट्रेशन के लिए स्टेप-बाय-स्टेप, हैंड-टू-हैंड गाइड देंगे। आप सीखेंगे कि कैसे बिना किसी पेशेवर की मदद के, घर बैठे अपना उद्यम आधार (Udyam Registration) सर्टिफिकेट स्वयं प्राप्त कर सकते हैं।
MSME रजिस्ट्रेशन क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
MSME रजिस्ट्रेशन, जिसे अब उद्यम आधार (Udyam Registration) कहा जाता है, भारत सरकार के MSME मंत्रालय का एक ऑनलाइन पोर्टल है। यह देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को एक अद्वितीय पहचान संख्या और मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान करता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात: यह पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क है। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करने के लिए सरकार की कोई फीस नहीं है। हाँ, अगर आप किसी टैक्स प्रोफेशनल या कंसल्टेंट से करवाते हैं, तो वे अपनी सेवा शुल्क ले सकते हैं, लेकिन प्रक्रिया इतनी सरल है कि आप खुद ही आसानी से कर सकते हैं।
MSME पंजीकरण के प्रमुख लाभ (27+ लाभों में से कुछ प्रमुख):
- प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending): बैंकों को MSME को लोन देने का लक्ष्य होता है, जिससे कम ब्याज दर पर ऋण मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
- क्रेडिट गारंटी स्कीम: ऋण चुकाने में असमर्थता की स्थिति में सरकारी गारंटी।
- बिजली बिल पर छूट: कई राज्यों में औद्योगिक इकाइयों को बिजली दरों में रियायत।
- बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा: रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के आधार पर आसानी से करंट अकाउंट खोला जा सकता है और ओवरड्राफ्ट सीमा मिल सकती है।
- सरकारी टेंडर में आरक्षण: सरकारी खरीद नीति के तहत MSME को विशेष आरक्षण और छूट।
- डिफेक्टर वेंडर से सुरक्षा: सरकारी कंपनियों को MSME को 45 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है।
- टैक्स छूट एवं रिबेट: विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा जीएसटी और अन्य करों में रियायत।
- आईएसओ प्रमाणन पर सब्सिडी: गुणवत्ता प्रमाणन लागत में सरकारी सहायता।
- तकनीकी उन्नयन एवं प्रशिक्षण: सब्सिडी पर उन्नत मशीनरी और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- एक विश्वसनीय पहचान: उद्यम आधार नंबर व्यवसाय की वैधता बढ़ाता है और ग्राहकों एवं वेंडर्स का विश्वास जीतता है।
याद रखें: इनमें से कौन-से लाभ आपको मिलेंगे, यह आपकी इंडस्ट्री, भौगोलिक क्षेत्र और व्यवसाय के प्रकार पर निर्भर करता है।
MSME रजिस्ट्रेशन के लिए पात्रता (Eligibility)
पंजीकरण के लिए निवेश और टर्नओवर की सीमा निम्नानुसार है:
| एंटरप्राइज का प्रकार | निवेश सीमा (Plant & Machinery/Equipment में) | टर्नओवर सीमा |
|---|---|---|
| माइक्रो (Micro) | 1 करोड़ रुपये से अधिक नहीं | 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं |
| लघु (Small) | 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं | 50 करोड़ रुपये से अधिक नहीं |
| मध्यम (Medium) | 50 करोड़ रुपये से अधिक नहीं | 250 करोड़ रुपये से अधिक नहीं |
नोट:
- निर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) दोनों क्षेत्रों की इकाइयाँ आवेदन कर सकती हैं।
- ट्रेडिंग (व्यापार) करने वाली इकाइयाँ भी रजिस्टर हो सकती हैं, लेकिन उन्हें मुख्य रूप से प्राथमिकता क्षेत्र ऋण का ही लाभ मिलता है। सेवा या निर्माण इकाइयों को अन्य योजनाओं का अधिक फायदा मिल सकता है।
MSME रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज
प्रक्रिया शुरू करने से पहले इन दस्तावेजों को तैयार रखें:
- आधार कार्ड नंबर (उद्यमी/मालिक/प्रमुख भागीदार का)
- पैन कार्ड नंबर (व्यक्तिगत, फर्म या कंपनी का – जैसा लागू हो)
- व्यवसाय का नाम
- संपूर्ण पता (संयंत्र/कार्यालय का)
- बैंक खाते की जानकारी (खाता संख्या, आईएफएससी कोड)
- मुख्य व्यावसायिक गतिविधि (जैसे: होजरी निर्माण, आईटी सेवाएं, खुदरा व्यापार आदि)
- निवेश (प्लांट/मशीनरी/उपकरण में) और वार्षिक टर्नओवर का विवरण।
- कार्यरत व्यक्तियों की संख्या।
- ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर (आधार से लिंक नंबर के अलावा)।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: खुद करें MSME/Udyam रजिस्ट्रेशन
चेतावनी: केवल आधिकारिक पोर्टल https://udyamregistration.gov.in का ही उपयोग करें। इसके अलावा अन्य कई फर्जी वेबसाइट्स हैं जो आपसे पैसे ऐंठ सकती हैं। आधिकारिक पोर्टल कुछ इस तरह दिखता है:

स्टेप 1: नया रजिस्ट्रेशन शुरू करें
- पोर्टल के होमपेज पर, “For New Entrepreneurs who are not Registered yet as MSME or those with EM-II” के ऑप्शन पर क्लिक करें।
- अगर आपने पहले (पुरानी प्रक्रिया में) उद्योग आधार बनाया था और उसे कन्वर्ट करना है, तो नीचे दिए गए दूसरे ऑप्शन पर क्लिक करें। हम यहाँ नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समझाएंगे।
स्टेप 2: आधार नंबर वैलिडेशन
- अगले पेज पर, उद्यमी (मालिक) का 12-अंकीय आधार नंबर डालें।
- नाम वही डालें जो आधार कार्ड पर है। एक अक्षर की भी गलती वैलिडेशन में विफलता दे सकती है।
- “Validate & Generate OTP” बटन पर क्लिक करें।
- आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। पोर्टल आपको नंबर के अंतिम तीन अंक दिखाएगा ताकि आप पुष्टि कर सकें।
- OTP दर्ज करें और “Validate OTP” पर क्लिक करें।
स्टेप 3: उद्यमी और व्यवसाय की मूल जानकारी
- आधार वैलिडेशन के बाद, एक फॉर्म खुलेगा।
- संगठन का प्रकार (Type of Organization): अपने व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार चुनें – स्वामित्व (Proprietorship), साझेदारी (Partnership), हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, ट्रस्ट इत्यादि। ज़्यादातर छोटे व्यवसायियों के लिए स्वामित्व (Proprietorship) सही विकल्प है।
- पैन नंबर वैलिडेशन: चुने गए संगठन प्रकार के अनुसार पैन नंबर डालें (व्यक्तिगत पैन स्वामित्व के लिए, कंपनी पैन कंपनी के लिए)। पैन कार्ड पर नाम और जन्मतिथि (यदि व्यक्तिगत पैन है तो) भरें।
- “PAN Validate” पर क्लिक करें। अगर सब कुछ सही है तो “Your PAN has been successfully verified” का संदेश मिलेगा। अगर कोई समस्या आती है तो
champions@jov.inपर ईमेल कर सकते हैं। - “Continue” पर क्लिक करें।
स्टेप 4: संपर्क और सामाजिक जानकारी
- अगले चरण में, पोर्टल स्वचालित रूप से पिछले वर्ष के आईटीआर और जीएसटी (यदि है) की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर सकता है। आप यह जानकारी मैन्युअल भी भर सकते हैं।
- संपर्क विवरण: एक सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालें। भविष्य में सभी संचार और OTP इसी पर आएंगे।
- सामाजिक श्रेणी (Social Category): सामान्य (General), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में से चुनें।
- लिंग (Gender), दिव्यांग (Physically Handicapped) की स्थिति चुनें।
स्टेप 5: उद्यम (Enterprise) और इकाई (Unit) की जानकारी
- उद्यम का नाम (Name of Enterprise): अपने व्यवसाय/फर्म का नाम डालें। यह नाम सर्टिफिकेट पर छपेगा।
- इकाई जोड़ें (Add Unit): यहां पर आप अपने व्यवसाय की इकाई (Unit) यानी कार्यस्थल/कारखाने का नाम और पता डालेंगे। अगर आपके एक से ज्यादा कार्यस्थल हैं तो हर एक को अलग-अलग जोड़ सकते हैं।
- इकाई का नाम डालें (अक्सर फर्म का नाम ही होता है)।
- “Add Plant Address” पर क्लिक करके संयंत्र/कार्यालय का पूरा पता दर्ज करें – गांव/शहर, जिला, राज्य, पिन कोड।
- अधिकारिक पता (Official Address) भी डालें (यदि यह अलग है)।
- “Get Latitude & Longitude” पर क्लिक करें। एक मैप खुलेगा, अपने कार्यस्थल के आसपास के एरिया पर क्लिक करके अक्षांश और देशांतर सेट करें।
- उद्यमी की स्थिति (Status of Entrepreneur): व्यवसाय शुरू करने की तिथि (Date of Commencement) चुनें। अगर व्यवसाय पहले से चल रहा है तो “पहले से परिचालन में” का विकल्प चुनें।
स्टेप 6: बैंक विवरण और व्यावसायिक गतिविधि
- बैंक विवरण (Bank Details): अपने व्यवसाय या व्यक्तिगत बैंक खाते का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड डालें। करंट अकाउंट होना अनिवार्य नहीं है, बचत खाता भी चलेगा।
- मुख्य व्यावसायिक गतिविधि (Major Activity): सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक। यहां चुनें कि आप निर्माण (Manufacturing) करते हैं या सेवा (Service) प्रदान करते हैं।
- अगर आप कोई वस्तु बनाते/उत्पादन करते हैं तो “निर्माण” चुनें।
- अगर आप व्यापार (Trade) या सेवा (Service) का कार्य करते हैं तो “सेवा” चुनें।
- एनआईसी कोड (NIC Code): यह आपके व्यवसाय का राष्ट्रीय औद्योगिक कोड है। ड्रॉपडाउन से अपने व्यवसाय से मेल खाता कोड चुनें।
- पहले 2-अंकीय मुख्य श्रेणी चुनें (जैसे: “10 – खाद्य उत्पादों का निर्माण”, “62 – कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, परामर्श सेवाएं”)।
- फिर 4-अंकीय और 5-अंकीय विस्तृत कोड चुनें।
- अगर सटीक कोड नहीं मिल रहा है तो “अन्य (Other)” का विकल्प चुन सकते हैं।
- एक से अधिक गतिविधियां “Add Activity” बटन से जोड़ सकते हैं।
स्टेप 7: निवेश, टर्नओवर और रोज़गार विवरण
- कर्मचारियों की संख्या (Number of Persons Employed): पुरुष, महिला और अन्य श्रेणी में अपने यहां काम करने वाले लोगों की संख्या डालें। अगर अभी कोई नहीं है तो 0 डाल सकते हैं।
- प्लांट एवं मशीनरी/उपकरण में निवेश (Investment in Plant & Machinery/Equipment): यह निवेश आपके MSME वर्गीकरण (माइक्रो/लघु/मध्यम) को निर्धारित करेगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित निवेश राशि डालें। अगर नहीं है तो 0 डाल सकते हैं।
- वार्षिक टर्नओवर (Annual Turnover): पिछले वित्तीय वर्ष का टर्नओवर डालें। अगर व्यवसाय नया है या टर्नओवर नहीं है तो 0 डालें। टर्नओवर भी वर्गीकरण का आधार है।
स्टेप 8: अंतिम समीक्षा और सबमिशन
- पोर्टल आपको कुछ अन्य सरकारी योजनाओं (जैसे GeM, TREDS, NCS) के लिए ऑप्ट-इन का विकल्प दे सकता है। आप मुफ्त में इनका लाभ उठाने के लिए “Yes” चुन सकते हैं।
- जिला उद्योग केंद्र (DIC) का चयन स्वतः आपके पते के आधार पर हो जाएगा।
- सबसे पहले, “Submit & Get Final OTP” पर क्लिक करने से पहने पूरा फॉर्म एक बार ध्यान से ज़रूर पढ़ लें।
- फिर “Submit & Get Final OTP” पर क्लिक करें।
- आपके दर्ज किए गए मोबाइल नंबर और ईमेल पर एक OTP आएगा। उसे डालकर “Validate OTP & Final Submit” पर क्लिक करें।
- एक अंतिम चेतावनी दिखाई देगी। “OK” पर क्लिक करने के बाद, आपका उद्यम आधार नंबर (Udyam Registration Number) जनरेट हो जाएगा और स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे नोट कर लें या कॉपी कर लें।
बधाई हो! आपका उद्यम आधार पंजीकरण सफलतापूर्वक जमा हो चुका है।
MSME सर्टिफिकेट कैसे डाउनलोड और प्रिंट करें?
रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के तुरंत बाद आप सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
- पोर्टल के होमपेज पर जाएं या उसी स्क्रीन पर “Print Certificate” के विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना उद्यम आधार नंबर और पंजीकृत मोबाइल/ईमेल से OTP डालकर लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड में “Print Certificate” का विकल्प दिखेगा।
- यहां दो विकल्प हैं:
- Print: सिर्फ प्रमाणपत्र का पहला पेज प्रिंट होगा।
- Print with Annexure: तीन-पेज का पूरा सर्टिफिकेट प्रिंट होगा। बैंक या अन्य औपचारिक कार्यों के लिए आपको इसी “Print with Annexure” वाले सर्टिफिकेट की आवश्यकता होगी।
- “Save as PDF” का विकल्प चुनकर आप इसे अपने कंप्यूटर/मोबाइल में सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत के समय प्रिंट निकाल सकते हैं।
महत्वपूर्ण टिप्स और सावधानियाँ
- ट्रेडिंग vs सेवा/निर्माण: अगर आपका मुख्य कार्य सिर्फ व्यापार (Trading) है, तो MSME पंजीकरण के कई लाभ (जैसे सब्सिडी, टैक्स छूट) आपको नहीं मिल पाएंगे। मुख्य लाभ प्राथमिकता क्षेत्र ऋण तक सीमित रहेगा। सेवा या निर्माण इकाई बनाने पर विचार करें।
- आँकड़ों में सटीकता: निवेश और टर्नओवर के आँकड़े सही और यथार्थवादी रखें। भविष्य में इनमें बदलाव करना संभव है, लेकिन अतिशयोक्ति से बचें।
- सर्टिफिकेट का उपयोग: प्राप्त सर्टिफिकेट को अपने कार्यालय/दुकान पर फ्रेम करके लगाएं। यह ग्राहकों और अधिकारियों के सामने आपकी विश्वसनीयता बढ़ाता है।
- नियमित अद्यतन: टर्नओवर बढ़ने या निवेश बदलने पर पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी जानकारी अपडेट करते रहें।
निष्कर्ष
MSME/Udyam रजिस्ट्रेशन भारत के छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली एक शक्तिशाली और निःशुल्क सुविधा है। इसे प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और आसान है। इस ब्लॉग पोस्ट में दिए गए स्टेप्स का पालन करके आप केवल 10-15 मिनट में अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं और सरकारी योजनाओं के द्वार खोल सकते हैं।
अपने व्यवसाय को मजबूत बनाने, ऋण सुविधा पाने और एक मान्यता प्राप्त पहचान हासिल करने के लिए आज ही उद्यम आधार पंजीकरण करें।
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अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। नियमों में बदलाव हो सकते हैं। आधिकारिक नियमों और अपडेट के लिए हमेशा https://udyamregistration.gov.in वेबसाइट देखें।

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