क्या आपकी कार कम चलती है? Pay As You Drive इंश्योरेंस से सालाना हजारों रुपये बचाएं। जानें यह पॉलिसी कैसे काम करती है, किसके लिए है फायदेमंद और कार मेंटेनेंस के ऐसे टिप्स जो और बचत दिलाएंगे।

सालाना कार खर्च घटाने का स्मार्ट फॉर्मूला: ‘Pay As You Drive’ इंश्योरेंस और आसान मेंटेनेंस टिप्स
क्या आपकी कार ज्यादातर समय गैराज में ही खड़ी रहती है? क्या आप वर्क-फ्रॉम-होम करते हैं या सिर्फ वीकेंड पर ही ड्राइव करते हैं? अगर हाँ, तो आप हर साल अपनी कार के इंश्योरेंस पर अनावश्यक रूप से हजारों रुपये ज्यादा खर्च कर रहे हैं। अब समय आ गया है कार खर्च कम करने के आधुनिक फॉर्मूले ‘Pay As You Drive’ (PAYD) इंश्योरेंस को अपनाने का। यह नई तरह की पॉलिसी आपकी ड्राइविंग हैबिट्स के हिसाब से प्रीमियम तय करती है और इसके साथ ही कुछ आसान मेंटेनेंस टिप्स अपनाकर आप साल भर में एक बड़ी रकम बचा सकते हैं।
क्या है ‘Pay As You Drive’ कार इंश्योरेंस?
पारंपरिक इंश्योरेंस में, चाहे आप साल में 5,000 किमी चलाएं या 15,000 किमी, प्रीमियम लगभग एक जैसा ही होता है। PAYD या ‘उपयोग-आधारित बीमा’ (Usage-Based Insurance) इस असमानता को दूर करता है। इसमें आपका प्रीमियम सीधे तौर पर आपके द्वारा साल में तय की गई दूरी पर निर्भर करता है। सरल शब्दों में: जितना कम चलाओगे, उतना कम प्रीमियम दोगे।
यह पॉलिसी कैसे काम करती है?
भारतीय बीमा नियामक (IRDAI) द्वारा अनुमोदित यह मॉडल अब कई कंपनियों द्वारा पेश किया जा रहा है। आमतौर पर दो तरीके हैं:
1. पूर्व-निर्धारित किलोमीटर पैक पॉलिसी खरीदते समय आप सालाना दूरी का एक पैक चुनते हैं (जैसे 3,000 किमी, 5,000 किमी या 7,500 किमी)। इस सीमा के भीतर ड्राइविंग पर एक निश्चित प्रीमियम लगता है।
2. ट्रैकिंग-आधारित: कुछ कंपनियां आपकी कार में एक टेलीमैटिक्स डिवाइस या मोबाइल ऐप के जरिए वास्तविक ड्राइविंग को ट्रैक करती हैं। आप केवल उतने किलोमीटर का भुगतान करते हैं, जितना आपने वास्तव में चलाया।
> महत्वपूर्ण: यदि आपने चुनी हुई सीमा से अधिक ड्राइव कर ली, तो आपको अतिरिक्त किलोमीटर के लिए ‘टॉप-अप’ प्रीमियम देना होगा।
किसके लिए है यह सबसे ज्यादा फायदेमंद?
अगर आप नीचे दी गई श्रेणियों में आते हैं, तो PAYD आपके लिए एकदम सही विकल्प हो सकता है:
* वर्क-फ्रॉम-होम/हाइब्रिड वर्कर्स: जिनकी ऑफिस जाने की दिनचर्या खत्म हो गई है।
* सेकेंडरी कार के मालिक: जो कार शहर में कम या केवल जरूरत पड़ने पर चलती है।
* रिटायर्ड व्यक्ति: जिनकी नियमित ड्राइविंग सीमित हो गई है।
* वीकेंड ड्राइवर्स: जो सिर्फ छुट्टियों या शॉपिंग के लिए ही कार निकालते हैं।
* कम माइलेज वाले ड्राइवर्स: सालाना 7,000 किमी से कम चलाने वाले।
कितनी बचत हो सकती है? एक उदाहरण
मान लीजिए, आपकी कार का रेगुलर कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस प्रीमियम ₹15,000 सालाना है। अगर आप साल में सिर्फ ~5,000 किमी ही चलाते हैं, तो PAYD पॉलिसी पर आपका प्रीमियम ₹10,000 – ₹11,000 तक आ सकता है। यानी, बिना किसी कवरेज को छोड़े, आपको सीधे ₹4,000-₹5,000 की बचत होगी।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
1. ट्रैकिंग और प्राइवेसी: कुछ पॉलिसियों में ड्राइविंग पैटर्न (समय, स्पीड आदि) ट्रैक किया जा सकता है। टर्म्स को ध्यान से पढ़ें।
2. टॉप-अप का खर्च: सीमा से अधिक चलाने पर अतिरिक्त प्रीमियम देना पड़ सकता है, जो प्रति किमी के हिसाब से महंगा हो सकता है।
3. उपलब्धता: सभी इंश्योरर या सभी शहरों में यह विकल्प उपलब्ध नहीं हो सकता है।
4. कवरेज:बुनियादी कवरेज (थर्ड-पार्टी, ओन डैमेज, थेफ्ट) रेगुलर पॉलिसी जैसा ही मिलता है, लेकिन एड-ऑन राइडर्स पर ध्यान दें।
इंश्योरेंस के अलावा: 5 आसान मेंटेनेंस टिप्स जो और बचाएंगे हजारों
अपनी कार की सालाना लागत घटाने के लिए सिर्फ स्मार्ट इंश्योरेंस ही काफी नहीं है, नियमित और सही देखभाल से भी आप काफी बड़ी बचत कर सकते हैं। यहाँ पाँच विस्तृत टिप्स दिए गए हैं जिन पर अमल करके आप हजारों रुपये बचा सकते हैं:
1. टायर प्रेशर का नियमित चेकअप: हर दो सप्ताह में टायरों के हवा के दबाव (प्रेशर) को मैन्युफैक्चरर द्वारा सुझाए गए स्तर पर बनाए रखें। सही प्रेशर रोलिंग रेजिस्टेंस कम करता है, जिससे ईंधन दक्षता (फ्यूल एफिशिएंसी) 3-5% तक बेहतर होती है और टायरों का जीवनकाल भी बढ़ता है। इस आदत से आप लगभग ₹2,000 से ₹4,000 प्रति वर्ष ईंधन और टायर के खर्च में बचत कर सकते हैं।
2. सहज और स्मूद ड्राइविंग आदतें: अचानक जोर से ब्रेक लगाने, तेजी से एक्सलरेट करने और अनावश्यक रूप से हाई रेव्स पर गाड़ी चलाने से बचें। ये आदतें इंजन और ब्रेक सिस्टम पर अनावश्यक दबाव डालती हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है और पुर्जों का घिसाव तेज होता है। शांत और पूर्वानुमानित ड्राइविंग से आप लगभग ₹1,500 से ₹3,000 प्रति वर्ष ईंधन में बचा सकते हैं।
3. निर्धारित समय पर नियमित सर्विसिंग: कार निर्माता द्वारा बताए गए किलोमीटर या महीने के अनुसार समय पर पूरी सर्विस करवाएँ। इसमें इंजन ऑयल, ऑयल फिल्टर, एयर फिल्टर, स्पार्क प्लग्स आदि की जाँच और बदलाव शामिल है। यह छोटा निवेश बड़ी और महंगी मैकेनिकल खराबियों को रोकता है, जिससे आप ₹3,000 से ₹8,000 प्रति वर्ष तक की संभावित मरम्मत लागत से बच जाते हैं।
4. कार से अनावश्यक वजन हटाएँ: अपनी कार के ट्रंक या केबिन में रखे बेकार सामान (जैसे पुराने खेल का सामान, किताबों के डिब्बे, बोतलों का संग्रह) को निकाल दें। हर अतिरिक्त 50 किलोग्राम वजन आपकी कार की ईंधन दक्षता को लगभग 1-2% कम कर सकता है। इस साधारण से उपाय से आप प्रति वर्ष ₹1,000 से ₹2,000 तक की बचत कर सकते हैं।
5. एयर-कंडीशनर का समझदारी से उपयोग: यातायात वाले शहरी रास्तों पर, जहाँ गति कम है, खिड़कियाँ खोलकर चलना अधिक किफायती हो सकता है। हालाँकि, हाईवे पर तेज गति (80 km/h से अधिक) पर खिड़कियाँ खोलने से हवा का प्रतिरोध बढ़ता है, जिससे AC चलाने से ज्यादा ईंधन खपत हो सकती है। ऐसी स्थितियों में AC चलाना बेहतर है। इस रणनीतिक उपयोग से आप सालाना ₹1,000 से ₹2,500 तक बचत कर सकते हैं।
इन पाँचों उपायों को मिलाकर, एक सावधानीपूर्वक और जागरूक कार मालिक हर साल कुल ₹8,500 से लेकर ₹19,500 या उससे भी अधिक की कुल बचत कर सकता है। यह बचत न केवल आपके मासिक बजट को राहत देती है बल्कि आपकी कार के जीवनकाल को भी बढ़ाती है।
निष्कर्ष: क्या आपको यह पॉलिसी लेनी चाहिए?
हाँ, अगर: आपकी ड्राइविंग आदतें स्पष्ट रूप से सीमित हैं और आप अपने माइलेज पर नजर रख सकते हैं। यह आपके लिए एक स्मार्ट और किफायती विकल्प है।
नहीं, अगर: आप नियमित रूप से लंबी दूरी तय करते हैं, परिवार के कई सदस्य कार चलाते हैं, या आप अपनी ड्राइविंग को ट्रैक करवाने में सहज नहीं हैं। ऐसे में एक रेगुलर कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी ही सरल और सुरक्षित विकल्प रहेगी।
‘Pay As You Drive’ इंश्योरेंस भारत में कार मालिकों के लिए वित्तीय बुद्धिमानी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। थोड़ी सी प्लानिंग और जागरूकता से आप इंश्योरेंस और मेंटेनेंस मिलाकर हर साल ₹15,000 से ₹25,000 तक बचा सकते हैं। यह बचत आपकी अगली सर्विसिंग, फ्यूल या किसी अन्य जरूरत के काम आ सकती है।
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