लोन और क्रेडिट कार्ड से डरते हैं? जानें कैसे अमीर लोन का इस्तेमाल कर अमीर बनते हैं और गरीब लोन लेकर गरीब होते हैं। पूरा गणित समझें इस ब्लॉग में।

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मेरा एक दोस्त था, जब उसकी सैलरी महज ₹25,000 हुआ करती थी, तब वह अपनी गर्लफ्रेंड को दिल्ली के साकेत इलाके में पीवीआर गोल्ड में फिल्म दिखाने ले जाता था। एक शो पर वह ₹2,000 खर्च कर देता था। सोचिए, जिस आदमी की सैलरी ₹25,000 हो और वह ₹2,000 अपनी गर्लफ्रेंड पर एक शो में उड़ा दे, उसे आप क्या कहेंगे? बेवकूफ? आने वाले समय में उसकी आर्थिक स्थिति क्या होगी? फटीचर होगा? पैसे उसी समय इतने उड़ाता था तो बर्बाद हो गया होगा? लेकिन आज वह करोड़पति है। हाँ! अब आप पूछेंगे, ऐसा कैसे हुआ? बताता हूँ, लेकिन उससे पहले एक सवाल।
नियम तोड़ना क्या हमेशा गलत है?
अगर मैं पूछूं: “किसी निहत्थे आदमी को मारना युद्ध में सही है या गलत?” आप कहेंगे—गलत। लेकिन महाभारत में, जब कर्ण निहत्था था, श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा: “इसको मारो, यही समय है।” अर्जुन ने कहा: “यह निहत्था है, निहत्थे को कैसे मारूँ?” तो श्री कृष्ण ने जवाब दिया: “इसने तुम्हारे बेटे अभिमन्यु को निहत्थे ही मारा था। जिसने अधर्म किया हो, उसे इस तरह मारना पाप नहीं है।”
एक और उदाहरण: नियम तोड़ना क्या गलत है? हमें बचपन से सिखाया गया है—नियम नहीं तोड़ने चाहिए। लेकिन महाभारत में श्री कृष्ण ने ही नियम तोड़े थे। जैसे, भीम के पुत्र घटोत्कच (राक्षस) को युद्ध में बुलाया, जबकि नियम था कि राक्षसों को शामिल नहीं किया जा सकता। क्यों? क्योंकि दुर्योधन ने रात के अंधेरे में पांडवों पर हमला किया था—जो नियम विरुद्ध था। श्री कृष्ण ने कहा: “जो लोग अधर्मी हैं, उनके साथ अधर्म करना भी धर्म है।”
मैं क्या समझाना चाह रहा हूँ?
जिंदगी में वे लोग जो बहुत ज्यादा नियमों या कहावतों से बंधे रहते हैं, वे अक्सर पीछे रह जाते हैं। कोई भी नियम या कहावत एक सीमा तक ही सही होती है। उसे हर जगह लागू नहीं किया जा सकता।
ठीक इसी तरह, आज का टॉपिक है: लोन और क्रेडिट कार्ड।
लोन और क्रेडिट कार्ड: शत्रु या मित्र?
आम आदमी के बारे में हमेशा कहा जाता है: “लोन से बचो, क्रेडिट कार्ड से दूर रहो, फाड़ डालो, फेंक दो—यह बर्बाद कर देगा!” क्या यह सच है? आज के इस सेशन में, मैं यही बात करूँगा: लोन और क्रेडिट कार्ड की वजह से अमीर कैसे बना जा सकता है?
गणित समझें: लोन बनाम निवेश
मान लीजिए:
- आदमी A ने ₹50 लाख का लोन लिया, 11% ब्याज दर पर, 20 साल के लिए।
- आदमी B ने ₹50 लाख म्यूचुअल फंड (लॉन्ग टर्म) में निवेश किया, 11% रिटर्न दर पर, 20 साल के लिए।
सवाल: क्या दोनों को 20 साल बाद मिलने वाला रिटर्न या देनदारी समान होगी?
10 में से 9 लोग कहेंगे: “हाँ, बिल्कुल समान होगा। रेट समान है, समय समान है, तो रिटर्न भी समान ही होगा।”
लेकिन ऐसा नहीं है!
कैलकुलेशन:
- लोन वाला आदमी (आदमी A):
₹50 लाख, 11% ब्याज, 20 साल।
टोटल देय राशि = ₹1,23,86,000 (लगभग सवा करोड़)।
यानी, उसने बैंक को ₹50 लाख के बदले सवा करोड़ वापस किया। - निवेश वाला आदमी (आदमी B):
₹50 लाख, 11% रिटर्न, 20 साल।
टोटल मिलने वाली राशि = ₹4,00,00,000 (चार करोड़)।
यह अंतर क्यों?
इसके पीछे तीन अवधारणाएं हैं:
- रिड्यूसिंग ब्याज (लोन में)
- फ्लैट ब्याज (कुछ लोन में)
- चक्रवृद्धि ब्याज (निवेश में)
1. रिड्यूसिंग ब्याज क्या है?
जब आप लोन लेते हैं, तो हर महीने की ईएमआई में कुछ मूलधन चुकता होता रहता है। अगले महीने ब्याज की गणना शेष मूलधन पर होती है।
उदाहरण: ₹5 लाख का लोन, 10% ब्याज।
पहले साल ब्याज ₹5 लाख पर।
दूसरे साल मूलधन घटकर ₹4 लाख रह गया, तो ब्याज ₹4 लाख पर।
इसे रिड्यूसिंग ब्याज कहते हैं। ज्यादातर होम लोन, पर्सनल लोन इसी पर काम करते हैं।
2. फ्लैट ब्याज क्या है?
इसमें ब्याज की गणना पूरे मूलधन पर लोन की अवधि तक एकसमान रहती है।
उदाहरण: ₹5 लाख का लोन, 10% फ्लैट ब्याज, 5 साल के लिए।
हर साल ब्याज = ₹5 लाख का 10% = ₹50,000।
5 साल में कुल ब्याज = ₹2,50,000।
सावधान! कई बार बाइक लोन, पर्सनल लोन फ्लैट ब्याज पर दिए जाते हैं, जो ग्राहक के लिए नुकसानदायक है। लोन लेते समय हमेशा पूछें: “यह रिड्यूसिंग है या फ्लैट?”
3. चक्रवृद्धि ब्याज (निवेश में)
यह ब्याज पर ब्याज का सिद्धांत है।
उदाहरण: ₹5 लाख का निवेश, 10% रिटर्न।
पहले साल के अंत में राशि = ₹5,50,000।
दूसरे साल ब्याज ₹5,50,000 पर लगेगा।
इस तरह राशि बढ़ती चली जाती है। म्यूचुअल फंड, एफडी, स्टॉक मार्केट—सभी चक्रवृद्धि ब्याज के सिद्धांत पर काम करते हैं।
इसीलिए लोन में सवा करोड़ और निवेश में चार करोड़ का अंतर आया!
लोन लेकर निवेश करना चाहिए या नहीं?
बहुत से लोग पूछते हैं: “क्या लोन लेकर स्टॉक या म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए?”
जवाब:
- लॉन्ग टर्म निवेश (20-25 साल) के लिए लोन लेकर निवेश न करें।
कारण: बीच में ईएमआई का बोझ रहेगा, और रिटर्न तुरंत नहीं मिलेगा। यह सिरदर्द बन सकता है। - शॉर्ट टर्म अवसर के लिए लोन लिया जा सकता है।
उदाहरण: कोई व्यक्ति मजबूरी में ₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी ₹60 लाख में बेच रहा है। आप लोन लेकर ₹60 लाख में खरीद लेते हैं, और 6 महीने बाद ₹90 लाख में बेच देते हैं। इस शॉर्ट टर्म अवसर में लोन फायदेमंद है।
अमीर लोग लोन का उपयोग कैसे करते हैं?
मैंने हाल ही में एक ऑफिस खरीदा। कीमत ₹50 लाख। मैं पूरी रकम एकमुश्त दे सकता था, लेकिन मैंने जानबूझकर लोन लिया। क्यों?
- लोन ब्याज दर = 9%
- वही ₹50 लाख मैंने अपने व्यवसाय में लगा दिए, जहाँ रिटर्न 20-25% है।
- अगर मैं पूरी रकम बिल्डर को दे देता, तो ₹50 लाख ब्लॉक हो जाते। अब मैं बैंक को 9% ब्याज दे रहा हूँ, लेकिन अपने व्यवसाय से 25% कमा रहा हूँ। यही अमीरों की सोच है!
नौकरीपेशा लोग क्या करें?
आपके पास कोई व्यवसाय नहीं है, तो क्या करें?
मान लीजिए, आपने ₹50 लाख जमा किए हैं, और आप घर खरीदना चाहते हैं। हमारे बुजुर्ग कहेंगे: “पूरी रकम एकमुश्त दे दो।”
लेकिन मेरी सलाह है: लोन लें, और अपनी बचत को निवेश में लगाएं।
उदाहरण:
- घर की कीमत = ₹50 लाख
- लोन ब्याज = 10%
- आपकी बचत ₹50 लाख को म्यूचुअल फंड (इंडेक्स फंड) में निवेश करें, जहाँ लॉन्ग टर्म रिटर्न 15% के आसपास है।
- आप लोन पर 10% ब्याज दे रहे हैं, लेकिन निवेश पर 15% कमा रहे हैं। यह पॉजिटिव कैश फ्लो है!
गाड़ी खरीदने का उदाहरण
अमीर लोग करोड़ों की संपत्ति के मालिक होते हुए भी ₹50 लाख की गाड़ी के लिए लोन लेते हैं। क्यों?
क्योंकि उन्हें पता है कि गाड़ी के लोन पर ब्याज 12% है, लेकिन उनका व्यवसाय 20-25% रिटर्न दे रहा है। वे लोन का पैसा व्यवसाय में लगाकर अधिक कमाते हैं।
लोन और क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग
- क्रेडिट कार्ड:
- इसे कैश के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करें, उधार के रूप में नहीं।
- बिल का पूरा भुगतान समय पर करें, नहीं तो 30-40% ब्याज लगेगा।
- रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक का फायदा उठाएं।
- लोन:
- गुड लोन: होम लोन (प्रॉपर्टी), एजुकेशन लोन (भविष्य में रिटर्न), बिजनेस लोन (रिटर्न जनरेट करे)।
- बैड लोन: लग्जरी आइटम्स (कार, गैजेट) के लिए लोन, जब तक कि वह आपकी आय बढ़ाने में मदद न करे।
निष्कर्ष
अमीर और गरीब के बीच का अंतर सिर्फ पैसे से नहीं, सोच से है:
- गरीब/मिडिल क्लास: लोन लेता है लग्जरी या जरूरतों के लिए (जैसे: कार, शादी, घरेलू सामान)।
- अमीर वर्ग: लोन लेता है संपत्ति या व्यवसाय बढ़ाने के लिए (जैसे: प्रॉपर्टी, मशीनरी, नई यूनिट)।
लोन एक टूल है। इसका सही या गलत उपयोग आपकी सोच पर निर्भर करता है। जो लोन को समझकर इस्तेमाल करते हैं, वे अमीर बनते हैं। जो बिना सोचे इस्तेमाल करते हैं, वे कर्ज के जाल में फँस जाते हैं।
याद रखें:
“नियम तोड़ना हमेशा गलत नहीं होता, बशर्ते आपकी मंशा और गणित सही हो।”
तो अगली बार जब कोई कहे “लोन लेना बुरा है”, तो उसे यह गणित समझाएँ। क्योंकि लोन और क्रेडिट कार्ड अगर समझदारी से इस्तेमाल किए जाएँ, तो ये आपको अमीर बनाने का जरिया बन सकते हैं!

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