गिफ्ट टैक्स 2026: जानिए किन गिफ्ट पर लगता है टैक्स, ₹50,000 की सीमा का नियम, रिश्तेदारों की लिस्ट, शादी पर छूट, वसीयत और विरासत के नियम। पूरी जानकारी

अक्सर हम अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, बिना इस बात पर गौर किए कि यह पैसा टैक्स के दायरे में भी आ सकता है। न सिर्फ नकद गिफ्ट, बल्कि किसी भी संपत्ति (एसेट) को ट्रांसफर करने पर भी टैक्स लग सकता है। इसलिए, गिफ्ट टैक्स के बारे में हर किसी को जानना बेहद जरूरी है।
तो सवाल उठता है कि गिफ्ट टैक्स कब लगता है? किन मामलों में छूट मिलती है? और अगर गिफ्ट टैक्स लागू होता है, तो यह कितना होता है? आइए, आज इस वीडियो (और अब इस ब्लॉग पोस्ट) में हम इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानेंगे।
क्या है गिफ्ट की परिभाषा? (Definition of Gift)
सबसे पहले, जब हम गिफ्ट टैक्स की बात करते हैं, तो हमें इनकम टैक्स के नजरिए से यह समझना होगा कि गिफ्ट आखिर है क्या। इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार, गिफ्ट की परिभाषा काफी सरल है:
“कोई भी संपत्ति या रकम जिसके लिए हमने कोई बदला (कंसीडरेशन) नहीं दिया है, यानी जिसके बदले में हमने कोई पैसा नहीं चुकाया है, उसे इनकम टैक्स के नजरिए से गिफ्ट माना जाता है।”
गिफ्ट मुख्य रूप से तीन तरह के हो सकते हैं:
- नकद गिफ्ट (Monetary Gift): अगर आपको किसी से सीधे नकद, चेक, या ड्राफ्ट के रूप में पैसे मिले हैं, तो इसे नकद गिफ्ट कहेंगे।
- चल संपत्ति (Movable Property): इसमें टीवी, फ्रिज या गैजेट जैसी चीजें नहीं गिनी जातीं। इसमें केवल कैपिटल एसेट्स (पूंजीगत संपत्ति) को शामिल किया जाता है, जैसे:
- शेयर और सिक्योरिटीज
- आभूषण (ज्वैलरी)
- कलाकृतियां (आर्टवर्क)
- सोना
- अचल संपत्ति (Immovable Property): यह बहुत सरल है। इसमें जमीन, इमारत या दोनों शामिल हैं।
खास बात: हो सकता है कि किसी चल या अचल संपत्ति के लिए आपने कुछ पैसे चुकाए हों, लेकिन उसकी उचित बाजार कीमत (Fair Market Value) का 100% न चुकाया हो। मान लीजिए, किसी संपत्ति की कीमत ₹10 लाख है, लेकिन आपने उसके लिए केवल ₹5 लाख दिए, तो बाकी के ₹5 लाख (जो आपने नहीं दिए) को गिफ्ट माना जाएगा और वह टैक्स के दायरे में आ सकता है।
कब लगता है गिफ्ट टैक्स? (When is Gift Tax Applicable?)
अगर हमें उपरोक्त परिभाषा के अनुसार कोई गिफ्ट मिलता है, तो वह टैक्स के दायरे में आ सकता है। लेकिन कुछ छूट (Exemptions) भी हैं, जिनके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे।
₹50,000 की सीमा का नियम
- एक वित्तीय वर्ष में आपको किसी भी व्यक्ति से मिलने वाले सभी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू अगर ₹50,000 से कम है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
- लेकिन, अगर एक साल में मिले सभी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो पूरे ₹50,000+ रुपये पर टैक्स लगेगा।
उदाहरण के लिए:
- मान लीजिए आपने एक दोस्त से ₹40,000 उधार लिए या गिफ्ट के तौर पर लिए। इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
- लेकिन उसी साल आपने किसी और दोस्त से ₹30,000 और ले लिए। अब आपको कुल ₹70,000 (40,000 + 30,000) का गिफ्ट मिला है।
- चूंकि यह रकम ₹50,000 की सीमा से ज्यादा है, इसलिए पूरे ₹70,000 पर टैक्स लगेगा, न कि सिर्फ ₹20,000 पर।
टैक्स कैसे लगता है?
आपको मिले सभी गिफ्ट्स की कुल रकम सीधे आपकी कुल आय में जोड़ दी जाती है। इसे ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज’ (Income from Other Sources) के तहत दिखाया जाता है। इसके बाद आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से आप पर टैक्स लगता है।
महत्वपूर्ण: अगर आपको किसी दोस्त से पैसे मिलते हैं, तो थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। आपको इसे अपने ITR में घोषित करना होगा। आपका CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) यह भी पूछेगा कि यह पैसा किस रूप में मिला है।
- अगर यह लोन है (जो आपको लौटाना है), तो इसे लोन के रूप में दिखाएं।
- अगर यह गिफ्ट है (जो आपको लौटाना नहीं है), तो उस पर गिफ्ट टैक्स लागू होगा।
गिफ्ट टैक्स में छूट (Exemptions from Gift Tax)
अब बात करते हैं उन खास मामलों की, जिनमें मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
1. रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट (100% छूट)
अगर आपको अपने किसी रिश्तेदार से गिफ्ट मिलता है, तो उस पर 100% टैक्स छूट है। लेकिन यहां ‘रिश्तेदार’ की परिभाषा काफी व्यापक है। इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार निम्नलिखित लोग आपके रिश्तेदार माने जाते हैं:
- पति या पत्नी (स्पाउज)
- भाई-बहन (खुद के)
- पति या पत्नी के भाई-बहन
- माता-पिता के भाई-बहन (अपने चाचा, चाची, मौसी, मामा)
- रैखिक पूर्वज (Lineal Ascendants): माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, परदादा-परदादी वगैरह।
- रैखिक वंशज (Lineal Descendants): बेटा-बेटी, पोता-पोती, परपोता-परपोती वगैरह।
- उपरोक्त सभी लोगों के पति या पत्नी (जैसे आपके भाई की पत्नी, आपकी बहन का पति)
यानी रिश्तेदारों की एक बहुत लंबी चेन है, जिनसे आप बिना किसी टैक्स के कितनी भी रकम गिफ्ट के तौर पर ले सकते हैं।
2. शादी के मौके पर मिला गिफ्ट
अगर किसी व्यक्ति की शादी हो रही है, तो उसे शादी के अवसर पर किसी से भी (चाहे रिश्तेदार हो या दोस्त) असीमित (unlimited) गिफ्ट मिल सकते हैं और उन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
हालांकि, अन्य अवसरों जैसे जन्मदिन, सालगिरह या किसी और इवेंट पर अगर आपको दोस्तों से गिफ्ट मिलते हैं, तो वे टैक्स के दायरे में आएंगे। (बेशक, रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर किसी भी अवसर पर टैक्स नहीं है।)
3. विरासत या वसीयत (Inheritance & Will) में मिली संपत्ति
- विरासत (Inheritance): अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके कानूनी वारिस (Legal Heirs – बच्चे, पत्नी, माता-पिता) को जो संपत्ति मिलती है, उस पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं लगता।
- वसीयत (Will): अगर मृतक ने वसीयत छोड़ी है, तो उस वसीयत के अनुसार जिस किसी को भी संपत्ति मिलती है, उस पर भी कोई टैक्स नहीं लगता।
खास बात: वसीयत के मामले में, कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति किसी को भी दे सकता है, चाहे वह खून का रिश्ता न हो। इसका सबसे मशहूर उदाहरण हमने रतन टाटा जी के निधन के बाद देखा। जब उनकी वसीयत खुली, तो पता चला कि उन्होंने अपने कुक को ₹1 करोड़ दिए थे। चूंकि यह रकम वसीयत के तहत मिली थी, इसलिए उस पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं लगेगा।
4. निर्धारित संस्थाओं से मिला गिफ्ट
अगर आपको कुछ खास रजिस्टर्ड संस्थाओं से गिफ्ट मिलता है, जैसे कि यूनिवर्सिटी, अस्पताल, मेडिकल इंस्टीट्यूशंस, फंड्स या ट्रस्ट, जो सूचीबद्ध हैं, तो उस पर भी गिफ्ट टैक्स लागू नहीं होता है।
जब कीमत से कम पर कोई संपत्ति खरीदें
जैसा कि हमने शुरुआत में बताया, अगर आप किसी संपत्ति को उसकी उचित कीमत से कम पर खरीदते हैं, तो अंतर (डिफरेंस) गिफ्ट माना जाता है।
अचल संपत्ति (इमारत/जमीन) के मामले में
- मान लीजिए किसी प्रॉपर्टी का स्टांप ड्यूटी वैल्यू ₹46 लाख है।
- आपने वह प्रॉपर्टी ₹40 लाख में खरीदी।
- तो अंतर = ₹6 लाख (46 लाख – 40 लाख)
- यह ₹6 लाख गिफ्ट माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा। लेकिन यहां एक शर्त है।
- अगर यह अंतर, स्टांप ड्यूटी वैल्यू के 10% से कम या ₹50,000 (जो भी कम हो) के अंदर है, तो टैक्स नहीं लगेगा। हमारे उदाहरण में:
- ₹46 लाख का 10% = ₹4.6 लाख
- अंतर ₹6 लाख है, जो ₹4.6 लाख से ज्यादा है। इसलिए पूरे ₹6 लाख पर टैक्स लगेगा।
चल संपत्ति (सोना/शेयर) के मामले में
- मान लीजिए आपको किसी दोस्त से ₹2 लाख के आभूषण मिले और आपने उसके बदले कुछ नहीं दिया।
- अगर यह रिश्तेदार नहीं है, तो पूरे ₹2 लाख पर टैक्स लगेगा।
- लेकिन अगर आपने उन आभूषणों के लिए ₹1 लाख दे दिए, तो बाकी का ₹1 लाख (अंतर) गिफ्ट माना जाएगा।
- यहां ध्यान देने वाली बात है: अगर यह अंतर ₹500 से कम है, तो टैक्स नहीं लगेगा।
निष्कर्ष और सलाह
गिफ्ट टैक्स एक ऐसा विषय है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिससे बाद में टैक्स नोटिस और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
- हमेशा ध्यान रखें कि दोस्तों और गैर-रिश्तेदारों से मिले ₹50,000 से अधिक के गिफ्ट टैक्सेबल हैं।
- परिवार के सदस्यों से मिले गिफ्ट पर पूरी छूट है।
- कम कीमत पर खरीदी गई संपत्ति पर अंतर को गिफ्ट माना जाता है।
- वसीयत और विरासत में मिली संपत्ति पर कोई टैक्स नहीं।
अपने वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता रखें और किसी भी बड़े गिफ्ट या लेन-देन का रिकॉर्ड जरूर रखें। किसी भी संदेह की स्थिति में, अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से सलाह जरूर लें।
यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह कानूनी या पेशेवर कर सलाह नहीं है। कृपया अपने विशिष्ट मामले के लिए किसी योग्य कर सलाहकार से संपर्क करें।
Read More:Freelancers और YouTubers टैक्स कैसे भरें? Income Tax Rules
गिफ्ट टैक्स: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सामान्य प्रश्न (General Questions)
प्रश्न 1: गिफ्ट टैक्स क्या है? (What is Gift Tax?)
उत्तर: गिफ्ट टैक्स वह टैक्स है जो किसी व्यक्ति को बिना किसी बदले (पैसे) में मिली संपत्ति या नकदी पर लगता है। इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार, अगर आपको किसी से कोई रकम या संपत्ति मिलती है और आपने उसके बदले में कुछ नहीं दिया है, तो वह गिफ्ट माना जाता है। अगर यह गिफ्ट एक वित्तीय वर्ष में ₹50,000 से ज्यादा का हो और रिश्तेदार से न मिला हो, तो उस पर टैक्स देना पड़ता है।
प्रश्न 2: क्या आज भी भारत में गिफ्ट टैक्स लगता है? (Is Gift Tax still applicable in India?)
उत्तर: हां, गिफ्ट टैक्स आज भी भारत में लागू है। पहले (1998 से पहले) एक अलग से गिफ्ट टैक्स एक्ट हुआ करता था, जिसे हटा दिया गया था। लेकिन 2004 के बाद से इसे इनकम टैक्स एक्ट के अंतर्गत ही शामिल कर दिया गया। अब गिफ्ट से होने वाली आय को ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज’ में जोड़कर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है।
प्रश्न 3: गिफ्ट टैक्स की दर कितनी है? (What is the rate of Gift Tax?)
उत्तर: गिफ्ट टैक्स की कोई अलग से निश्चित दर (fixed rate) नहीं है। जो भी रकम या संपत्ति गिफ्ट के तौर पर मिलती है, उसे आपकी कुल आय में जोड़ दिया जाता है। फिर आप जिस इनकम टैक्स स्लैब में आते हैं (5%, 20%, 30%), उसी हिसाब से उस पर टैक्स लगता है।
₹50,000 के नियम पर प्रश्न (Questions on ₹50,000 Rule)
प्रश्न 4: क्या ₹50,000 से कम के गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगता? (Is gift below ₹50,000 tax-free?)
उत्तर: हां, एक वित्तीय वर्ष में अगर आपको किसी भी गैर-रिश्तेदार से मिले सभी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू ₹50,000 से कम है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन यह छूट हर व्यक्ति से अलग-अलग नहीं है, बल्कि सभी से मिले गिफ्ट को जोड़कर देखी जाती है।
प्रश्न 5: अगर मुझे दो अलग-अलग दोस्तों से ₹30,000-₹30,000 मिले, तो कितना टैक्स लगेगा? (If I receive ₹30,000 each from two different friends, how much tax will I pay?)
उत्तर: इस स्थिति में आपको कुल ₹60,000 (30,000 + 30,000) का गिफ्ट मिला है। चूंकि यह रकम ₹50,000 की सीमा से ज्यादा है, इसलिए पूरे ₹60,000 पर टैक्स लगेगा, न कि सिर्फ ₹10,000 (60,000-50,000) पर। पूरी रकम आपकी आय में जुड़ जाएगी और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स कटेगा।
प्रश्न 6: क्या ₹50,000 की सीमा हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग है? (Is the ₹50,000 limit per person?)
उत्तर: नहीं, ₹50,000 की सीमा हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग नहीं है। यह सीमा एक वित्तीय वर्ष में आपको सभी गैर-रिश्तेदारों से मिले कुल गिफ्ट पर लागू होती है। अगर एक व्यक्ति से ₹40,000 और दूसरे से ₹20,000 मिले, तो कुल ₹60,000 पर टैक्स लगेगा।
रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर प्रश्न (Questions on Gifts from Relatives)
प्रश्न 7: रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर कितना टैक्स लगता है? (What is the tax on gifts from relatives?)
उत्तर: रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर 100% टैक्स छूट है। चाहे वह ₹1 लाख हो या ₹1 करोड़, उस पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं लगता। लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि देने वाला व्यक्ति इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार आपका ‘रिश्तेदार’ हो।
प्रश्न 8: इनकम टैक्स के नजरिए से ‘रिश्तेदार’ कौन माने जाते हैं? (Who is considered a ‘relative’ under Income Tax Act?)
उत्तर: इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार निम्नलिखित लोग रिश्तेदार माने जाते हैं:
- पति या पत्नी (Spouse)
- भाई-बहन (खुद के)
- पति या पत्नी के भाई-बहन
- माता-पिता के भाई-बहन (चाचा, चाची, मौसी, मामा, मामी, बुआ, फूफा)
- रैखिक पूर्वज (Lineal Ascendants): माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, परदादा-परदादी
- रैखिक वंशज (Lineal Descendants): बेटा-बेटी, पोता-पोती, परपोता-परपोती
- उपरोक्त सभी लोगों के पति या पत्नी (भाभी, जीजा, साला, साली आदि)
प्रश्न 9: क्या चाचा/मौसी से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री है? (Is gift from uncle/aunt tax-free?)
उत्तर: हां, चाचा, चाची, मौसी, मामा, बुआ आदि से मिला गिफ्ट पूरी तरह टैक्स फ्री है। इनकम टैक्स एक्ट में ‘माता-पिता के भाई-बहन’ को स्पष्ट रूप से रिश्तेदारों की सूची में शामिल किया गया है।
प्रश्न 10: क्या सास-ससुर से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री है? (Is gift from in-laws tax-free?)
उत्तर: हां, सास-ससुर (पति/पत्नी के माता-पिता) से मिला गिफ्ट भी पूरी तरह टैक्स फ्री है। पति/पत्नी के रैखिक पूर्वज रिश्तेदार की परिभाषा में आते हैं।
शादी पर मिले गिफ्ट पर प्रश्न (Questions on Wedding Gifts)
प्रश्न 11: क्या शादी में मिले गिफ्ट पर टैक्स लगता है? (Is tax applicable on wedding gifts?)
उत्तर: नहीं, शादी के अवसर पर मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता है। यह छूट सिर्फ उस व्यक्ति को मिलती है जिसकी शादी हो रही है। शादी में मिले गिफ्ट की कोई ऊपरी सीमा नहीं है – चाहे वह नकद हो, सोना हो या कोई और कीमती उपहार।
प्रश्न 12: शादी की सालगिरह (Anniversary) पर मिले गिफ्ट पर टैक्स लगता है? (Is tax applicable on anniversary gifts?)
उत्तर: हां, शादी की सालगिरह या किसी और अवसर (जन्मदिन, त्योहार) पर मिले गिफ्ट पर टैक्स लग सकता है, अगर वह गैर-रिश्तेदार से मिला हो और ₹50,000 से ज्यादा का हो। सालगिरह पर टैक्स छूट की कोई अलग व्यवस्था नहीं है।
प्रश्न 13: शादी में मिला सोना पर टैक्स फ्री है? (Is gold received in wedding tax-free?)
उत्तर: हां, शादी के अवसर पर मिला सोना (चाहे कितनी भी मात्रा में हो) पूरी तरह टैक्स फ्री है। हालांकि, बाद में अगर आप उस सोने को बेचते हैं, तो उससे होने वाले लाभ (कैपिटल गेन) पर टैक्स लग सकता है।
वसीयत और विरासत पर प्रश्न (Questions on Will & Inheritance)
प्रश्न 14: वसीयत (Will) में मिली संपत्ति पर टैक्स लगता है? (Is tax applicable on property received through Will?)
उत्तर: नहीं, वसीयत में मिली संपत्ति पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं लगता है। यह छूट कानूनी वारिसों के साथ-साथ उन लोगों पर भी लागू होती है, जिनका मृतक से कोई खून का रिश्ता नहीं है। रतन टाटा जी द्वारा अपने कुक को वसीयत में दी गई ₹1 करोड़ की रकम इसी का उदाहरण है।
प्रश्न 15: विरासत (Inheritance) में मिली संपत्ति पर टैक्स लगता है? (Is tax applicable on inherited property?)
उत्तर: नहीं, कानूनी वारिस (Legal Heirs) होने के नाते विरासत में मिली संपत्ति पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं लगता है। हालांकि, इस संपत्ति से होने वाली आय (जैसे किराया) या इसे बेचने पर होने वाले लाभ पर टैक्स लग सकता है।
प्रॉपर्टी और अन्य एसेट्स पर प्रश्न (Questions on Property & Other Assets)
प्रश्न 16: अगर मैं कोई प्रॉपर्टी सस्ते दाम पर खरीदूं तो क्या टैक्स लगेगा? (If I buy a property at a cheaper rate, will I have to pay tax?)
उत्तर: अगर आप किसी प्रॉपर्टी को उसके स्टांप ड्यूटी वैल्यू (SDV) से कम कीमत पर खरीदते हैं, तो अंतर (difference) पर गिफ्ट टैक्स लग सकता है। लेकिन यह तभी लगेगा जब:
- यह अंतर SDV के 10% से ज्यादा हो और
- यह अंतर ₹50,000 से ज्यादा हो
अगर अंतर इन सीमाओं के अंदर है, तो कोई टैक्स नहीं लगेगा।
प्रश्न 17: क्या मुझे अपने बच्चों को दी गई प्रॉपर्टी पर टैक्स देना होगा? (Do I have to pay tax on property gifted to my children?)
उत्तर: नहीं, बच्चे रैखिक वंशज (Lineal Descendants) हैं, जो रिश्तेदार की परिभाषा में आते हैं। इसलिए अपने बच्चों को दी गई कोई भी संपत्ति पूरी तरह टैक्स फ्री है।
प्रश्न 18: दोस्त से सस्ते में शेयर या ज्वैलरी खरीदी तो क्या टैक्स लगेगा? (If I buy shares or jewellery cheaply from a friend, will I have to pay tax?)
उत्तर: हां, चल संपत्ति (Movable Property) के मामले में भी यही नियम लागू होता है। अगर आप बाजार कीमत से कम पर शेयर, ज्वैलरी या कोई कैपिटल एसेट खरीदते हैं, तो अंतर पर गिफ्ट टैक्स लग सकता है। अगर अंतर ₹500 से कम है, तो टैक्स नहीं लगेगा।
ITR फाइलिंग से जुड़े प्रश्न (Questions related to ITR Filing)
प्रश्न 19: क्या मुझे ITR में गिफ्ट दिखाना जरूरी है? (Is it mandatory to show gifts in ITR?)
उत्तर: हां, अगर आपको एक वित्तीय वर्ष में ₹50,000 से ज्यादा का गिफ्ट (गैर-रिश्तेदार से) मिला है, तो उसे ITR में दिखाना अनिवार्य है। इसे ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज’ के तहत दिखाया जाता है। रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट को दिखाने की जरूरत नहीं है, लेकिन पूरे लेन-देन का रिकॉर्ड रखना समझदारी है।
प्रश्न 20: अगर मैं गिफ्ट नहीं दिखाऊंगा तो क्या होगा? (What if I don’t show the gift in ITR?)
उत्तर: अगर आप ₹50,000 से ज्यादा का गिफ्ट ITR में नहीं दिखाते और बाद में आयकर विभाग को इसकी जानकारी मिलती है (बैंक ट्रांजैक्शन या किसी और स्रोत से), तो आपको नोटिस मिल सकता है। इसमें टैक्स के साथ-साथ पेनाल्टी और ब्याज भी देना पड़ सकता है।
विशेष स्थितियों पर प्रश्न (Questions on Special Situations)
प्रश्न 21: क्या प्रेमिका/प्रेमी (Girlfriend/Boyfriend) से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री है? (Is gift from girlfriend/boyfriend tax-free?)
उत्तर: नहीं, प्रेमिका या प्रेमी रिश्तेदार की परिभाषा में नहीं आते। इसलिए उनसे मिला गिफ्ट टैक्स के दायरे में आएगा। अगर एक साल में उनसे मिले गिफ्ट की कुल वैल्यू ₹50,000 से ज्यादा होती है, तो उस पर टैक्स देना होगा।
प्रश्न 22: क्या हम पति-पत्नी एक-दूसरे को गिफ्ट दे सकते हैं? (Can husband and wife gift each other?)
उत्तर: हां, पति और पत्नी एक-दूसरे को बिना किसी टैक्स के गिफ्ट दे सकते हैं। वे रिश्तेदार की परिभाषा में आते हैं। हालांकि, अगर पत्नी इस गिफ्ट से कोई आय अर्जित करती है (जैसे किराया या ब्याज), तो वह आय पति के हाथों में क्लब हो सकती है (अगर बिना किसी बदले के दी गई हो)।
प्रश्न 23: क्या ट्रस्ट या चैरिटी को दिया गिफ्ट टैक्स फ्री है? (Is gift to trust or charity tax-free?)
उत्तर: गिफ्ट लेने वाले पर टैक्स लगता है, देने वाले पर नहीं। तो अगर आप किसी ट्रस्ट या चैरिटी को गिफ्ट देते हैं, तो आपको टैक्स नहीं देना है। लेकिन रजिस्टर्ड चैरिटी को दिए गिफ्ट पर आप सेक्शन 80G के तहत टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। वहीं, ट्रस्ट को अगर गिफ्ट मिलता है, तो उसके अपने टैक्स नियम हैं।
प्रश्न 24: क्या HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) को मिले गिफ्ट पर टैक्स लगता है? (Is tax applicable on gift received by HUF?)
उत्तर: HUF पर भी वही नियम लागू होते हैं जो व्यक्तियों पर। HUF को अगर उसके सदस्यों (Coparceners) से गिफ्ट मिलता है, तो वह टैक्स फ्री है। लेकिन गैर-सदस्यों से मिले गिफ्ट पर ₹50,000 की सीमा लागू होगी। HUF के लिए रिश्तेदारों की परिभाषा अलग है, इसमें HUF के सदस्य शामिल हैं।
प्रश्न 25: क्या एनआरआई (NRI) से मिले गिफ्ट पर टैक्स लगता है? (Is tax applicable on gift received from NRI?)
उत्तर: NRI से मिले गिफ्ट पर भी वही नियम लागू होते हैं जो किसी रेजिडेंट इंडियन से मिले गिफ्ट पर लागू होते हैं। अगर NRI आपका रिश्तेदार है, तो गिफ्ट टैक्स फ्री है। अगर रिश्तेदार नहीं है, तो ₹50,000 की सीमा लागू होगी। NRI से पैसे लेते समय FEMA दिशानिर्देशों का भी ध्यान रखना होगा।
