SIP लॉस में चल रही है? जानिए वो 3 स्थितियाँ जब SIP बंद करना गलती है और 3 हालात जब SIP रोकनी चाहिए। समझें कब Amount कम करें, कब Switch करें और कब पूरी तरह बंद कर दें। SIP के सही निर्णय की पूरी गाइड।

एक सीधा सा सवाल पूछता हूं आपसे। जरा ध्यान से जवाब दीजिएगा। अगर आपकी एसआईपी अभी लॉस में चल रही हो, तो आप क्या करेंगे? एसआईपी बंद कर देंगे या और पैसा डालेंगे?
अब सुनिए, 90% लोग यही सबसे बड़ी गलती करते हैं। क्योंकि कुछ सिचुएशंस में एसआईपी बंद करना बेवकूफी है, और कुछ सिचुएशंस में एसआईपी बंद नहीं करना उससे भी बड़ी बेवकूफी।
आज मैं आपको एग्जैक्ट लॉजिक के साथ बताऊंगा कि एसआईपी बंद करनी कब चाहिए, कब बिल्कुल नहीं करनी चाहिए, और कब सिर्फ अमाउंट कम करना चाहिए।
एक बात क्लियर कर दूं। यह ब्लॉग किसी को एसआईपी शुरू या बंद करने की सलाह नहीं है, बल्कि सिर्फ जानकारी और एजुकेशन के लिए है। इसे पूरा पढ़ना, क्योंकि आखिरी वाला पॉइंट आपके लाखों रुपए बचा सकता है।
पहला कदम: पैनिक मोड से निकलिए
मान लीजिए आप ₹10,000 प्रति माह एसआईपी कर रहे हैं, 15 साल के लिए, और एवरेज रिटर्न 12% मान लेते हैं। तो कुल इन्वेस्टमेंट होगी ₹18 लाख और एक्सपेक्टेड वैल्यू होगी ₹50 लाख के आसपास।
अब प्रॉब्लम यह है कि बीच-बीच में मार्केट गिरेगा। कभी पोर्टफोलियो -20% तो कभी -30% भी दिखेगा। और यहीं लोग डर जाते हैं।
लेकिन सवाल यह नहीं है कि लॉस दिख रहा है या नहीं। सवाल यह है कि लॉस क्यों दिख रहा है? यहीं से एसआईपी बंद करने या ना करने का फैसला होता है।
वो 3 सिचुएशंस जहां SIP बंद करना गलती है
सिचुएशन 1: मार्केट क्रैश या करेक्शन की वजह से लॉस
मान लीजिए आप 2 साल से एसआईपी कर रहे हो। ₹10,000 प्रति माह। टोटल इन्वेस्टमेंट हुई ₹2,40,000। मार्केट क्रैश आया और पोर्टफोलियो की वैल्यू रह गई ₹1,90,000। यानी आपको लॉस दिखा ₹50,000 का।
अब 90% लोग क्या करते हैं? SIP बंद।
लेकिन सच यह है कि यही वह समय होता है जब SIP सबसे ज्यादा फायदा देती है। बशर्ते आपकी इनकम स्टेबल हो और गोल लॉन्ग टर्म का हो।
क्यों?
क्योंकि आप उसी फंड के यूनिट्स अब सस्ते एनएवी (NAV) पर खरीद रहे हो। यह ऐसा है जैसे आपकी फेवरेट शर्ट सेल पर मिल रही हो। आप और खरीदेंगे या बेच देंगे?
रूल: अगर लॉस सिर्फ मार्केट के गिरने (Macro-economic factors, Global cues) से है और आपका फाइनेंशियल गोल अभी दूर है (7-10+ साल), तो SIP बंद करना सबसे बड़ी गलती है। यही तो रुपया कॉस्ट एवरेजिंग का मजा है।
सिचुएशन 2: SIP सिर्फ 1 से 3 साल पुरानी है
SIP कोई एफडी नहीं है जो एक-दो साल में मैजिक दिखा दे। इक्विटी मार्केट्स साइक्लिकल होते हैं।
अगर आपकी SIP एक साल, दो साल या तीन साल पुरानी है और रिटर्न लो है या नेगेटिव है, तो यह नॉर्मल है।
थम्ब रूल: इक्विटी SIP को कम से कम 5 से 7 साल का समय दीजिए। एक मार्केट साइकल (उतार-चढ़ाव का पूरा दौर) देखने दीजिए। उससे पहले भावनात्मक डिसीजन मत लीजिए।
सिचुएशन 3: फंड अच्छा है, बस पेशेंस कम है
अगर:
- फंड अपनी कैटेगरी के एवरेज से लंबे समय से बेहतर परफॉर्म कर रहा है।
- फंड मैनेजर वही है (स्टेबल मैनेजमेंट)।
- एक्सपेंस रेशियो कंट्रोल में है।
- और आप सिर्फ इसलिए SIP बंद कर रहे हो क्योंकि दोस्त ने डराया, न्यूज़ नेगेटिव है, या पड़ोसी ने कुछ कह दिया…
तो प्रॉब्लम एसआईपी में नहीं, आपके पेशेंस में है। निवेश एक लंबी यात्रा है, स्प्रिंट नहीं।
वो 3 रियल सिचुएशंस जहां एसआईपी बंद या बदलनी चाहिए
जरा ध्यान से सुनिए। यहां लोग सबसे ज्यादा कंफ्यूज्ड होते हैं।
सिचुएशन 1: इनकम/कैश फ्लो पर बुरा असर (फाइनेंशियल इमरजेंसी)
मान लीजिए आपकी सैलरी ₹50,000 थी और एसआईपी ₹10,000 की चल रही थी। अब इनकम घटकर ₹25,000 रह गई (जॉब लॉस, बिजनेस डाउनटर्न) और मंथली एक्सपेंसेज ₹22,000 हैं।
तो सवाल यह नहीं है कि मार्केट क्या करेगा? सवाल यह है कि आप अगले महीने का किराया और खाने का खर्च कैसे उठाएंगे?
रूल: अगर एसआईपी आपकी बेसिक जरूरतों, इमरजेंसी फंड या हेल्थ को प्रभावित कर रही है, तो एसआईपी बंद करना या पॉज करना बिल्कुल सही और जिम्मेदाराना फैसला है।
पहले आप, फिर इन्वेस्टमेंट। फाइनेंशियल सेफ्टी नेट पहले बनाएं।
सिचुएशन 2: गोल सिर पर आ गया है (3 साल या कम बचा हो)
मान लीजिए आपने SIP शुरू की थी बच्चे की कॉलेज फीस (जो 2027 में देनी है) के लिए। आज 2026 चल रहा है और पोर्टफोलियो अच्छा प्रॉफिट में है। तो क्या एसआईपी चलते रहना चाहिए?
नहीं।
गोल के 1-3 साल पहले से ही, इक्विटी SIP को धीरे-धीरे रोकना या शिफ्ट करना चाहिए डेट या लिक्विड फंड जैसे स्टेबल ऑप्शन में।
क्यों?
क्योंकि लास्ट मोमेंट (गोल के नजदीक) पर अगर मार्केट क्रैश हो गया, तो आपकी पूरी प्लानिंग बिगड़ सकती है। आपके पास रिकवरी का टाइम ही नहीं बचेगा। यहां कैपिटल प्रिजर्वेशन, ग्रोथ से ज्यादा जरूरी है।
सिचुएशन 3: फंड लगातार खराब परफॉर्म कर रहा है (परफॉर्मेंस रिस्क)
यह सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट है। उदाहरण समझिए:
- आपका फंड पिछले 3 साल में सिर्फ 6% CAGR दे रहा है।
- जबकि उसी कैटेगरी का एवरेज 11-12% है।
- और वह अपने बेंचमार्क (जैसे Nifty 50) को भी लगातार बीट नहीं कर पा रहा।
तो यहां SIP चालू रखना इमोशन है, इन्वेस्टमेंट नहीं।
रूल: अगर कोई फंड लगातार 3-4 सैम्पल पीरियड्स (3 साल, 5 साल) में अपनी कैटेगरी और बेंचमार्क से पीछे चल रहा है, तो रिव्यू जरूरी है। हो सकता है फंड का स्ट्रैटेजी बदल गई हो, मैनेजर बदल गया हो, या वह स्टाइल आउट ऑफ फेवर हो। ऐसे में एसआईपी बंद करके बेहतर परफॉर्मिंग फंड में स्विच करना समझदारी है।
SIP बंद करने से पहले, ये 3 स्मार्ट ऑप्शन ट्राई करें
SIP बंद करना आपका लास्ट ऑप्शन होना चाहिए। पहले यह ट्राई करें:
- अमाउंट कम करें (Reduce SIP): जैसे ₹10,000 से घटाकर ₹5,000 कर देना। इससे इन्वेस्टमेंट हैबिट भी रहेगी और कैश फ्लो पर प्रेशर भी कम होगा। जब स्थिति सुधरे, बढ़ा सकते हैं।
- फंड स्विच करें (Switch SIP): बंद न करके, सेम एसआईपी डेट व अमाउंट को किसी बेहतर परफॉर्मिंग फंड में ट्रांसफर कर दें। ज्यादातर AMC यह सुविधा फ्री में देते हैं।
- एसआईपी पॉज/स्किप करें (Pause SIP): 3-6 महीने के लिए एसआईपी रोक दें। इनकम स्टेबल होते ही इसे रीस्टार्ट कर दें। बस, पॉज पीरियड ज्यादा लंबा न खींचे।
सबसे बड़ी गलती जो 90% इन्वेस्टर करते हैं
मार्केट गिरा = एसआईपी बंद। मार्केट ऊपर गया = नया एसआईपी शुरू।
यानी सस्ता छोड़ना और महंगा खरीदना! और फिर यह कहना कि “म्यूचुअल फंड तो कुछ होता ही नहीं!”
याद रखिए, एसआईपी में पैसा टाइमिंग से नहीं, टाइम और डिसिप्लिन से बनता है। यह आपको भावनात्मक निर्णय लेने से रोकती है।
निष्कर्ष: आपका निर्णय आपकी परिस्थिति पर निर्भर करता है
तो दोस्तों, आज आपने सीखा:
- एसआईपी न बंद करें अगर लॉस सिर्फ मार्केट करेक्शन, शॉर्ट टर्म या पेशेंस की कमी की वजह से है।
- एसआईपी बंद करने पर विचार करें अगर फाइनेंशियल हालात खराब हैं, गोल नजदीक है, या फंड लगातार खराब परफॉर्म कर रहा है।
- बीच का रास्ता (कम करें/स्विच करें/पॉज करें) हमेशा मौजूद होता है।
याद रखिए, सही फैसला हमेशा आपकी पर्सनल फाइनेंशियल सिचुएशन, रिस्क टोलरेंस और फाइनेंशियल गोल्स पर डिपेंड करता है।
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अस्वीकरण: यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट्स मार्केट रिस्क के अधीन हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श करें और सभी संबंधित दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों का संकेत नहीं है।

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