Form 16 अब पुराना हो गया। 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा Form 130। 26AS की जगह अब Form 168 से मिलेगा टैक्स स्टेटमेंट। पढ़ें टैक्स फाइलिंग से जुड़ी बड़ी खबर।

1 अप्रैल 2026 से देश में नया आयकर अधिनियम (New Income Tax Act) लागू होने जा रहा है. यह सिर्फ एक रेगुलर अपडेट नहीं, बल्कि टैक्स कोड की पूरी री-राइटिंग है. पिछले 60 सालों से जिस भाषा, सेक्शन और फॉर्म नंबर के हम आदी हो गए थे, वो अब बदलने वाला है.
अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं, चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, या फिर बिजनेसमैन हैं, तो Form 16, 26AS, 24Q, 15CA जैसे नंबर आपके लिए रटे हुए हैं. लेकिन अब इन नंबरों को भूलने का समय आ गया है.
Form 16 अब ‘Form 130’ कहलाएगा.
26AS का नया नाम ‘Form 168’ होगा.
सरकार ने ड्राफ्ट डायरेक्ट टैक्स कोड जारी कर दिया है, जिसमें फॉर्म्स की नई नंबरिंग को लॉजिकल और डिजिटल-फ्रेंडली बनाया गया है. आइए समझते हैं कि 2026 के बाद टैक्स फाइलिंग की दुनिया कैसी दिखेगी.
क्यों बदली जा रही है फॉर्म्स की पूरी नंबरिंग?
मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 में समय-समय पर फॉर्म जोड़े गए. नतीजा? 24Q, 26Q, 27EQ, 3CA, 3CD – ऐसे नंबरों का जंगल बन गया. आम आदमी के लिए यह समझना मुश्किल था कि कौन सा फॉर्म TDS के लिए है और कौन सा ऑडिट के लिए.
नई व्यवस्था में तीन बड़े बदलाव होंगे:
- सरल नंबरिंग सीरीज: अब फॉर्म 100 से 199 के बीच क्रमबद्ध होंगे.
- डिजिटल फर्स्ट: नए फॉर्म XML और JSON स्कीमा के हिसाब से डिजाइन किए जा रहे हैं.
- विलय: एक जैसे काम के फॉर्म (जैसे 3CA/3CB/3CD) को मिलाकर एक फॉर्म किया जा रहा है.
बड़ा बदलाव: सैलरी वालों के लिए Form 16 अब ‘130’
हर साल जून-जुलाई में एम्प्लॉयर से मिलने वाला फॉर्म 16, जो सैलरी और TDS कटौती का प्रमाण पत्र है, अब इतिहास बन जाएगा.
- पहले क्या था: Form 16 (पार्ट A और पार्ट B)
- अब क्या होगा: Form 130
- क्या बदलेगा: सिर्फ नाम और लेबल. बाकी प्रोसेस वही रहेगी. आपका एम्प्लॉयर अब टैक्स पोर्टल पर Form 130 जनरेट करेगा.
26AS नहीं, अब बोलिए ‘Form 168’
टैक्पेयर्स के लिए सबसे अहम डॉक्यूमेंट रहा 26AS. यह आपका सालाना टैक्स स्टेटमेंट है, जिसमें TDS, TCS, विदेशी ट्रांजैक्शन, और डिमांड/रिफंड की डिटेल रहती है.
नए एक्ट में इसे पूरी तरह री-ब्रांड किया गया है.
- नया नाम: Form 168
- खासियत: अब यह और डीप होगा. इसमें बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सीधे मिलने वाली हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन की जानकारी भी शामिल होगी, जो पहले फॉर्म 61A (अब फॉर्म 165) में आती थी.
TDS-TCS की नई दुनिया: 24Q हुआ 138, 27Q हुआ 144
अगर आप अकाउंटेंट हैं या बिजनेस चलाते हैं, तो यह सेक्शन सबसे ज्यादा जरूरी है. टीडीएस रिटर्न की पूरी नंबरिंग बदल रही है.
नया TDS मैट्रिक्स (1 अप्रैल 2026 से):
| काम का विवरण | पुराना फॉर्म | नया फॉर्म |
|---|---|---|
| सैलरी पर TDS का रिटर्न | 24Q | Form 138 |
| नॉन-सैलरी (ब्याज, किराया, कमीशन) | 26Q | Form 140 |
| विदेशी भुगतान पर TDS | 27Q | Form 144 |
| TCS रिटर्न (माल की बिक्री) | 27EQ | Form 143 |
फायदा: अब सिर्फ नंबर देखकर पता चल जाएगा कि फॉर्म 130-150 TDS सर्टिफिकेट और रिटर्न से जुड़े हैं.
टैक्स ऑडिट में क्रांति: 3CA/3CB/3CD का विलय
पुराने एक्ट में टैक्स ऑडिट रिपोर्ट के लिए तीन फॉर्म होते थे:
- 3CA: प्रोफेशनल्स/बिजनेस के लिए (जहां किताबें मेंटेन होती हैं)
- 3CB: स्पेशल केस के लिए
- 3CD: पूरी डिटेल वाली स्टेटमेंट
नए एक्ट में सरकार ने इसे सिंपल कर दिया है.
- नया फॉर्म: Form 26
- अब सिर्फ एक ही फॉर्म होगा, जिसमें ऑडिट रिपोर्ट और स्टेटमेंट दोनों शामिल होंगी.
विदेशी लेनदेन: 15CA-15CB का रिप्लेसमेंट
विदेश पैसे भेजने (Remittance) के लिए 15CA और 15CB भरना काफी जटिल प्रक्रिया थी. नए एक्ट में इसे भी आसान बनाया गया है.
- Form 15CA अब होगा Form 145
- Form 15CB (CA सर्टिफिकेट) अब होगा Form 146
बदले हुए इनकम टैक्स फॉर्म्स की पूरी लिस्ट (तुलनात्मक चार्ट)
नीचे दी गई टेबल से साफ पता चलता है कि 1 अप्रैल 2026 के बाद आपको कौन सा फॉर्म किस नाम से देखना है:
| काम का विवरण | पुराना फॉर्म नंबर | नया फॉर्म नंबर |
|---|---|---|
| TDS सर्टिफिकेट (सैलरी) | Form 16 | Form 130 |
| TDS सर्टिफिकेट (नॉन-सैलरी) | Form 16A | Form 131 |
| सालाना टैक्स स्टेटमेंट | Form 26AS | Form 168 |
| TDS रिटर्न (सैलरी) | Form 24Q | Form 138 |
| TDS रिटर्न (नॉन-सैलरी) | Form 26Q | Form 140 |
| TDS रिटर्न (विदेशी भुगतान) | Form 27Q | Form 144 |
| TCS रिटर्न | Form 27EQ | Form 143 |
| टैक्स ऑडिट रिपोर्ट | 3CA / 3CB / 3CD | Form 26 (विलय) |
| MAT रिपोर्ट | Form 29B | Form 66 |
| विदेश रेमिटेंस (फॉर्म) | Form 15CA | Form 145 |
| रेमिटेंस CA रिपोर्ट | Form 15CB | Form 146 |
| हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन | Form 61A | Form 165 |
आम टैक्सपेयर्स को क्या फायदा होगा?
सवाल उठता है कि जब प्रोसेस वही है, तो नंबर बदलने का फायदा क्या है?
- कन्फ्यूजन खत्म: पहले 26AS और 16A में अंतर समझना पड़ता था. अब नंबरिंग सीरीज से ही पता चलेगा.
- बेहतर ITR प्री-फिलिंग: नए फॉर्म डिजिटल युग के लिए बने हैं. पोर्टल पर आपकी सैलरी, कैपिटल गेन, ब्याज की जानकारी फॉर्म 168 से ऑटो-फेच होकर ज्यादा सटीक आएगी.
- ऑडिट में आसानी: CA के लिए अब 3 जगह डेटा एंट्री की जगह एक फॉर्म 26 में सब कुछ हो जाएगा.
नोट: यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा. आर्थिक वर्ष 2025-26 (जो अप्रैल 2025 में शुरू होगा) के लिए अभी भी पुराने फॉर्म 16 और 26AS ही जारी होंगे.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या FY 2025-26 की फाइलिंग के लिए भी नए फॉर्म लागू होंगे?
नहीं. नया एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसलिए अगली साल यानी जुलाई 2026 में जो फाइलिंग होगी (FY 2025-26 के लिए), वो पुराने फॉर्म 16 से ही होगी.
Q2: क्या फॉर्म 16 और फॉर्म 130 में डिटेल का फॉर्मेट बदलेगा?
जी हां, संभावना है कि फॉर्म 130 का लेआउट और अंडरलाइंग स्कीमा बदले. यह अधिक यूजर-फ्रेंडली और मशीन-रीडेबल बनाया जाएगा.
Q3: क्या पुराने फॉर्म से जेनरेट हुए TDS सर्टिफिकेट (जैसे Form 16A) अवैध हो जाएंगे?
बिल्कुल नहीं. किसी भी पुराने वित्तीय वर्ष के लिए जारी किए गए सर्टिफिकेट वैध रहेंगे. नए फॉर्म सिर्फ नए असेसमेंट ईयर के लिए लागू होंगे.
Q4: मैं कहां देख सकता हूं कि मेरा नया TDS सर्टिफिकेट जनरेट हो गया है?
टैक्स पोर्टल पर अब ‘फॉर्म 130’ नाम से नया टैब जोड़ा जाएगा. आप अपने एम्प्लॉयर लॉगिन से भी इसे डाउनलोड कर सकेंगे.
निष्कर्ष: बदलाव की आंधी में तैयार रहिए
सरकार का यह कदम टैक्स सिस्टम को पेपरलेस और पेनलेस बनाने की दिशा में बड़ा सुधार है. फॉर्म 16 से 130 और 26AS से 168 का सफर सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि टैक्स फाइलिंग के भविष्य का नक्शा है.
हालांकि सरकार ने अभी ड्राफ्ट जारी कर सार्वजनिक सुझाव मांगे हैं, लेकिन मान लीजिए कि 2026 में यह लागू होगा. अभी से अगर आपने अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर या माइंडसेट को अपडेट करना शुरू कर दिया, तो आखिरी वक्त की भागदौड़ से बच जाएंगे.
डिस्क्लेमर: यह लेख सरकार द्वारा जारी किए गए नए आयकर अधिनियम के ड्राफ्ट पर आधारित है. अंतिम नियमों में मामूली बदलाव संभव हैं. कृपया फाइलिंग से पहले आधिकारिक अधिसूचना देख लें.
