1 अप्रैल 2026 से PAN कार्ड के 8 बड़े नियम बदलेंगे। कैश जमा की लिमिट ₹10 लाख/साल, कार-बाइक ₹5 लाख, प्रॉपर्टी ₹20 लाख हुई। जानें पूरी डिटेल।

🌟 बड़ी खबर: आपकी फाइनेंशियल पहचान बदल रही है
क्या आप जानते हैं कि 1 अप्रैल 2026 से आपका PAN कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आपकी पूरी वित्तीय लाइफस्टाइल का ऑटो-ट्रैकर बन जाएगा? सरकार ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत PAN कार्ड से जुड़े नियमों में सबसे बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है।
अब वो दिन गए जब 50 हजार रुपये की रोजाना कैश डिपॉजिट पर आपको PAN देना पड़ता था। अब सवाल है सालभर में कितना? यह बदलाव कागजी नहीं, बल्कि आपकी जेब और जमीन दोनों पर असर डालने वाला है। आइए, इन 8 बड़े बदलावों को विस्तार से समझें।
🎯 पहली नजर में: क्या बदल रहा है? (At a Glance)
| लेन-देन का प्रकार | पुराना नियम (1962 एक्ट) | नया नियम (1 अप्रैल 2026 से) | बदलाव का असर |
|---|---|---|---|
| 💵 कैश जमा/निकासी | ₹50,000/दिन (केवल जमा) | ₹10 लाख/साल (जमा+निकासी) | ⭐ दैनिक झंझट खत्म |
| 🚗 गाड़ी/बाइक खरीद | सभी 4-पहिया पर PAN; 2-पहिया पर छूट | ₹5 लाख+ (2 और 4 पहिया दोनों) | ⭐ किफायती वाहनों पर छूट |
| 🏨 होटल/इवेंट बिल | ₹50,000 से ऊपर | ₹1 लाख+ | ⭐ शादी-पार्टी में राहत |
| 🏠 प्रॉपर्टी डील | ₹10 लाख+ | ₹20 लाख+ | ⭐ मंहगाई के हिसाब से राहत |
| 📄 इंश्योरेंस | ₹50,000 सालाना प्रीमियम | अकाउंट खोलते ही PAN अनिवार्य | ⚠️ सख्ती बढ़ी |
| 🎁 गिफ्ट/JDA | अस्पष्ट | ₹20 लाख+ पर PAN अनिवार्य | ⭐ दायरा साफ हुआ |
| 🔗 PAN-आधार लिंक | 31 दिसंबर 2025 | 1 जनवरी 2026 से इनएक्टिव PAN | ⚠️ जरूरी एक्शन |
| 📊 क्रिप्टो/सॉफ्टवेयर | कोई प्रावधान नहीं | SFT में अनिवार्य रिपोर्टिंग | नई टेक पर नजर |
🧐 सरकार अचानक ये नियम क्यों बदल रही है?
क्या सरकार ने टैक्स चोरी पर नकेल ढीली कर दी है? बिल्कुल नहीं। असल में सरकार ने अपनी रणनीति बदल दी है। पहले वे हर छोटी मछली को पकड़ने की कोशिश करते थे, अब वे सिर्फ बड़ी मछलियों पर फोकस कर रहे हैं।
CBDT (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) के सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे तीन वजहें हैं:
1️⃣ सिस्टम को स्मार्ट बनाना: अब हर छोटे लेन-देन का डेटा स्टोर करके सर्वर लोड बढ़ाने की जरूरत नहीं। सिर्फ “रिस्की” और “हाई-वैल्यू” ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जाएगी।
2️⃣ आम आदमी की परेशानी कम करना: एक छात्र अगर एजुकेशन लोन लेकर ₹60,000 का कैश जमा करता था, तो उसे भी PAN देना पड़ता था। अब यह बोझ खत्म होगा।
3️⃣ महंगाई के अनुरूप ढालना: 2016 में बना ₹50,000 का होटल बिल का नियम आज 2026 में बहुत छोटा पड़ गया था। इसे ₹1 लाख करना जरूरी था ।
🔍 विस्तार से समझिए: 8 बड़े बदलावों का पूरा गणित
1. 💰 कैश डिपॉजिट/विड्रॉल: अब सालाना हिसाब मान्य
पुराना नियम: यदि आप एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा कैश बैंक में जमा करते थे, तो PAN देना अनिवार्य था। यह नियम सिर्फ जमा पर था, निकासी पर नहीं।
नया नियम (प्रस्तावित): अब 1 अप्रैल से आपको एक वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर ₹10 लाख या उससे अधिक की कैश जमा या निकासी करने पर PAN देना होगा। यह एक या एक से अधिक खातों को मिलाकर गिना जाएगा ।
👉 आपके लिए मतलब:
- अगर आप रोज ₹40,000 का कैश जमा करते हैं, तो अब PAN नहीं देना होगा।
- लेकिन अगर आपने साल में कुल ₹11 लाख कैश निकाला, तो बैंक आपसे PAN मांगेगा।
- फायदा: छोटे व्यापारी, किसान और रोजाना कैश से चलने वालों को बड़ी राहत।
2. 🚘 कार और बाइक खरीद: अब 5 लाख का फासला
पुराना नियम: कोई भी नई कार (चाहे ₹2 लाख की हो या ₹2 करोड़ की) खरीदने पर PAN देना अनिवार्य था। दोपहिया वाहनों पर कोई PAN नियम नहीं था।
नया नियम: अब सिर्फ ₹5 लाख या उससे अधिक कीमत के वाहन (चारपहिया + दोपहिया) पर PAN अनिवार्य होगा ।
👉 आपके लिए मतलब:
- अगर आप ₹4.80 लाख की एंट्री-लेवल कार (जैसे रेनो क्विड या मारुति सेलेरियो) ले रहे हैं, तो PAN देना जरूरी नहीं।
- लेकिन अगर आप ₹1.5 लाख की बाइक ले रहे हैं, तो भी PAN जरूरी है (क्योंकि यह ₹5 लाख से कम है, इसलिए पुराने नियम में छूट थी, नए में भी छूट है)।
- ध्यान दें: ₹6 लाख की रॉयल एनफील्ड या ₹8 लाख की हैरियर कार पर PAN अनिवार्य होगा।
3. 🏨 होटल, रेस्टोरेंट और इवेंट: शादी-ब्याह में राहत
पुराना नियम: होटल, बैंक्वेट हॉल या कन्वेंशन सेंटर में ₹50,000 से ज्यादा का भुगतान (कैश या कार्ड) करने पर PAN देना होता था।
नया नियम: अब यह सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है ।
👉 आपके लिए मतलब:
- एक छोटी फैमिली गेट-टुगेदर या बर्थडे पार्टी का ₹70,000 का बिल अब PAN के बिना चुकाया जा सकता है।
- बड़ा राहत: शादी सीजन में अक्सर ₹80,000-90,000 के केटरिंग बिल होते हैं, अब इनके लिए PAN की टेंशन नहीं।
4. 🏡 प्रॉपर्टी डील: 10 लाख से 20 लाख हुआ सफर
पुराना नियम: ₹10 लाख से ऊपर की प्रॉपर्टी (फ्लैट, प्लॉट, जमीन) की खरीद-फरोख्त पर PAN अनिवार्य था।
नया नियम: अब यह लिमिट बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है ।
👉 आपके लिए मतलब:
- टियर-3 शहरों या कस्बों में आज भी ₹15 लाख में अच्छा प्लॉट मिल जाता है। अब ऐसे सौदों के लिए PAN की जरूरत नहीं।
- बड़ा बदलाव: पहली बार “गिफ्ट” और “ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA)” को भी इस दायरे में लाया गया है। यदि आपको कोई ₹25 लाख की प्रॉपर्टी गिफ्ट मिलती है, तो PAN देना होगा ।
5. 📑 इंश्योरेंस: प्रीमियम नहीं, रिलेशनशिप अहम
पुराना नियम: लाइफ इंश्योरेंस का सालाना प्रीमियम ₹50,000 से ज्यादा होने पर PAN देना पड़ता था।
नया नियम: अब इंश्योरेंस कंपनी के साथ कोई भी “अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप” शुरू करते ही PAN देना अनिवार्य होगा। चाहे वह हेल्थ इंश्योरेंस हो, टर्म प्लान हो या यूलिप ।
👉 आपके लिए मतलब:
- अगर आप ₹10,000 सालाना प्रीमियम वाला हेल्थ इंश्योरेंस ले रहे हैं, तो भी अब PAN देना होगा।
- यह सख्ती है, लेकिन इससे फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में मदद मिलेगी।
6. 🔗 PAN-आधार लिंकिंग: 1 जनवरी 2026 से बदल गए समीकरण (पूर्व बदलाव)
यह नियम 1 अप्रैल से नहीं, बल्कि 1 जनवरी 2026 से पहले ही लागू हो चुका है।
याद रखें: यदि आपने 31 दिसंबर 2025 तक PAN-आधार लिंक नहीं कराया था, तो आपका PAN 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय (Inoperative) हो चुका है ।
निष्क्रिय PAN होने पर क्या होगा?
- आईटीआर फाइल नहीं कर पाएंगे।
- बकाया रिफंड रुक जाएगा।
- आपके फॉर्म 26AS में टीडीएस क्रेडिट नहीं दिखेगा।
- निवेश (Mutual Fund, SIP) नहीं कर पाएंगे।
समाधान: अगर अभी भी लिंक नहीं किया है, तो ₹1000 शुल्क देकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर तुरंत लिंक करें। 30 दिनों में PAN दोबारा एक्टिव हो जाएगा।
7. 🏦 क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स: अब नजर और तेज
हालांकि यह सीधे PAN लिमिट से जुड़ा नहीं है, लेकिन ड्राफ्ट रूल्स 2026 में क्रिप्टो एक्सचेंजेस के लिए सख्त रिपोर्टिंग नियम जोड़े गए हैं। अब एक्सचेंजेस को हर यूजर के PAN के साथ ट्रांजैक्शन डिटेल SFT (स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन) में देनी होगी ।
👉 असर: अगर आप क्रिप्टो में बड़ी रकम निवेश करते हैं और आईटीआर में उसकी घोषणा नहीं करते, तो सीधा नोटिस आ सकता है।
8. ⚖️ गोल्ड ज्वैलरी (अभी बदलाव नहीं, लेकिन जरूर पढ़ें)
अभी फिलहाल सोने की खरीद पर ₹2 लाख की लिमिट पर PAN अनिवार्य है। हालांकि, बजट 2026 से पहले एक्सपर्ट्स ने इसे बढ़ाकर ₹3-4 लाख करने की मांग की थी, लेकिन ड्राफ्ट रूल्स में इसे शामिल नहीं किया गया है ।
सलाह: सोना खरीदते वक्त अभी भी ₹2 लाख पर PAN/आधार देने को तैयार रहें।
📊 तुलनात्मक चार्ट: पुराना vs नया (एक नजर में)
| लेन-देन | पुरानी सीमा (1962) | नई प्रस्तावित सीीमा (2026) | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| बैंक कैश जमा | ₹50,000/दिन | ₹10,00,000/साल | +1900% |
| मोटर वाहन | सभी 4-पहिया | ₹5,00,000+ | अब 2-पहिया भी शामिल |
| होटल/इवेंट बिल | ₹50,000 | ₹1,00,000 | +100% |
| प्रॉपर्टी खरीद | ₹10,00,000 | ₹20,00,000 | +100% |
| इंश्योरेंस | ₹50,000 (प्रीमियम) | अकाउंट ओपनिंग पर | दायरा बढ़ा |
| विदेश यात्रा/फॉरेक्स | ₹50,000 | हटाया गया | पूरी छूट |
*(स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स, फाइनेंशियल एक्सप्रेस, CBDT ड्राफ्ट 2026) *
🤔 किसके लिए फायदा और किसके लिए चुनौती?
✅ ये लोग खुश होंगे (फायदा)
- मिडिल क्लास फैमिली: जो थोड़ा-बहुत कैश रखते हैं और छोटी गाड़ी/प्रॉपर्टी लेना चाहते हैं।
- स्मॉल बिजनेस ओनर: रोज कैश डिपॉजिट करने वाले दुकानदार।
- इवेंट ऑर्गनाइजर्स: शादी-ब्याह और कॉरपोरेट इवेंट में अब 1 लाख तक के बिल पर PAN नहीं मांगा जाएगा।
❌ ये लोग रहें सावधान (चुनौती)
- हाई-वैल्यू इंश्योरेंस खरीदार: अब हर पॉलिसी के लिए PAN देना होगा, छोटे प्रीमियम पर भी।
- कैश इकोनॉमी में रहने वाले: अगर आप साल में ₹10 लाख से ज्यादा कैश निकालते/जमा करते हैं, तो अब PAN से बच नहीं सकते।
- लग्जरी बाइक खरीदार: ₹5 लाख+ की बाइक (जैसे केटीएम, डुकाटी, हार्ली) पर अब PAN अनिवार्य।
🛑 अगर PAN निष्क्रिय है तो बड़ा खर्चा नहीं कर सकते!
सबसे अहम बात: ऊपर बताए गए सभी नए नियम (जैसे ₹20 लाख की प्रॉपर्टी, ₹10 लाख कैश विड्रॉल) तभी वैध होंगे, जब आपका PAN “ऑपरेटिव” होगा।
अगर आपका PAN निष्क्रिय (Inoperative) है, तो बैंक और डीलर आपसे लेन-देन ही नहीं करेंगे, भले ही आप नई लिमिट के अंदर ही क्यों न हों ।
👉 आज का एक्शन पॉइंट:
- ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर जाएं।
- ‘Link Aadhaar’ ऑप्शन में जाकर स्टेटस चेक करें।
- अगर लिंक नहीं है, तो तुरंत OTP से लिंक करें।
🔮 आगे क्या? मार्च में आएगी फाइनल नोटिफिकेशन
ये सभी बदलाव फिलहाल ड्राफ्ट स्टेज में हैं। CBDT ने आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। उम्मीद है कि मार्च 2026 के पहले हफ्ते तक इन्हें फाइनल करके नोटिफाई कर दिया जाएगा ।
हालांकि, एक बार नोटिफिकेशन आने के बाद ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगे। ऐसे में अभी से अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को इन नई लिमिट्स के हिसाब से ढाल लें।
🧠 बॉटम लाइन: PAN अब सिर्फ कार्ड नहीं, फाइनेंशियल आईडी है
सरकार ने इस बदलाव से एक साफ संदेश दिया है:
- छोटे लेन-देन में दखल नहीं।
- बड़े लेन-देन में कोई समझौता नहीं।
PAN अब एक फाइनेंशियल ब्लूप्रिंट बन चुका है। यह बदलाव टैक्सपेयर्स के जीवन को आसान बनाएगा, बशर्ते आपका PAN एक्टिव हो और आपकी लिमिट्स क्लियर हों।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या मुझे ₹4 लाख की सेकेंड-हैंड कार खरीदने पर PAN देना होगा?
A: नहीं। नए प्रस्तावित नियम के अनुसार, वाहन की कीमत ₹5 लाख से कम है तो PAN की आवश्यकता नहीं है ।
Q2: क्या मेरे बच्चे के स्कूल के ₹80,000 के फीस भुगतान पर PAN लगेगा?
A: नहीं। यह नियम सिर्फ होटल, बैंक्वेट और इवेंट सेवाओं पर लागू है। स्कूल फीस इसके दायरे में नहीं है।
Q3: अगर मैंने 31 दिसंबर 2025 तक PAN-आधार लिंक नहीं किया तो क्या होगा?
A: आपका PAN 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय (Inoperative) हो जाएगा। आप ई-फाइलिंग पोर्टल पर ₹1,000 शुल्क देकर इसे पुनः सक्रिय कर सकते हैं ।
Q4: क्या क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर भी ये नियम लागू होंगे?
A: ये नियम लेन-देन की प्रकृति (जैसे होटल बिल, प्रॉपर्टी) पर लागू होते हैं, न कि भुगतान के मोड पर। यदि होटल का बिल ₹1 लाख से ज्यादा है, चाहे क्रेडिट कार्ड से दें या कैश से, PAN देना होगा।
Q5: अगर मैं PAN नहीं दूंगा तो क्या होगा?
A: यदि नियमानुसार PAN देना अनिवार्य है और आप नहीं देते हैं, तो संबंधित संस्था (बैंक/डीलर) आपका लेन-देन रद्द कर सकती है। साथ ही, यह इनकम टैक्स एक्ट के तहत दंडनीय अपराध भी है।
👉 यह लेख फरवरी 2026 में जारी ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 पर आधारित है। अंतिम नियमों में मामूली बदलाव संभव हैं। कृपया कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने कर सलाहकार से परामर्श करें या आधिकारिक CBDT नोटिफिकेशन देखें।
