AHIDF योजना के तहत पशुपालन व्यवसाय के लिए 90% तक लोन और 3% ब्याज सब्सिडी। मिल्क प्रोसेसिंग, मीट प्रोसेसिंग, फीड प्लांट के लिए आवेदन प्रक्रिया जानें।

यदि आप पशुपालन के क्षेत्र में कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा व्यवसाय को विस्तार देना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज हम बात करेंगे एनिमल हस्बेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (AHIDF) के बारे में। यह भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पशुपालन से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सब्सिडी और लोन की सुविधा दी जाती है।
इस योजना के बारे में सबसे खास बात यह है कि आपको प्रोजेक्ट लागत का 90% तक लोन मिल जाता है और उस पर 3% ब्याज अनुदान (Interest Subvention) भी मिलता है। यानी अगर बैंक 7% ब्याज पर लोन दे रहा है, तो सरकार 3% सब्सिडी देगी और आपको प्रभावी रूप से केवल 4% ब्याज देना होगा ।
आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं – इसमें कौन-कौन से व्यवसाय शामिल हैं, कितना लोन मिलेगा, क्या-क्या दस्तावेज चाहिए और आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है।
क्या है AHIDF योजना?
AHIDF यानी एनिमल हस्बेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड। यह योजना प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वर्ष 2020-21 में शुरू की गई थी । इसका उद्देश्य दुग्ध प्रसंस्करण (Dairy Processing), मीट प्रोसेसिंग, पशु आहार संयंत्र (Animal Feed Plant), नस्ल सुधार (Breed Multiplication) और पशु अपशिष्ट से ऊर्जा निर्माण (Waste to Wealth) जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा देना है ।
हाल ही में कैबिनेट ने इस योजना को 2025-26 तक के लिए बढ़ा दिया है, जिसका कुल आउटले 29,610.25 करोड़ रुपये है ।
इन व्यवसायों के लिए मिलेगा लोन (Eligible Businesses)
AHIDF योजना के तहत निम्नलिखित प्रकार के व्यवसाय स्थापित करने या विस्तार करने के लिए लोन लिया जा सकता है :
- मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट – दूध से घी, पनीर, मक्खन, छाछ, दही जैसे उत्पाद बनाने के लिए
- मीट प्रोसेसिंग यूनिट – मांस प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन (Value Addition) के लिए
- एनिमल फीड प्लांट – पशु आहार (कंटा, पिलर्स आदि) बनाने के लिए
- एनिमल ब्रीड मल्टीप्लिकेशन फार्म – नस्ल सुधार और उन्नत नस्ल के पशु तैयार करने के लिए
- एनिमल वेस्टेज प्रोसेसिंग यूनिट – बायोगैस प्लांट, गोबर से खाद बनाने आदि के लिए
- पशु चिकित्सा वैक्सीन और दवा उत्पादन सुविधाएं
महत्वपूर्ण बात: यह योजना सिर्फ दूध बेचने के लिए नहीं है। अगर आप केवल दूध का उत्पादन करके कच्चा दूध बेचना चाहते हैं, तो उसके लिए अलग योजनाएं हैं (जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, DEDS आदि)। AHIDF प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर केंद्रित है ।
कितना लोन मिलेगा? कितनी सब्सिडी? (Loan & Subsidy Details)
लोन राशि और मार्जिन मनी
- लोन: प्रोजेक्ट लागत का 90% तक बैंक द्वारा लोन मिलेगा
- मार्जिन मनी (आपका हिस्सा):
- सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (Micro & Small): 10%
- मध्यम उद्यम (Medium): 15%
- अन्य श्रेणियां: 25%
ब्याज दर और सब्सिडी
- ब्याज अनुदान: सरकार द्वारा 3% की सब्सिडी
- प्रभावी ब्याज दर: मान लीजिए बैंक 7% ब्याज ले रहा है, तो 3% सब्सिडी मिलने के बाद आपको लगभग 4% प्रभावी ब्याज देना होगा
- अवधि: कुल 8 साल (2 साल मोरेटोरियम + 6 साल रीपेमेंट)
मोरेटोरियम पीरियड क्या है?
मोरेटोरियम पीरियड यानी छूट अवधि। इसमें आपको 2 साल तक केवल ब्याज जमा कराना होगा, मूलधन (Principal) की किश्तें नहीं देनी होंगी। इससे नया व्यवसाय शुरू करने वालों को काफी राहत मिलती है ।
क्रेडिट गारंटी
MSME और डेयरी कोऑपरेटिव्स को 25% तक की क्रेडिट गारंटी भी दी जाती है। यानी अगर आप डिफॉल्ट करते हैं, तो गारंटी फंड से 25% राशि की भरपाई हो जाएगी।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आप 1 करोड़ रुपये की मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहते हैं।
- कुल प्रोजेक्ट लागत: ₹1,00,00,000
- आपका हिस्सा (10%): ₹10,00,000
- बैंक लोन (90%): ₹90,00,000
- ब्याज दर: 7% (सिबिल स्कोर के आधार पर)
- सब्सिडी: 3% (सरकार देगी)
- आपकी प्रभावी ब्याज दर: 4%
- रीपेमेंट अवधि: 8 साल (2 साल मोरेटोरियम + 6 साल रीपेमेंट)
कौन-कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility)
इस योजना के लिए निम्नलिखित पात्र हैं :
- व्यक्तिगत उद्यमी (Individual Entrepreneurs)
- निजी कंपनियां (Private Companies)
- एमएसएमई (MSMEs)
- एफपीओ (Farmer Producer Organizations)
- सेक्शन 8 कंपनियां (Section 8 Companies – नॉन-प्रॉफिट)
- स्टार्टअप्स
आवश्यक शर्तें:
- भारतीय नागरिक होना अनिवार्य
- अच्छा सिबिल स्कोर (730+ अधिमानतः)
- प्रोजेक्ट के लिए भूमि होना या लीज पर लेना
- व्यवसाय की व्यवहार्यता (Viability)
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेज
- डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) – सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज
- मशीनरी और उपकरणों की सूची और कोटेशन
- भूमि संबंधी दस्तावेज (खुद की जमीन या लीज एग्रीमेंट – ₹100 स्टांप पेपर पर)
- लेआउट प्लान (आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित)
- लाइसेंस/NOC (FSSAI, प्रदूषण बोर्ड आदि – यदि लागू हो)
पहचान दस्तावेज
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- एड्रेस प्रूफ
व्यवसाय दस्तावेज
- कंपनी/फर्म का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- पार्टनरशिप डीड या LLP एग्रीमेंट
- उद्यम पंजीकरण (MSME के लिए)
- MOA & AOA (कंपनियों के लिए)
वित्तीय दस्तावेज
- पिछले 2-3 साल के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट
- पिछले 2-3 साल का आईटीआर
- पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट
- अनुभव प्रमाण पत्र (यदि पशुपालन से जुड़ा कोर्स/ट्रेनिंग की हो)
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे बनाएं?
प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के दो तरीके हैं:
- सीए से बनवाएं: किसी अच्छे चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाएं। यह सबसे सुरक्षित तरीका है।
- चैटजीपीटी की मदद लें: चैटजीपीटी एप्लिकेशन में जाकर डिटेल प्रॉम्प्ट दें – किस योजना के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट चाहिए, कितने रुपये का प्रोजेक्ट है, कितने साल का है, कौन-कौन सी मशीनरी चाहिए आदि। चैटजीपीटी एक ड्राफ्ट बना देगा, जिसमें आप अपने हिसाब से बदलाव कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया (How to Apply)
स्टेप 1: तैयारी
प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सभी दस्तावेज तैयार कर लें। सिबिल स्कोर चेक कर लें कि अच्छा है या नहीं।
स्टेप 2: पोर्टल पर जाएं
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://ahidf.udyamimitra.in/
स्टेप 3: रजिस्ट्रेशन/लॉगिन
‘Apply for Loan’ विकल्प पर क्लिक करें। मोबाइल नंबर डालें, OTP वेरिफाई करके लॉगिन करें।
स्टेप 4: आवेदन भरें
नाम, कंस्टीट्यूशन, प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, पात्रता, प्रोजेक्ट डिटेल आदि भरें।
स्टेप 5: दस्तावेज अपलोड करें
सभी जरूरी दस्तावेज (DPR, आईडी प्रूफ, वित्तीय दस्तावेज, भूमि दस्तावेज आदि) अपलोड करें।
स्टेप 6: बैंक चुनें
जिस बैंक से लोन लेना चाहते हैं, उसे लिस्ट में से चुनें।
स्टेप 7: सबमिट करें
सारी जानकारी चेक करके फॉर्म सबमिट कर दें।
आवेदन के बाद क्या होगा?
- स्क्रूटनी: आपके दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
- कमी पूर्ति: अगर कोई कमी रह गई है, तो आपको मोबाइल पर मैसेज मिलेगा। 15-20 दिन के अंदर कमी पूरी करनी होगी, वरना आवेदन निरस्त हो सकता है।
- बैंक मूल्यांकन: बैंक आपके प्रोजेक्ट और दस्तावेजों का मूल्यांकन करेगा।
- लोन स्वीकृति: सब कुछ सही पाए जाने पर लोन स्वीकृत हो जाएगा।
- सब्सिडी स्वीकृति: लोन स्वीकृति के बाद सरकार ब्याज अनुदान को मंजूरी देगी ।
महत्वपूर्ण: लोन स्वीकृति के बाद ही प्रोजेक्ट शुरू करें। पहले प्रोजेक्ट शुरू करने से लोन मिलने में दिक्कत हो सकती है।
योजना के लाभ
- 90% तक फाइनेंस: कम पूंजी में बड़ा व्यवसाय शुरू कर सकते हैं
- 3% ब्याज सब्सिडी: लोन की लागत कम हो जाती है
- 8 साल की लोन अवधि: लंबा समय मिलने से EMI कम होती है
- 2 साल का मोरेटोरियम: शुरुआत में आर्थिक दबाव कम
- क्रेडिट गारंटी: 25% तक की गारंटी से बैंक को भरोसा मिलता है
- रोजगार सृजन: इस योजना से 35 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है
- किसानों की आय दोगुनी: प्रोसेसिंग से वैल्यू एडिशन होने से किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं
सुझाव और सावधानियां
- सिबिल स्कोर पहले चेक करें: अगर आपका सिबिल स्कोर 750 से कम है, तो पहले उसे सुधारें। खराब स्कोर पर ब्याज दर ज्यादा लगेगी या लोन रिजेक्ट भी हो सकता है।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट अच्छे से बनवाएं: यही सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें सारी लागत, मशीनरी, आय-व्यय का अनुमान सही-सही दें।
- सभी दस्तावेज तैयार रखें: एक भी दस्तावेज की कमी से आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।
- भूमि का इंतजाम पहले करें: लीज एग्रीमेंट हो या अपनी जमीन, भूमि संबंधी दस्तावेज जरूरी हैं।
- प्रदूषण बोर्ड की अनुमति: अगर प्रोसेसिंग यूनिट बड़ी है और उससे प्रदूषण होगा, तो स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से NOC लेना न भूलें।
- आवेदन की स्थिति जांचते रहें: समय-समय पर पोर्टल पर जाकर देखते रहें कि आपके आवेदन में कोई कमी तो नहीं बताई गई है।
निष्कर्ष
AHIDF योजना पशुपालन के क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली एक शानदार योजना है। दूध और मांस प्रसंस्करण, पशु आहार, नस्ल सुधार जैसे क्षेत्रों में व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए यह सुनहरा अवसर है। 90% तक लोन, 3% ब्याज सब्सिडी और 2 साल के मोरेटोरियम के साथ यह योजना छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
अगर आप भी पशुपालन से जुड़ा कोई प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहते हैं, तो इस योजना के लिए जरूर आवेदन करें। सभी दस्तावेज तैयार करें, अच्छी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाएं और ऑनलाइन आवेदन करें।
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नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी निवेश या लोन संबंधी निर्णय लेने से पहले कृपया अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
