क्या आप जानते हैं PMGP स्कीम में सबसे ज्यादा लोन इन 10 बिजनेस पर मिले हैं? जानिए बेकरी, मसाला, आइसक्रीम और जैकफ्रूट प्रोसेसिंग के बिजनेस आइडियाज। सरकार से 35% सब्सिडी पाने का मौका न चूकें।

भारत एक उद्यमशीलता का देश है और यहाँ हर साल हजारों युवा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का सपना देखते हैं। हालाँकि, पूंजी की कमी अक्सर इन सपनों को पंख नहीं लगा पाती। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमजीपी) स्कीम शुरू की है। यह स्कीम न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए भारी सब्सिडी भी देती है।
इस ब्लॉग पोस्ट में, हम उन टॉप 10 मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस आइडियाज पर चर्चा करेंगे, जिन पर पीएमजीपी स्कीम के तहत सबसे ज्यादा लोन लिए गए हैं। सरकार ने सबसे अधिक इन्हीं व्यवसायों को वित्तीय सहायता दी है, जो इनकी लोकप्रियता और सफलता की संभावना को दर्शाता है। आइए, सबसे पहले इस सरकारी योजना को विस्तार से समझते हैं।
पीएमजीपी स्कीम क्या है?
पीएमजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है ।
- कितना लोन मिलेगा? इस स्कीम के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अधिकतम ₹50 लाख और सर्विस सेक्टर के लिए ₹20 लाख तक का लोन प्रोवाइड कराया जाता है ।
- सब्सिडी कितनी है? सबसे खास बात यह है कि सरकार प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 35% (ग्रामीण क्षेत्रों के लिए) तक की सब्सिडी प्रदान करती है। शहरी क्षेत्रों के लिए यह सब्सिडी 25% है ।
- उदाहरण के लिए: यदि आप ₹50 लाख का लोन लेते हैं और ग्रामीण क्षेत्र में यूनिट लगाते हैं, तो आपको लगभग ₹17.5 लाख का सब्सिडी सीधे आपके खाते में मिलेगा। इतना आकर्षक प्रावधान शायद ही किसी अन्य योजना में हो।
पीएमजीपी स्कीम के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
लोन के लिए आवेदन करने से पहले, सही दस्तावेज और योजना का होना बेहद जरूरी है। इसके लिए यह प्रक्रिया अपनाएं :
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट: यह सबसे अहम दस्तावेज है। इसमें आपके बिजनेस प्लान, खर्चों का विवरण, मार्केटिंग रणनीति और अनुमानित आय का उल्लेख होना चाहिए। एक अधूरी या कमजोर प्रोजेक्ट रिपोर्ट लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण है ।
- उद्यम पंजीकरण (एमएसएमई रजिस्ट्रेशन): सब्सिडी का लाभ लेने के लिए यह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
- बुनियादी दस्तावेज: इसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, पते का प्रमाण (बिजली बिल/राशन कार्ड), शैक्षणिक प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं ।
- आवेदन प्रक्रिया:
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल www.kviconline.gov.in पर जाएं ।
- अपनी व्यक्तिगत और व्यवसायिक जानकारी दर्ज करें और फॉर्म भरें।
- सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद, आपको एक आवेदक आईडी और पासवर्ड मिलेगा, जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
- आवेदन जमा होने के बाद, यह संबंधित बैंक में भेजा जाता है। बैंक द्वारा सत्यापन के बाद लोन डिस्बर्स कर दिया जाता है।
टॉप 10 मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस आइडियाज (जिन पर सबसे ज्यादा लोन लिए गए)
ये वो बिजनेस हैं, जिनकी डिमांड हमेशा बनी रहती है, जो सालों भर चलते हैं, और जिनमें सफलता की संभावना सबसे अधिक है।
1. बेकरी मैन्युफैक्चरिंग
यह एक बहुत बड़ी कैटेगरी है। इसमें ब्रेड, बिस्किट, रस्क, केक और पेस्ट्री जैसे उत्पाद शामिल हैं। आजकल गांव-गांव में भी पैकेट बंद रस्क और ब्रेड की मांग बढ़ रही है। यह एक ऐसा व्यवसाय है जो कभी बंद नहीं होता।
- न्यूनतम निवेश: ₹1 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख (पीएमजीपी के तहत)
2. फ्लोर मिल (आटा, बेसन, मैदा)
यह रोजमर्रा की जरूरत का सामान है। चाहे आटा हो, बेसन हो या मैदा, हर भारतीय रसोई में इनकी मांग बनी रहती है। आप बड़े पैमाने पर आटा पीसकर ब्रांडेड पैकेट भी बेच सकते हैं।
- न्यूनतम निवेश: ₹5 – ₹10 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
3. ऑयल मैन्युफैक्चरिंग (एडिबल ऑयल)
खाने का तेल हर घर की मूलभूत आवश्यकता है। उत्तर भारत में सरसों के तेल की मांग है, वहीं दक्षिण में नारियल तेल की। कोल्ड-प्रेस तेल (वर्जिन ऑयल) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जो महंगे दामों पर बिकता है।
- न्यूनतम निवेश: ₹1 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
4. बनाना चिप्स (केला चिप्स)
मार्केट में आलू के चिप्स की भरमार है, लेकिन अब हेल्थ के प्रति जागरूक लोग केला चिप्स पसंद कर रहे हैं। केला चिप्स हेल्दी होता है और इसका मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। आप इसे वेफर के रूप में पैक करके 10, 20 रुपये के पैकेट में बेच सकते हैं।
- न्यूनतम निवेश: ₹5 लाख से शुरू
- मुनाफा: 20-30% तक (उद्योग मानकों के अनुसार)
5. कैटल या पोल्ट्री फीड (पशु एवं मुर्गी आहार)
भारत में मीट और डेयरी प्रोडक्शन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में गाय, भैंस, बकरी और मुर्गियों के लिए अच्छी क्वालिटी के फीड (दाना) की मांग लगातार बनी रहती है। यह एक बेहतरीन मैन्युफैक्चरिंग आइडिया है, जिसे 1000 वर्ग फीट की जगह में भी शुरू किया जा सकता है।
- न्यूनतम निवेश: ₹1 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
6. अदरक-लहसुन पेस्ट (जिंजर गार्लिक पेस्ट)
शहरों में रहने वाले लोगों के पास अदरक-लहसुन छीलने का समय नहीं है। ऐसे में रेडी-मेड पेस्ट की भारी मांग है। होटल और रेस्टोरेंट भी बड़ी मात्रा में इसका इस्तेमाल करते हैं। यह एक ऐसा बिजनेस है, जिस पर कम लोग ध्यान देते हैं, लेकिन इसमें करोड़ों का टर्नओवर है।
- न्यूनतम निवेश: ₹1 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
7. फ्रूट बार/प्रोटीन बार मैन्युफैक्चरिंग
हेल्थ और फिटनेस के बढ़ते चलन के साथ, एनर्जी बार और फ्रूट बार की मांग आसमान छू रही है। यह एक स्केलेबल बिजनेस है। आप अपना ब्रांड लॉन्च करके पूरे देश और यहां तक कि विदेशों में भी सप्लाई कर सकते हैं।
- न्यूनतम निवेश: ₹25 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख (या उससे अधिक निजी निवेश से)
8. मसाला मैन्युफैक्चरिंग
मसाला भारतीय खाने की जान है। एमडीएच, एवरेस्ट जैसी बड़ी कंपनियां भी पूरी मांग को पूरा नहीं कर पातीं। आप खड़ा मसाला (साबुत मसाले) बेच सकते हैं या फिर उन्हें पीसकर पाउडर मसाला बना सकते हैं। अच्छी पैकेजिंग और ब्रांडिंग के दम पर आप लोकल लेवल पर अच्छा खासा कारोबार खड़ा कर सकते हैं।
- न्यूनतम निवेश: ₹5 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
- मुनाफा: 20-30% तक
9. आइसक्रीम मैन्युफैक्चरिंग
आइसक्रीम अब सिर्फ गर्मियों की मांग नहीं रही। लोग सर्दियों में भी इसे शौक से खाते हैं। छोटे शहरों और गांवों में भी आइसक्रीम की पहुंच और पॉपुलैरिटी बढ़ी है। नए-नए फ्लेवर और वैरायटी के साथ इसमें अपार संभावनाएं हैं।
- न्यूनतम निवेश: ₹1 – 5 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
10. जैकफ्रूट (कटहल) बेस्ड प्रोडक्ट
यह सबसे इनोवेटिव बिजनेस आइडिया है। कटहल को अब सुपरफूड का दर्जा मिल चुका है। वीगन लोग इसे मीट के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। आप कटहल के चिप्स, अचार, और यहां तक कि केक भी बना सकते हैं। कच्चा कटहल सस्ता होता है, लेकिन उससे बने प्रोसेस्ड फूड कई गुना कीमत पर बिकते हैं।
- न्यूनतम निवेश: ₹20 – 25 लाख से शुरू
- अधिकतम लोन: ₹50 लाख
महत्वपूर्ण सुझाव (टिप्स फॉर अप्रूवल)
- सटीक प्रोजेक्ट रिपोर्ट: अपने प्रोजेक्ट रिपोर्ट में खर्चों को कम और मुनाफे को ज्यादा न दिखाएं। यह यथार्थवादी (रियलिस्टिक) होनी चाहिए, ताकी बैंक में आपका आवेदन भरोसेमंद लगे ।
- खाद्य व्यवसाय के लिए लाइसेंस: अगर आप फूड से जुड़ा बिजनेस शुरू कर रहे हैं, तो एफएसएसएआई लाइसेंस लेना न भूलें।
- फॉर्म भरने में सहायता: प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने से लेकर फॉर्म भरने तक का काम आप ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं की मदद से घर बैठे ही करा सकते हैं।
निष्कर्ष
पीएमजीपी स्कीम देश का सबसे दमदार स्टार्ट-अप सपोर्ट प्रोग्राम है। ऊपर बताए गए सभी बिजनेस आइडियाज टिकाऊ (सस्टेनेबल) और लंबे समय तक चलने वाले हैं। ये वही व्यवसाय हैं, जिन पर हजारों उद्यमियों ने भरोसा जताया है और सरकार ने उन्हें खुलकर लोन दिए हैं। अगर आप भी अपना खुद का कारोबार शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो इनमें से कोई एक आइडिया चुनें, एक मजबूत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाएं और पीएमजीपी पोर्टल पर आवेदन करें। आपका सपना साकार हो, यही कामना है।
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