RBI ने 9 फरवरी 2026 को MSME लोन नियमों में बड़ा बदलाव किया। अब Micro & Small Enterprises को ₹20 लाख तक का लोन बिना गारंटी मिलेगा। 1 अप्रैल 2026 से लागू। पूरी जानकारी।

आमतौर पर बड़े बदलाव बजट के दौरान होते हैं, लेकिन कभी-कभी सरकार और रिजर्व बैंक ऐसे फैसले ले लेते हैं जो बजट से भी अहम होते हैं। 9 फरवरी 2026 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक ऐतिहासिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जो देश के लाखों सूक्ष्म और लघु उद्यमियों (MSEs) की किस्मत बदल सकता है ।
वित्त मंत्री ने 1 फरवरी को पेश बजट में इसका जिक्र नहीं किया था, लेकिन RBI के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने 6 फरवरी की मॉनेटरी पॉलिसी में इसका संकेत दे दिया था । और अब, 9 फरवरी 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना का नाम है: “लेण्डिंग टू माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर (अमेंडमेंट) डायरेक्शन, 2026” ।
RBI ने साफ कहा है कि यह बदलाव जनहित (Public Interest) में बेहद जरूरी है । आइए, विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह नोटिफिकेशन क्या कहता है और इससे आपको कैसे फायदा होगा।
क्या है यह नया नियम? (The Big Announcement)
RBI ने MSME सेक्टर के लिए जारी मास्टर डायरेक्शन (आखिरी बार 23 जुलाई 2025 को अपडेटेड) में संशोधन कर दिया है । इस संशोधन का सार यह है कि अब बैंकों को सूक्ष्म (Micro) और लघु (Small) उद्यमों (MSEs) को दिए जाने वाले ₹20 लाख तक के लोन पर कोई संपार्श्विक सुरक्षा (Collateral Security) नहीं मांगनी होगी।
पहले यह सीमा ₹10 लाख थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹20 लाख कर दिया गया है । RBI का कहना है कि यह बदलाव उन छोटे उद्यमियों को ध्यान में रखकर किया गया है, जिनके पास सीमित संपत्ति (Assets) होती है और वे गारंटी न दे पाने के कारण बैंक से लोन नहीं ले पाते थे । RBI गवर्नर के मुताबिक, 2010 में यह सीमा ₹10 लाख तय की गई थी और अब मुद्रास्फीति (Inflation) को देखते हुए इसे बढ़ाकर ₹20 लाख करना जरूरी हो गया था ।
कब से लागू होगा नियम? (Effective Date)
यह नियम तुरंत लागू नहीं होगा। RBI ने इसे लागू करने की तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की है । इसका मतलब है कि 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद स्वीकृत (Sanctioned) या नवीनीकृत (Renewed) होने वाले सभी MSE लोन पर यह नियम लागू होगा ।
₹20 लाख से ₹25 लाख तक का विकल्प (The ₹25 Lakh Option)
यह तो अनिवार्य (Mandatory) सीमा है। लेकिन RBI ने बैंकों को यह भी छूट दी है कि अगर किसी MSE यूनिट का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है और उसकी वित्तीय स्थिति (Financial Position) मजबूत है, तो बैंक अपनी आंतरिक नीति (Internal Policy) के तहत यह सीमा बढ़ाकर ₹25 लाख तक कर सकते हैं । यानी अच्छा प्रदर्शन करने वाले छोटे उद्यमी ₹25 लाख तक का लोन बिना गारंटी के ले सकेंगे।
तालिका 1: नई कोलेटरल-फ्री लोन सीमा का सारांश
| विवरण | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था (1 अप्रैल 2026 से) |
|---|---|---|
| अनिवार्य (Mandatory) सीमा | ₹10 लाख तक | ₹20 लाख तक |
| अधिकतम संभावित सीमा (अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड पर) | – | ₹25 लाख तक (बैंक की आंतरिक नीति पर निर्भर) |
किन पर लागू होगा? (Who is Eligible?)
यह नियम खासतौर पर सूक्ष्म (Micro) और लघु (Small) उद्यमों (MSEs) के लिए है। इसमें मध्यम (Medium) उद्यमों को शामिल नहीं किया गया है ।
PMEGP यूनिट्स के लिए भी राहत (Benefits for PMEGP Units)
RBI ने यह भी साफ किया है कि यह सुविधा उन सभी यूनिट्स पर भी लागू होगी, जिन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत फाइनेंस किया जाता है। यह स्कीम खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (KVIC) के द्वारा एडमिनिस्टर की जाती है । अब PMEGP के तहत आने वाली यूनिट्स को भी ₹20 लाख तक का लोन बिना किसी गारंटी के मिल सकेगा।
क्या बैंक गारंटी ले ही नहीं सकते? (The Prohibition on Collateral)
RBI ने इस अमेंडमेंट में बैंकों को साफ निर्देश दिया है कि वे ₹20 लाख तक के MSE लोन के लिए कोलेटल सिक्योरिटी स्वीकार न करें (Not to Accept Collateral Security) । यह सिर्फ न मांगने की बात नहीं है, बल्कि लेने पर भी पाबंदी है। हालांकि, इसमें एक बड़ी छूट दी गई है।
सोना-चांदी गिरवी रखने पर क्या? (Voluntary Pledge of Gold & Silver)
RBI ने कहा है कि अगर कोई उधारकर्ता (Borrower) खुद की मर्जी से (Voluntarily) बैंक के पास सोना या चांदी गिरवी (Pledge) रखना चाहता है, तो बैंक उसे ले सकते हैं और इसे नियमों का उल्लंघन (Violation) नहीं माना जाएगा । यह प्रावधान किसानों के लिए पिछले साल लाए गए नियम की तरह ही है ।
लेकिन यहां एक सावधानी जरूरी है। RBI की मंशा साफ है कि यह कोई लूपहोल न हो। हमारा निवेदन है कि बैंक इसका फायदा उठाकर किसी भी उधारकर्ता से जबरन सुरक्षा न मांगें। उम्मीद है कि बैंक इस नियम का पालन भावना के साथ करेंगे और 20-25 लाख तक के लोन वास्तव में बिना किसी शर्त के कोलेटल-फ्री दिए जाएंगे।
क्रेडिट गारंटी स्कीम का सहारा (Credit Guarantee Scheme Cover)
RBI ने यह भी सलाह दी है कि अगर बैंकों को किसी लोन में जोखिम (Risk) दिखता है, तो वे क्रेडिट गारंटी स्कीम (Credit Guarantee Scheme) का कवर ले सकते हैं । यह स्कीम MSEs को दिए गए बिना गारंटी वाले लोन पर बैंकों को सुरक्षा प्रदान करती है।
तालिका 2: नए नियमों का त्वरित अवलोकन
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अधिसूचना तिथि | 9 फरवरी 2026 |
| लागू होने की तिथि | 1 अप्रैल 2026 |
| किसके लिए | सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (Micro & Small Enterprises – MSEs) |
| अनिवार्य कोलेटरल-फ्री सीमा | ₹20 लाख (पहले ₹10 लाख) |
| अधिकतम संभावित सीमा | ₹25 लाख (अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड पर) |
| PMEGP यूनिट्स के लिए | ₹20 लाख तक कोलेटरल-फ्री लोन अनिवार्य |
| स्वैच्छिक गिरवी | बैंक उधारकर्ता द्वारा स्वेच्छा से गिरवी रखा गया सोना-चांदी ले सकते हैं |
| जोखिम कवर | बैंक क्रेडिट गारंटी स्कीम का लाभ ले सकते हैं |
RBI ने ऐसा क्यों किया? (Why This Move?)
RBI ने साफ किया है कि इस संशोधन का उद्देश्य सीमित संपत्ति वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों तक क्रेडिट की आखिरी खाई (Last-mile Credit Delivery) को मजबूत करना है । MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार सृजन का सबसे बड़ा जरिया है । इस फैसले से छोटे उद्यमियों के लिए बिना किसी बैंक गारंटी या जमीन-जायदाद गिरवी रखे आसानी से लोन मिल सकेगा, जिससे उनका कारोबार बढ़ेगा और नए रोजगार पैदा होंगे।
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक MSE सेक्टर का बकाया क्रेडिट (Outstanding Credit) ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया था, जो सालाना आधार पर करीब 30% की दर से बढ़ रहा है । उम्मीद है कि इस नए फैसले से यह ग्रोथ और तेज होगी।
निष्कर्ष: एक ऐतिहासिक फैसला (Conclusion)
1 अप्रैल 2026 से देश के लाखों सूक्ष्म और लघु उद्यमियों के लिए एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। RBI द्वारा कोलेटरल-फ्री लोन की सीमा बढ़ाकर ₹20 लाख करना और अच्छे उद्यमियों के लिए इसे ₹25 लाख तक करने का विकल्प देना, इस सेक्टर को मिलने वाला सबसे बड़ा तोहफा है। यह न केवल उद्यमियों के लिए राहत है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक ऐतिहासिक कदम भी है।
यदि आप एक MSE यूनिट संचालित करते हैं या PMEGP के तहत लोन लेना चाहते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 के बाद बिना किसी गारंटी के ₹20-25 लाख तक का लोन पाना आसान हो जाएगा। इस अधिसूचना का पूरा पाठ आप RBI की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं ।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और समाचार पर आधारित है। किसी भी लोन या निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले कृपया अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें।
