Udyog Aadhaar से Udyam Registration में हुए बड़े बदलाव जानें। अब होलसेल/रिटेल ट्रेडर्स भी पा सकते हैं MSME का लाभ। पूरी स्टेप-बाई-स्टेप रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, कोलेटरल-फ्री लोन, टैक्स बेनिफिट, सब्सिडी और सभी आधिकारिक लिंक्स यहां देखें।

पहले यह उद्योग आधार (Udyog Aadhaar) के नाम से जाना जाता था, लेकिन पिछले साल इसे Udyam Registration पोर्टल में माइग्रेट कर दिया गया है। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है जिसने MSME रजिस्ट्रेशन को और भी सरल, पारदर्शी और व्यापक बना दिया है।
भाग 1: एमएसएमई रजिस्ट्रेशन में हुए बड़े बदलाव (Key Changes in MSME Registration)
1. Udyog Aadhaar से Udyam Registration में परिवर्तन
सरकार ने पुराने Udyog Aadhaar Memorandum (UAM) पोर्टल को बंद करके नया Udyam Registration पोर्टल (https://udyamregistration.gov.in) लॉन्च किया है। अब सभी नए रजिस्ट्रेशन और पुराने रजिस्ट्रेशन का माइग्रेशन इसी पोर्टल पर होगा।
2. जीएसटी और आयकर की अनिवार्यता हटी
शुरुआत में यह आवश्यकता थी कि जिसके पास GST नंबर होगा, वही Udyam Registration करा सकता है। लेकिन अब यह आवश्यकता हटा दी गई है। अगर आपका टर्नओवर GST रजिस्ट्रेशन की सीमा से कम है, तो आप GST नंबर के बिना भी MSME रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। हालाँकि, GST रजिस्टर्ड व्यवसायों को अपना GSTIN दर्ज करना अनिवार्य है।
3. होलसेल और रिटेल ट्रेडर्स को भी MSME का दर्जा
पहले MSME रजिस्ट्रेशन की सुविधा सिर्फ विनिर्माता (Manufacturers) और सेवा प्रदाताओं (Service Providers) के लिए थी। लेकिन हाल ही में, भारत सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए होलसेल ट्रेडर्स (Wholesale Traders) और रिटेल ट्रेडर्स (Retail Traders) को भी इसमें शामिल कर लिया है।
नई पात्रता: कोई भी होलसेल या रिटेल ट्रेडर जिसका वार्षिक टर्नओवर ₹250 करोड़ से कम है, वह MSME के तहत पंजीकरण करवा सकता है और सभी लाभ प्राप्त कर सकता है। यह एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम है।
भाग 2: MSME रजिस्ट्रेशन के प्रमुख लाभ (Key Benefits of MSMS Registration)
एमएसएमई पंजीकरण केवल एक फॉर्मैलिटी नहीं है; यह आपके व्यवसाय को कई ठोस वित्तीय और प्रशासनिक लाभ प्रदान करता है:
1. कोलेटरल-फ्री लोन (Collateral-Free Loans)
क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) योजना के तहत, रजिस्टर्ड MSMEs को ₹2 करोड़ तक का लोन बिना किसी कोलेटरल (गिरवी) के मिल सकता है। सरकार इस लोन की गारंटी देती है।
2. ब्याज दर में रियायत (Interest Rate Subsidy)
रजिस्टर्ड MSMEs को बैंकों से लोन लेने पर सामान्य दर से 1% से 2% कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना रहती है। सरकार की कई योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) में ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है।
3. सरकारी टेंडर में छूट (Relaxation in Government Tenders)
- ई-टेंडर में रजिस्ट्रेशन फीस माफ: MSMEs को सरकारी टेंडर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं देना पड़ता।
- सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट: जहां अन्य कंपनियों को टेंडर के लिए पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट देनी पड़ती है, वहीं MSMEs को न के बराबर या बहुत कम (जैसे 50% कम) सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होती है।
- पेमेंट सिक्योरिटी: सरकारी विभागों/कंपनियों द्वारा MSMEs को 45 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना अनिवार्य है। देरी होने पर MSME डिले पेमेंट पर कंपाउंड इंटरेस्ट की मांग कर सकता है।
4. सब्सिडी और प्रोत्साहन (Subsidies and Incentives)
- पेटेंट/ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन पर सब्सिडी: रजिस्टर्ड MSMEs को अपना पेटेंट, ट्रेडमार्क या डिज़ाइन रजिस्टर करवाने पर 50% तक की सब्सिडी मिलती है।
- ISO सर्टिफिकेशन पर सब्सिडी: ISO 9001, ISO 14001 जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों का सर्टिफिकेशन करवाने पर सरकार पूरी फीस रीइम्बर्स करती है।
- बिजली बिल पर छूट: कई राज्यों में, MSMEs को बिजली की दरों में छूट मिलती है। अपने संबंधित राज्य के बिजली बोर्ड से इसकी जानकारी लें।
5. एक्सपोर्ट प्रोत्साहन (Export Promotion)
- MSMEs को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों (Trade Fairs) में भाग लेने के लिए सरकार स्टॉल की लागत में सब्सिडी देती है।
- एक्सपोर्ट प्रोत्साहन के लिए विभिन्न योजनाओं (जैसे मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम) का लाभ मिलता है।
6. आयकर में छूट (Income Tax Benefits)
MSME रजिस्टर्ड इकाइयों को आयकर अधिनियम के विभिन्न धाराओं (जैसे धारा 80-IC, 80-IAC – स्टार्टअप्स के लिए) के तहत टैक्स हॉलिडे या कम दर का लाभ मिल सकता है।
7. क्रेडिट रेटिंग सब्सिडी
अपनी कंपनी की क्रेडिट रेटिंग (NSIC, CRISIL, ICRA आदि से) करवाने पर MSME मंत्रालय लागत का 75% या अधिकतम ₹40,000 तक की सब्सिडी प्रदान करता है।
भाग 3: MSME रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step Registration Process)
नोट: रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निःशुल्क है। किसी भी एजेंट या दलाल को पैसे न दें।
चरण 1: पात्रता जांचें (Check Eligibility)
MSMEs को निवेश और टर्नओवर के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:
| उद्यम का प्रकार | निवेश सीमा (Plant & Machinery/Equipment) | टर्नओवर सीमा |
|---|---|---|
| सूक्ष्म उद्यम | ₹1 करोड़ से अधिक नहीं | ₹5 करोड़ से अधिक नहीं |
| लघु उद्यम | ₹10 करोड़ से अधिक नहीं | ₹50 करोड़ से अधिक नहीं |
| मध्यम उद्यम | ₹50 करोड़ से अधिक नहीं | ₹250 करोड़ से अधिक नहीं |
(निवेश और टर्नओवर दोनों मानदंडों में से केवल एक को पूरा करना आवश्यक है।)
चरण 2: आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
- आधार कार्ड (व्यक्तिगत/प्रोपराइटर/पार्टनर/डायरेक्टर)
- पैन कार्ड (व्यक्तिगत और व्यावसायिक)
- व्यवसाय का पता प्रमाण
- बैंक खाते की जानकारी
- मौजूदा इकाइयों के लिए: पुराना उद्योग आधार (UAM) नंबर (यदि है), GSTIN (यदि है), और पैन।
चरण 3: ऑनलाइन आवेदन (Online Application)
- आधिकारिक पोर्टल https://udyamregistration.gov.in पर जाएं।
- “For New Entrepreneurs who are not Registered yet as MSME or those with EM-II” पर क्लिक करें।
- आधार नंबर दर्ज करें और “Validate & Generate OTP” बटन दबाएं।
- मोबाइल पर प्राप्त OTP डालें।
- पैन वैलिडेशन: अगला चरण पैन वैलिडेशन है। अपना व्यवसाय प्रकार (प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, कंपनी आदि) चुनें और पैन नंबर दर्ज करें। सिस्टम स्वचालित रूप से आयकर विभाग से डेटा लेकर आपके व्यवसाय का नाम भर देगा।
- व्यवसाय का विवरण: व्यवसाय का नाम, पता, संपर्क विवरण, बैंक खाता विवरण, मुख्य गतिविधि (विनिर्माण/सेवा/ट्रेड), रोजगार की संख्या, निवेश और टर्नओवर का विवरण भरें।
- स्व-घोषणा: सभी जानकारी सही है, इसकी स्व-घोषणा करें।
- सबमिट: फॉर्म सबमिट करने के तुरंत बाद, आपको एक सफलता संदेश और अनंतिम Udyam रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा।
- फाइनल सर्टिफिकेट: सिस्टम आपके द्वारा दिए गए पैन और GSTIN (यदि लागू हो) के आधार पर आयकर और जीएसटी पोर्टल से डेटा क्रॉस-वेरिफाई करेगा। सत्यापन के बाद, आपका फाइनल Udyam Registration Certificate पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध हो जाएगा, जिसे आप पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें एक QR कोड होगा, जिसे स्कैन करके आपकी डिटेल्स सत्यापित की जा सकती हैं।
भाग 4: Udyog Aadhaar (UAM) का Udyam में माइग्रेशन कैसे करें?
यदि आपने पहले Udyog Aadhaar Memorandum (UAM) भरा था, तो आपको इसे नए Udyam पोर्टल पर माइग्रेट करना अनिवार्य है।
- Udyam पोर्टल पर जाएं।
- “For those having registration as UAM” या “For those having registration as EM-II” विकल्प चुनें।
- अपना पुराना UAM नंबर दर्ज करें।
- आधार नंबर दर्ज कर OTP वैलिडेट करें।
- पोर्टल पुरानी जानकारी प्री-फिल करेगा। आपको इसे अपडेट और सत्यापित करना होगा।
- सबमिट करने पर आपको नया Udyam रजिस्ट्रेशन नंबर और सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
महत्वपूर्ण: 31 मार्च, 2024 के बाद सभी पुराने UAM सर्टिफिकेट अमान्य हो गए हैं। इसलिए, अगर अभी तक माइग्रेशन नहीं किया है, तो तुरंत कर लें।
भाग 5: MSME रजिस्ट्रेशन कैंसिल/अपडेट कैसे करें?
- अपडेशन: व्यवसाय में परिवर्तन (जैसे निवेश/टर्नओवर बढ़ने पर श्रेणी बदलना) के लिए पोर्टल पर “Update Details” का विकल्प है।
- कैंसिलेशन: रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के लिए, लॉग इन करने के बाद “Cancel Udyam Registration” का विकल्प चुनें और आवश्यक कारण दर्ज करें।
भाग 6: महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक (Important Official Links)
- Udyam रजिस्ट्रेशन पोर्टल: https://udyamregistration.gov.in
- MSME मंत्रालय, भारत सरकार: https://msme.gov.in
- क्रेडिट गारंटी योजना (CGTMSE): https://www.cgtmse.in
- NSIC (राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम): https://www.nsic.co.in
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP): https://www.kviconline.gov.in/pmegp
- डिलेड पेमेंट्स के लिए MSME सामने पोर्टल (SAMADHAAN): https://samadhaan.msme.gov.in
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, MSME रजिस्ट्रेशन भारत में छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुआ है। नए नियमों ने इसे और भी समावेशी बना दिया है। यह न सिर्फ आपको वित्तीय सहायता दिलाता है, बल्कि बाजार में विश्वसनीयता भी प्रदान करता है।
अगर आपने अभी तक अपना Udyam Registration नहीं कराया है, तो आज ही ऊपर बताई गई सरल प्रक्रिया का पालन करें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना शुरू करें। याद रखें, यह पूरी तरह निःशुल्क है।
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