UPS Pension Scheme 2026 की पूरी जानकारी हिंदी में। जानिए 50% गारंटीड पेंशन, पात्रता, निवेश, NPS से अंतर और फरवरी 2026 के नवीनतम अपडेट।
नई पेंशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव
आज हम बात करेंगे एक ऐतिहासिक बदलाव की, जिसने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की रिटायरमेंट की प्लानिंग को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। वर्ष 2004 में पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को खत्म करके राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू की गई थी, जो बाजार से जुड़ी हुई थी। इसमें तय पेंशन की गारंटी नहीं थी, जिससे कर्मचारियों में हमेशा एक असुरक्षा की भावना बनी रहती थी।
इसी चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई राह पेश की है – यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) । यह स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई और अब फरवरी 2026 में आ चुके हैं, हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे। यह ब्लॉग पोस्ट आपको UPS से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात से रूबरू कराएगी – पात्रता, फायदे, निवेश, NPS से तुलना और हाल के अपडेट्स। अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या राज्य सरकार में हैं और यह स्कीम लागू होने का इंतजार कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है।
क्या है यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)?
UPS को समझने के लिए सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि यह पुरानी और नई पेंशन स्कीम का मिश्रण है। NPS में आपकी पेंशन इस बात पर निर्भर करती है कि आपके निवेश किए गए पैसे ने बाजार में कितना रिटर्न दिया। वहीं, OPS में पेंशन तय होती थी (आखिरी वेतन का 50%) और वह सरकार के खजाने से दी जाती थी।
UPS इन दोनों का एक हाइब्रिड मॉडल है । इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों पैसा जमा करते हैं (NPS की तरह), लेकिन रिटायरमेंट के बाद एक तय (गारंटीड) पेंशन मिलती है (OPS की तरह), बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। इसे NPS के तहत ही एक विकल्प के रूप में पेश किया गया है । सीधे शब्दों में कहें तो यह बाजार के उतार-चढ़ाव से मुक्ति दिलाती है और सुनिश्चित भविष्य का वादा करती है।
कौन उठा सकता है लाभ? (पात्रता)
यह समझना बेहद जरूरी है कि UPS हर किसी के लिए नहीं है। फिलहाल, यह मुख्य रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए है। पात्रता की श्रेणियां कुछ इस प्रकार हैं :
- मौजूदा कर्मचारी: वे सभी केंद्र सरकार के कर्मचारी जो 1 अप्रैल 2025 को NPS के तहत कवर थे, वे UPS को ऑप्ट कर सकते हैं।
- नए कर्मचारी: 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद केंद्र सरकार की सेवा में शामिल होने वाले सभी नए कर्मचारी स्वतः इसके लिए पात्र हैं। उन्हें जॉइनिंग के 30 दिनों के भीतर विकल्प देना होगा ।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी: वे कर्मचारी जो 31 मार्च 2025 या उससे पहले NPS के तहत रिटायर हो चुके हैं, वे भी UPS के लिए पात्र हैं। लेकिन उनके लिए न्यूनतम 10 साल की सेवा अनिवार्य है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली हो या FR 56(j) के तहत रिटायर हुए हों ।
महत्वपूर्ण तारीखें (डेडलाइन) :
शुरुआत में सरकार ने मौजूदा कर्मचारियों और पूर्व सेवानिवृत्त लोगों के लिए 30 जून 2025 की डेडलाइन तय की थी। लेकिन कर्मचारियों की मांग पर इसे बढ़ाकर पहले 30 सितंबर और फिर 30 नवंबर 2025 कर दिया गया। फरवरी 2026 में अब यह डेडलाइन समाप्त हो चुकी है। इसका मतलब है कि अब केवल 1 अप्रैल 2025 के बाद ज्वाइन करने वाले नए कर्मचारी ही अपने ज्वाइनिंग के 30 दिनों के भीतर इस विकल्प का चुनाव कर सकते हैं । जिन मौजूदा कर्मचारियों ने नवंबर 2025 तक विकल्प नहीं दिया, उन्हें NPS में ही बने रहना मान लिया गया ।
यूपीएस की प्रमुख विशेषताएं और फायदे (Benefits)
UPS ने कर्मचारियों को जो सुरक्षा कवच दिया है, वह वाकई में क्रांतिकारी है। आइए इसके प्रमुख फीचर्स पर नज़र डालते हैं:
1. गारंटीड पेंशन (Assured Pension): यह स्कीम का सबसे बड़ा आकर्षण है। अगर किसी कर्मचारी ने न्यूनतम 25 साल की सेवा पूरी कर ली है, तो उसे रिटायरमेंट से ठीक पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन (Basic Pay) का 50% हर महीने पेंशन के रूप में मिलेगा ।
2. न्यूनतम पेंशन की गारंटी: अगर किसी कारणवश कर्मचारी की पेंशन 50% के फॉर्मूले से कम बनती है, तो भी सरकार ने सुरक्षा का घेरा रखा है। 10 साल या उससे अधिक की सेवा के बाद रिटायर होने पर न्यूनतम पेंशन ₹10,000 प्रति माह की गारंटी है ।
3. परिवार पेंशन (Family Pension): कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर उसके जीवनसाथी (विधवा/विधुर) को कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60% हिस्सा पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता रहेगा । बच्चों के लिए अलग से कोई पेंशन का प्रावधान नहीं है ।
4. महंगाई राहत (Dearness Relief – DR): OPS की तरह ही UPS में भी पेंशन पर महंगाई राहत (DR) मिलेगी। यह राहत AICPI-IW इंडेक्स से जुड़ी होगी, जिससे महंगाई बढ़ने पर पेंशन की राशि भी बढ़ेगी और इसका वास्तविक मूल्य बना रहेगा ।
5. एकमुश्त भुगतान (Lump Sum Payment): रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी के अलावा एक अतिरिक्त एकमुश्त राशि दी जाती है। यह राशि सेवा के हर 6 महीने के लिए अंतिम मासिक वेतन (मूल वेतन + महंगाई भत्ता) के 1/10वें हिस्से के बराबर होगी । सबसे अच्छी बात यह है कि यह राशि पेंशन को कम नहीं करती है। NPS में 60% निकासी के बाद जो बचता है, उससे जो एन्युटी ली जाती है, उसका पेंशन से कोई लेना-देना नहीं होता। UPS में यह लंपसम अलग से मिलता है और पेंशन पूरी मिलती है।
6. आनुपातिक पेंशन: अगर किसी कर्मचारी ने 25 साल से कम लेकिन 10 साल से अधिक की सेवा दी है (जैसे 15 साल), तो उसे आनुपातिक पेंशन मिलेगी। इसे एक फॉर्मूले से निकाला जाएगा: (1/2 * पिछले 12 महीने का औसत मूल वेतन) * (कुल सेवा के महीने / 300 महीने) ।
NPS और UPS की तुलना: कौन सा बेहतर?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल: आखिर NPS और UPS में फर्क क्या है? इसे समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखिए :
| विशेषता | यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) | नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) |
|---|---|---|
| पेंशन का प्रकार | गारंटीड (निश्चित) – 50% अंतिम 12 महीने के औसत मूल वेतन का (25 साल सेवा पर) | बाजार आधारित (अनिश्चित) – निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर |
| न्यूनतम पेंशन | हाँ – 10 साल सेवा पर ₹10,000/माह की गारंटी | नहीं – कॉर्पस और एन्युटी दरों पर निर्भर |
| महंगाई राहत (DR) | हाँ – सरकार द्वारा घोषित DR लागू होगा | नहीं – एन्युटी योजना के आधार पर, आमतौर पर फिक्स |
| परिवार पेंशन | 60% गारंटीड – कर्मचारी की मृत्यु पर जीवनसाथी को | एन्युटी के तहत, कोई फिक्स प्रतिशत नहीं |
| एकमुश्त भुगतान | फॉर्मूले के आधार पर अलग से (पेंशन कटौती के बिना) | रिटायरमेंट पर कॉर्पस का 60% निकाल सकते हैं, बाकी से एन्युटी |
| सरकारी अंशदान | कर्मचारी के 10% + सरकार का 10% (मैचिंग) + अतिरिक्त ~8.5% (पूल कॉर्पस) [कुल ~18.5% ] | कर्मचारी का 10% + सरकार का 14% (मैचिंग) [कुल 14% ] |
| निवेश का जोखिम | सरकार वहन करती है (गारंटी की वजह से) | कर्मचारी स्वयं वहन करता है |
निष्कर्ष: NPS में मुनाफा अधिक हो सकता है, लेकिन जोखिम भी उतना ही है। वहीं, UPS सुरक्षा और निश्चितता प्रदान करता है।
अंशदान और निवेश पैटर्न (Contribution & Investment)
यह समझना जरूरी है कि आपका पैसा कहां जा रहा है :
- कर्मचारी अंशदान: आपके मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ते (DA) का 10% हर महीने कटेगा।
- सरकारी अंशदान: सरकार भी आपके खाते में उतनी ही राशि (10%) डालती है। इसके अलावा, सरकार सभी UPS कर्मचारियों के लिए एक अलग पूल कॉर्पस में करीब 8.5% का अतिरिक्त अंशदान भी करती है, ताकि गारंटीड पेंशन दी जा सके।
निवेश विकल्प: NPS की तरह ही, UPS में भी कर्मचारी यह चुन सकते हैं कि उनका पैसा कहां लगाया जाए। अगर कोई विकल्प नहीं चुनते, तो डिफ़ॉल्ट निवेश पैटर्न लागू होगा :
- स्कीम जी: 100% सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश।
- लाइफ साइकिल फंड 25: उम्र के अनुसार जोखिम कम होता जाता है, अधिकतम 25% इक्विटी।
- लाइफ साइकिल फंड 50: अधिकतम 50% इक्विटी एक्सपोजर।
NPS से UPS में स्विच करने की प्रक्रिया और “वन टाइम स्विच” ऑप्शन
जिन कर्मचारियों ने नवंबर 2025 तक UPS का विकल्प चुना था, उनके लिए यह फैसला आमतौर पर आखिरी था। लेकिन सरकार ने एक बार फिर से विकल्प देने का प्रावधान रखा है, जिसे “वन-टाइम, वन-वे स्विच” कहा जा रहा है । इसका मतलब है कि अगर कोई कर्मचारी UPS चुनने के बाद वापस NPS में जाना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं :
- सामान्य सेवानिवृत्ति की तारीख से कम से कम 12 महीने पहले यह विकल्प देना होगा।
- स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने से 3 महीने पहले।
- इस्तीफा देने या FR 56(j) के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति के समय।
इस स्विच के बाद सरकार का अंशदान NPS वाला 14% हो जाएगा और UPS के फायदे खत्म हो जाएंगे ।
कितने कर्मचारियों ने चुना UPS?
यह बताता है कि यह स्कीम कितनी लोकप्रिय हुई। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर 2025 तक कुल 1,22,123 केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने NPS की जगह UPS को चुन लिया था । इसमें मौजूदा कर्मचारी, नए कर्मचारी और रिटायर कर्मचारी सभी शामिल हैं।
फरवरी 2026 में नवीनतम स्थिति (Current Status)
फरवरी 2026 के अंत में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अब स्थिति क्या है:
- डेडलाइन खत्म: मौजूदा कर्मचारियों और पुराने रिटायर लोगों के लिए UPS ऑप्ट करने की डेडलाइन (30 नवंबर 2025) खत्म हो चुकी है। अब सिर्फ 1 अप्रैल 2025 के बाद ज्वाइन करने वाले नए कर्मचारी ही इसे चुन सकते हैं ।
- स्विच ऑप्शन मौजूद: UPS से वापस NPS में जाने का “वन टाइम स्विच” ऑप्शन उन लोगों के लिए खुला है, जो फिर से बदलाव चाहते हैं, बशर्ते वे शर्तें पूरी करते हों ।
- पूल कॉर्पस का प्रबंधन: सरकार द्वारा जमा किए गए 8.5% अतिरिक्त अंशदान के पूल कॉर्पस को सरकार द्वारा चुने गए पेंशन फंड मैनेजर निवेश कर रहे हैं ।
- कर लाभ (Tax Benefits): केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने स्पष्ट कर दिया है कि UPS को NPS की तरह ही EEE (Exempt-Exempt-Exempt) का लाभ मिलेगा। यानी निवेश पर टैस छूट (Sec 80CCD), निकासी पर छूट और पेंशन पर टैक्स छूट ।
निष्कर्ष: क्या UPS आपके लिए सही है?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम उन लाखों कर्मचारियों के लिए एक वरदान साबित हुई है जो रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित और सुरक्षित आय चाहते हैं। यह सरकार की ओर से एक संतुलित कदम है, जो एक ओर कर्मचारियों को OPS जैसी सुरक्षा देता है, वहीं दूसरी ओर सरकार के वित्तीय बोझ को भी नियंत्रित रखता है।
अगर आप एक ऐसे कर्मचारी हैं जो बाजार के जोखिम से बचना चाहते हैं और रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय रकम पाना चाहते हैं (चाहे बाजार कैसा भी हो), तो UPS आपके लिए बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप थोड़ा जोखिम उठाकर ज्यादा रिटर्न कमाने में विश्वास रखते हैं, तो NPS आपको वह लचीलापन देता है।
सलाह: यह एक बार का फैसला है (हालांकि वापस NPS में स्विच की सुविधा है, लेकिन UPS के फायदे हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं)। इसलिए कोई भी फैसला करने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम उठाने की क्षमता और रिटायरमेंट प्लानिंग को ध्यान में रखें। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत लेख आपको UPS और NPS के बीच का अंतर समझने में मदद करेगा। अपने सवाल और राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।
यह लेत्र केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश या पेंशन संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले कृपया वित्तीय सलाहकार और अपने विभाग के अधिकारियों से परामर्श अवश्य कर लें।
प्रश्नोत्तर (QnQ) – यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)
1. सबसे पहला सवाल: फरवरी 2026 में, क्या मैं अब भी NPS से UPS में स्विच कर सकता हूँ?
जवाब: सीधे शब्दों में कहें तो, अब नहीं, यदि आप 1 अप्रैल 2025 से पहले के कर्मचारी हैं। सरकार ने मौजूदा कर्मचारियों के लिए UPS ऑप्ट करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तय की थी, जो समाप्त हो चुकी है।
- नए कर्मचारी: यदि आप 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद केंद्र सरकार में शामिल हुए हैं, तो आप अपनी जॉइनिंग के 30 दिनों के भीतर UPS का विकल्प चुन सकते हैं।
- पुराने कर्मचारी: यदि आपने नवंबर 2025 तक विकल्प नहीं दिया, तो आप डिफ़ॉल्ट रूप से NPS में ही बने रहेंगे।
2. क्या राज्य सरकार के कर्मचारी भी UPS का लाभ ले सकते हैं?
जवाब: फिलहाल, UPS केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू की गई है। हालांकि, कई राज्य सरकारों (जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश) ने इसमें रुचि दिखाई है और वे इस मॉडल का अध्ययन कर रही हैं। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कुछ राज्य इसे लागू कर सकते हैं, लेकिन फरवरी 2026 तक केंद्र के अलावा किसी अन्य राज्य ने इसे औपचारिक रूप से लागू नहीं किया है।
3. UPS में पेंशन की गारंटी का क्या मतलब है? अगर सरकार बदल गई तो क्या होगा?
जवाब: यह एक बेहद अहम सवाल है। UPS एक संवैधानिक और कानूनी रूप से बाध्यकारी योजना है, न कि सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश। सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर इसे लागू किया है।
- गारंटी का अर्थ: इसका मतलब है कि आपको मिलने वाली पेंशन की राशि (50% अंतिम वेतन, ₹10,000 न्यूनतम) और महंगाई राहत (DR) सुनिश्चित है, चाहे बाजार में कितनी भी गिरावट क्यों न आ जाए। यह राशि सरकार के “पूल कॉर्पस” और यदि आवश्यक हुआ तो सरकार के “समेकित कोष (Consolidated Fund)” से दी जाएगी।
- सरकार बदलने पर: यह एक कानूनी योजना है। किसी भी सरकार के लिए किसी लागू कानून को एकतरफा बदलना या खत्म करना आसान नहीं होता। संसद की मंजूरी के बिना इसे बदला नहीं जा सकता। इसलिए यह एक सुरक्षित योजना है।
4. मैंने UPS चुना था, लेकिन अब लगता है कि NPS बेहतर था। क्या मैं वापस जा सकता हूँ?
जवाब: हाँ, सरकार ने एक “वन-टाइम स्विच” का विकल्प दिया है। लेकिन यह एक तरफा रास्ता नहीं है, यानी इसे चुनना हमेशा के लिए है और यह कुछ शर्तों के साथ आता है:
- आप UPS से वापस केवल NPS में जा सकते हैं।
- यह विकल्प आपकी सामान्य सेवानिवृत्ति तिथि से कम से कम 12 महीने पहले देना होगा।
- अगर आप स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले रहे हैं, तो VRS की तारीख से 3 महीने पहले यह विकल्प देना होगा।
- एक बार NPS में जाने के बाद, आप दोबारा UPS में नहीं जा सकते।
5. UPS में सरकार का कुल अंशदान (Contribution) कितना है?
जवाब: यह NPS से सबसे बड़ा अंतर है। NPS में सरकार का अंशदान 14% है। UPS में यह बढ़कर करीब 18.5% हो जाता है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है:
- 10%: आपके वेतन (बेसिक+डीए) के बराबर सरकार आपके व्यक्तिगत खाते (Individual Corpus) में डालती है।
- ~8.5%: सरकार यह अतिरिक्त राशि एक पूल कॉर्पस (Pool Corpus) में डालती है। यह पूल कॉर्पस सरकार द्वारा चुने गए फंड मैनेजर निवेश करते हैं और इसी से सभी कर्मचारियों की गारंटीड पेंशन और पारिवारिक पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाता है।
6. अगर मैं 25 साल से पहले (जैसे 20 साल में) रिटायर हो जाता हूँ, तो कितनी पेंशन मिलेगी?
जवाब: 25 साल से कम की सेवा पर आपको आनुपातिक (Proportionate) पेंशन मिलेगी। उदाहरण के लिए, यदि आपने 20 साल (240 महीने) सेवा की है, तो आपकी पेंशन का फॉर्मूला होगा:
(1/2 × पिछले 12 महीने का औसत मूल वेतन) × (240 महीने / 300 महीने)
मान लीजिए आपका औसत मूल वेतन ₹50,000 है, तो:
पेंशन = (0.5 × 50,000) × (240/300) = 25,000 × 0.8 = ₹20,000 प्रति माह।
और हाँ, 10 साल की सेवा पूरी करने पर न्यूनतम पेंशन ₹10,000 की गारंटी लागू होगी।
7. UPS के तहत मिलने वाली एकमुश्त राशि (Lump Sum) पर टैक्स लगेगा क्या?
जवाब: यह एक बहुत अच्छी खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPS को NPS के समान ही EEE (Exempt-Exempt-Exempt) का लाभ मिलेगा।
- Exempt (निवेश): आपके 10% अंशदान पर आयकर धारा 80CCD(1) के तहत छूट मिलेगी।
- Exempt (बढ़त): निवेश पर मिलने वाला ब्याज या रिटर्न टैक्स-फ्री होगा।
- Exempt (निकासी): रिटायरमेंट के समय मिलने वाली एकमुश्त राशि (Lump Sum) और उसके बाद मिलने वाली मासिक पेंशन, दोनों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
8. पारिवारिक पेंशन (Family Pension) कितने समय तक मिलती है?
जवाब: परिवार पेंशन जीवनसाथी (पति/पत्नी) को आजीवन मिलती रहेगी। यह कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60% होगी। हालाँकि, बच्चों के लिए अलग से कोई पेंशन का प्रावधान UPS में नहीं है।
9. मैं मार्च 2024 में रिटायर हुआ था। क्या मैं UPS का लाभ ले सकता हूँ?
जवाब: हाँ, आप पात्र हैं, बशर्ते आपने नवंबर 2025 की डेडलाइन से पहले इसके लिए आवेदन किया हो। चूंकि आप 31 मार्च 2025 से पहले रिटायर हुए हैं, आप “पूर्व सेवानिवृत्त” (Past Retiree) की श्रेणी में आते हैं।
यदि आपने डेडलाइन के अंदर आवेदन किया था, तो:
- आपकी पेंशन की पुनर्गणना (recalculation) की जाएगी।
- आपको 1 अप्रैल 2025 से लेकर अब तक का अंतर (arrears) पीपीएफ (PPF) ब्याज दर के साथ मिलेगा।
यदि आपने डेडलाइन के अंदर आवेदन नहीं किया, तो अब आप इसके लिए पात्र नहीं हैं।
10. अगर मैं नौकरी के दौरान इस्तीफा दे दूं या निकाल दिया जाऊं तो क्या होगा?
जवाब: UPS के तहत गारंटीड पेंशन का लाभ पाने के लिए न्यूनतम 10 साल की सेवा अनिवार्य है।
- 10 साल से कम सेवा: यदि आप इस्तीफा देते हैं या 10 साल पूरे होने से पहले निकाले जाते हैं, तो आप UPS की गारंटीड पेंशन के पात्र नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में, आपका और सरकार का अंशदान (पूल कॉर्पस को छोड़कर) आपको NPS के नियमों के अनुसार लौटा दिया जाएगा।
- 10 साल से अधिक सेवा: यदि आप 10 साल बाद इस्तीफा देते हैं, तो भी आप रिटायरमेंट की उम्र (60 साल) तक इंतजार करके UPS की गारंटीड पेंशन (न्यूनतम ₹10,000) प्राप्त कर सकते हैं।
11. UPS में निवेश का विकल्प किसके पास है? मैं या सरकार?
जवाब: इसे दो भागों में बांटा गया है:
- आपका व्यक्तिगत कोष (Individual Corpus): इस हिस्से (आपका 10% + सरकार का 10%) के निवेश का विकल्प आपके पास है। आप PFRDA के तहत NPS की तरह ही अपने फंड मैनेजर और निवेश पैटर्न (इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूति) चुन सकते हैं। अगर आप कोई विकल्प नहीं चुनते, तो आपका पैसा डिफ़ॉल्ट रूप से “लाइफ साइकिल फंड 25” या “स्कीम जी” में लगेगा।
- सरकारी पूल कोष (Pool Corpus): यह हिस्सा (अतिरिक्त ~8.5%) सरकार द्वारा चुने गए पेशेवर फंड मैनेजर निवेश करेंगे। कर्मचारी का इस कोष के निवेश में कोई विकल्प नहीं होता, क्योंकि इसका उद्देश्य सबके लिए पेंशन की गारंटी देना है।
12. UPS और OPS (Old Pension Scheme) में क्या अंतर है?
जवाब: यह एक आम सवाल है। हालांकि पेंशन की गारंटी के मामले में ये समान लगते हैं, इनमें बुनियादी अंतर है:
| विशेषता | OPS (पुरानी पेंशन योजना) | UPS (यूनिफाइड पेंशन योजना) |
|---|---|---|
| कर्मचारी अंशदान | शून्य (कुछ नहीं देना था) | 10% (बेसिक+डीए) देना होगा |
| सरकारी अंशदान | कोई अलग अंशदान नहीं (पूरा बोझ खजाने पर) | 18.5% (निवेश किया जाता है) |
| निधि | कोई निवेश नहीं, सीधे करदाता के पैसे से भुगतान | अलग से कोष (फंड) बनाया जाता है और उसका निवेश किया जाता है |
| वित्तीय बोझ | सरकार पर असीमित बोझ | सीमित और पारदर्शी बोझ |
सीधे शब्दों में, OPS में कर्मचारी को मुफ्त पेंशन मिलती थी, UPS में कर्मचारी भी योगदान देता है, लेकिन बदले में उसे OPS जैसी सुरक्षा मिलती है।
Read More:वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) 2026: ब्याज दर, टैक्स और कैलकुलेटर
