NPS का पूरा पैसा एक साथ मिल सकता है? जानिए 100% निकासी के 3 मौके, 8 लाख-5 लाख की लिमिट, 20% एन्युइटी नियम और दिसंबर 2025 के बड़े बदलाव। टैक्स कैलकुलेशन के साथ।

NPS: कब मिलेगा पूरा पैसा, कब खरीदनी पड़ेगी एन्युइटी? 100% फंड निकालने के लिए ये हैं नियम
क्या आप भी मानते हैं कि NPS का पूरा पैसा कभी नहीं मिलता? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। दशकों से यही सबसे बड़ी भ्रांति नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को लेकर रही है। लेकिन दिसंबर 2025 में Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने जो बदलाव किए हैं, उन्होंने NPS को पूरी तरह बदल कर रख दिया है .
अब सच्चाई यह है कि NPS से 100% पैसा निकालना संभव है, बशर्ते आप सही परिस्थिति में हों और नियमों को समझते हों। सबसे बड़ी खबर यह है कि अब सिर्फ 20% एन्युइटी (पेंशन) खरीदना अनिवार्य है, 80% कॉर्पस एकमुश्त निकाला जा सकता है . लेकिन क्या यह 80% पूरी तरह टैक्स-फ्री है? यहाँ सरकार ने एक पेचीदा घुमाव छोड़ा है, जिसे समझना बेहद जरूरी है।
- 100% पैसा निकालने की तीन मुख्य स्थितियाँ (रिटायरमेंट, प्रीमैच्योर एग्जिट, मृत्यु)
- दिसंबर 2025 के ऐतिहासिक बदलाव: 5 साल का लॉक-इन हटा, अब 15 साल में निकासी, एन्युइटी घटकर 20% हुई
- गवर्नमेंट बनाम नॉन-गवर्नमेंट कर्मचारी: नियमों में बड़ा फर्क
- निकासी पर टैक्स का गणित: 60% टैक्स-फ्री, बाकी 20% पर कितना टैक्स?
- SLW और SUR: नए सिस्टमेटिक विड्रॉल ऑप्शन क्या हैं?
- नॉमिनी के नियम और मृत्यु पर क्या होता है?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) विस्तृत टेबल के साथ
1. क्या NPS सिर्फ एक पेंशन स्कीम है या फिर रिटायरमेंट कॉर्पस?
NPS को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह रिटायरमेंट के बाद आपको तीन किस्तों में पैसा देता है:
- एकमुश्त (Lump Sum): रिटायरमेंट के समय मिलने वाला टैक्स-फ्री हिस्सा।
- एन्युइटी (Annuity): बचे हुए पैसे से इंश्योरेंस कंपनी से खरीदी गई पेंशन (महीने का खर्च)।
- डिफरमेंट (Deferment): 60 साल के बाद भी अगर पैसे की जरूरत नहीं है, तो 75-85 साल तक निकासी टालना .
पुराने नियम (दिसंबर 2025 से पहले):
- सरकारी: 40% एन्युइटी अनिवार्य, 60% निकासी (टैक्स-फ्री)
- प्राइवेट: 40% एन्युइटी अनिवार्य, 60% निकासी (टैक्स-फ्री)
- 100% निकासी सिर्फ ₹5 लाख तक के कॉर्पस पर
नए नियम (दिसंबर 2025 के बाद):
- प्राइवेट सेक्टर: 20% एन्युइटी, 80% निकासी
- सरकारी सेक्टर: 40% एन्युइटी, 60% निकासी
- 100% निकासी की लिमिट बढ़ी: अब रिटायरमेंट पर ₹8 लाख और प्रीमैच्योर एग्जिट पर ₹5 लाख
2. 100% पैसा निकालने की इजाजत कब है?
सबसे पहले उन तीन स्थितियों को समझिए जहाँ PFRDA आपको 100% पैसा लेने की छूट देता है। इसे तुलनात्मक तालिका से देखें:
| स्थिति (Event) | पुरानी लिमिट (Old Limit) | नई लिमिट (New Limit – 2026) | शर्तें |
|---|---|---|---|
| नॉर्मल एग्जिट (60 साल या सुपरऐनुएशन) | ₹5 लाख तक | ₹8 लाख तक | कोई एन्युइटी नहीं। SLW/SUR ऑप्शन भी उपलब्ध |
| प्रीमैच्योर एग्जिट (60 साल से पहले) | ₹2.5 लाख तक | ₹5 लाख तक | नया: अब 5 साल का लॉक-इन अनिवार्य नहीं |
| सब्सक्राइबर की मृत्यु (Death) | प्राइवेट: 100% सरकारी: लिमिट थी | प्राइवेट: 100% (कोई लिमिट नहीं) सरकारी: अब भी ₹5 लाख लिमिट | नॉमिनी को पूरा पैसा, एन्युइटी ऑप्शनल |
2.1 रिटायरमेंट (60 साल) पर 100% निकासी
यह सबसे आम सवाल है। अगर आपने 60 साल की उम्र पूरी कर ली है या आप वीआरएस (VRS) ले रहे हैं, और आपके NPS अकाउंट में कुल जमा राशि ₹8 लाख या उससे कम है, तो आप पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं। एन्युइटी खरीदना जरूरी नहीं है .
उदाहरण: अगर आपका कॉर्पस ₹7.5 लाख है, तो पूरा पैसा आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। NPS का मकसद पूरा हुआ—बुढ़ापे में आपको पेंशन भी मिले और पैसा भी।
2.2 प्रीमैच्योर एग्जिट (60 साल से पहले NPS छोड़ना)
PFRDA ने सबसे बड़ी राहत यह दी है कि अब 5 साल का लॉक-इन पीरियड खत्म कर दिया गया है . पहले सोचिए था कि “5 साल बाद ही पैसा निकलेगा”, अब ऐसा नहीं है।
- शर्त: कॉर्पस ₹5 लाख या उससे कम हो।
- फायदा: आप पूरा 100% पैसा निकाल सकते हैं या SLW/SUR का ऑप्शन चुन सकते हैं .
- अगर कॉर्पस ₹5 लाख से ज्यादा है: सिर्फ 20% निकासी, 80% एन्युइटी में लगेगी।
2.3 मृत्यु पर क्या होता है? (सरकारी vs प्राइवेट में बड़ा अंतर)
प्राइवेट सेक्टर: यहाँ NPS सबसे उदार है। चाहे कॉर्पस ₹1 करोड़ हो या ₹10 करोड़, नॉमिनी को 100% रकम एकमुश्त मिलती है। एन्युइटी खरीदने की कोई बाध्यता नहीं .
सरकारी सेक्टर: यहाँ अब भी पुराना नियम लागू है। अगर सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होती है और कॉर्पस ₹5 लाख से ज्यादा है, तो 80% एन्युइटी स्पाउस/आश्रितों के नाम पर लेना अनिवार्य है . यह बेहद असमानता वाला नियम है, जिसे अभी सुधारा नहीं गया है।
3. NPS का सबसे बड़ा ओवरहाल (80% निकासी और 20% एन्युइटी)
दिसंबर 2025 में PFRDA ने जो बदलाव किए, वो NPS को म्यूचुअल फंड की तरह फ्लेक्सिबल बना देते हैं। “बैड न्यूज़” यह है कि टैक्स छूट अभी 60% पर ही अटकी है, जबकि निकासी 80% हो गई है .
3.1 एन्युइटी घटी, मिलेगा ज्यादा हाथ में पैसा
- पहले: NPS का पैसा निकालते थे तो कम से कम 40% हिस्सा अनिवार्य रूप से एन्युइटी (पेंशन) में लगाना पड़ता था।
- अब: प्राइवेट सेक्टर के लिए यह घटकर 20% रह गया है .
- मतलब: अगर आपका कॉर्पस ₹1 करोड़ है, तो पहले आपको ₹40 लाख एन्युइटी में लगाना पड़ता था, अब सिर्फ ₹20 लाख लगेंगे। बचे हुए ₹80 लाख आपको मिलेंगे (टैक्स के पेच को छोड़ दें तो)।
3.2 वेस्टिंग पीरियड: अब 60 साल की उम्र का इंतजार नहीं
यह युवाओं के लिए सबसे बड़ा तोहफा है।
- पुराना नियम: रिटायरमेंट से पहले निकासी को “प्रीमैच्योर” माना जाता था और 80% एन्युइटी अनिवार्य थी।
- नया नियम: अगर आपने 15 साल NPS में निवेश किया है, तो आप “नॉर्मल एग्जिट” के हकदार हैं, चाहे आपकी उम्र 45 ही क्यों न हो .
- उदाहरण: 30 साल उम्र में जॉइन किया → 45 साल में निकासी पर 80% निकासी और 20% एन्युइटी का नियम लागू होगा, न कि 80% एन्युइटी वाला सख्त नियम।
3.3 उम्र की सीमा बढ़ी: 85 साल तक निवेश और 75 साल तक डिफर
अब आप 85 साल की उम्र तक NPS में बने रह सकते हैं और 75 साल की उम्र तक एन्युइटी खरीदने को टाल सकते हैं .
4. टैक्स का पेचीदा गणित: 60% टैक्स-फ्री, 20% पर टैक्स!
यहाँ पर सरकार और रेगुलेटर में तालमेल नहीं है। PFRDA कहता है – 80% निकालो, IT Department कहता है – सिर्फ 60% टैक्स-फ्री .
सेक्शन 10(12A) और 80CCD(5) के तहत:
- रिटायरमेंट पर अधिकतम 60% कॉर्पस टैक्स-फ्री: यह लिमिट आज भी वही है।
- बाकी का 20% (जो PFRDA ने निकालने की इजाजत दी): यह आपकी इनकम में जुड़ेगा और आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होगा .
उदाहरण:
मान लीजिए प्राइवेट कर्मचारी का NPS कॉर्पस ₹1 करोड़ है।
| हिस्सा | राशि | टैक्स स्थिति |
|---|---|---|
| टैक्स-फ्री निकासी (60%) | ₹60 लाख | पूरी तरह टैक्स-फ्री |
| अतिरिक्त निकासी (20%) | ₹20 लाख | टैक्सेबल (स्लैब रेट के हिसाब से) |
| एन्युइटी (20%) | ₹20 लाख | एन्युइटी खरीदते वक्त टैक्स-फ्री, लेकिन पेंशन टैक्सेबल |
समझदारी: एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि इस 20% टैक्सेबल हिस्से को एक साथ न निकालकर सिस्टमेटिक लम्पसम विड्रॉल (SLW) के जरिए 2-3 साल में फैलाएं ताकि आप टैक्स स्लैब में ऊपर न चले जाएं .
5. नए जमाने के निकासी विकल्प: SLW और SUR क्या हैं?
PFRDA ने NPS में म्यूचुअल फंड जैसे Systematic Withdrawal Plan (SWP) की सुविधा दे दी है।
5.1 SLW (Systematic Lumpsum Withdrawal)
- क्या है: तय रकम हर महीने/सालाना निकालना।
- कब इस्तेमाल करें: जब कॉर्पस ₹8 लाख से कम हो या ₹8-12 लाख के बीच हो।
- फायदा: ब्याज की दर (Annuity Rate) जो 6-7% है, उससे बेहतर रिटर्न डेट फंड्स या हाइब्रिड फंड्स में मिल सकता है .
5.2 SUR (Systematic Unit Redemption)
- क्या है: यूनिट्स बेचकर पैसा निकालना।
- खास बात: सरकारी कर्मचारी जिनका कॉर्पस ₹8-12 लाख के बीच है, वे एन्युइटी की जगह SUR चुन सकते हैं और 6 साल में पूरा पैसा निकाल सकते हैं .
6. प्रीमैच्योर एग्जिट और पार्शियल विड्रॉल में बदलाव
6.1 प्रीमैच्योर एग्जिट (बिना शर्त)
- 100% निकासी: अब ₹5 लाख तक का पूरा कॉर्पस निकाल सकते हैं (पहले ₹2.5 लाख था) .
- एन्युइटी: अगर कॉर्पस ज्यादा है तो पहले की तरह 20% निकासी और 80% एन्युइटी।
6.2 पार्शियल विड्रॉल (बीच में पैसे निकालना)
- कितनी बार: अब 60 साल से पहले 4 बार निकाल सकते हैं (पहले 3 बार था) .
- गैप: दो निकासी के बीच 4 साल का अंतराल अनिवार्य है।
- बीमारी: अब बीमारी की लिस्ट फिक्स नहीं है, कोई भी गंभीर बीमारी इलाज के लिए पैसे निकाल सकते हैं .
7. पूरी स्थितियों की तुलनात्मक तालिका (2026 अपडेट)
नीचे दी गई टेबल में सभी नियम एक साथ देखें:
| स्थिति (Exit Type) | कॉर्पस रेंज (Corpus) | प्राइवेट सेक्टर (नियम) | सरकारी सेक्टर (नियम) | टैक्स |
|---|---|---|---|---|
| नॉर्मल एग्जिट (60 साल/सुपरऐनुएशन) | ≤ ₹8 लाख | 100% निकासी (एन्युइटी ऑप्शनल) | 100% निकासी (एन्युइटी ऑप्शनल) | 60% तक टैक्स-फ्री |
| ₹8-12 लाख | ₹6 लाख निकासी + SUR/एन्युइटी | ₹6 लाख निकासी + SUR/एन्युइटी | मिक्स (60% टैक्स-फ्री) | |
| > ₹12 लाख | 80% निकासी, 20% एन्युइटी | 60% निकासी, 40% एन्युइटी | 60% टैक्स-फ्री, बाकी टैक्सेबल | |
| प्रीमैच्योर एग्जिट (<60 साल) | ≤ ₹5 लाख | 100% निकासी | 100% निकासी | पूरा टैक्सेबल? (रेयर) |
| > ₹5 लाख | 20% निकासी, 80% एन्युइटी | 20% निकासी, 80% एन्युइटी | 20% टैक्सेबल | |
| मृत्यु (Death) | कोई भी रकम | 100% निकासी (नॉमिनी को) | ≤₹5 लाख: 100% >₹5 लाख: 80% एन्युइटी | नॉमिनी को टैक्स-फ्री |
8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या मैं 60 साल की उम्र में ₹10 लाख का NPS कॉर्पस पूरा निकाल सकता हूँ?
नहीं। ₹8 लाख से ऊपर होने पर 100% निकासी की इजाजत नहीं है। प्राइवेट सेक्टर में आपको 80% (यानि ₹8 लाख) निकासी मिलेगी और 20% (₹2 लाख) एन्युइटी में लगेंगे। इसमें से सिर्फ 60% (₹6 लाख) टैक्स-फ्री होंगे, बाकी 20% (₹2 लाख) टैक्सेबल होंगे .
Q2. क्या 60 साल से पहले NPS छोड़ने पर 5 साल का लॉक-इन जरूरी है?
नहीं। दिसंबर 2025 के बाद से 5 साल का लॉक-इन पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब आप कभी भी एग्जिट ले सकते हैं, लेकिन निकासी की रकम एन्युइटी नियमों के अधीन होगी .
Q3. NPS से 80% निकासी टैक्स-फ्री है क्या?
नहीं। Income Tax Act के सेक्शन 10(12A) के तहत सिर्फ 60% कॉर्पस ही टैक्स-फ्री है। बाकी का 20% (80-60) आपकी आय में जुड़कर स्लैब रेट के हिसाब से टैक्सेबल होगा .
Q4. अगर मेरा पिता (NPS सब्सक्राइबर) का देहांत हो गया, तो क्या मुझे पेंशन लेनी होगी?
यदि प्राइवेट सेक्टर हैं: नहीं, आप पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं। एन्युइटी लेना आपकी मर्जी पर है .
यदि सरकारी सेक्टर हैं: हाँ, अगर कॉर्पस ₹5 लाख से ज्यादा है और माँ जीवित हैं, तो 80% एन्युइटी माँ के नाम पर लेना अनिवार्य है .
Q5. NPS Vatsalya (बच्चों के लिए NPS) से 100% पैसा कब निकलेगा?
NPS Vatsalya तब नॉर्मल NPS में कन्वर्ट हो जाता है जब बच्चा 18 साल का होता है। उसके बाद 100% निकासी के लिए 15 साल का वेस्टिंग पीरियड और ₹8 लाख/₹5 लाख की लिमिट लागू होगी .
Q6. क्या NPS कॉर्पस पर लोन मिल सकता है?
हाँ। PFRDA ने अब NPS कॉर्पस को कोलैटरल (गिरवी) रखकर लोन लेने की इजाजत दे दी है। अधिकतम 25% कॉन्ट्रिब्यूशन पर लिएन (लोन) रख सकते हैं। यह प्रीमैच्योर विड्रॉल का विकल्प है .
निष्कर्ष: पूरा पैसा मिलेगा या नहीं?
हाँ, मिलेगा। लेकिन यह “बिना शर्त” नहीं है।
- अगर आप प्राइवेट सेक्टर हैं: सरकारी कर्मचारियों की तुलना में आपको ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिली है। 20% एन्युइटी और 80% निकासी आपको रिटायरमेंट प्लानिंग में पूरी आजादी देता है। बस टैक्स के पेच को समझदारी से निपटाइए।
- अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं: आपके लिए एन्युइटी की बाध्यता अब भी 40% है और मृत्यु के बाद भी परिवार को पेंशन लेनी पड़ सकती है। यह आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग में शामिल करना होगा।
NPS अब सिर्फ पेंशन स्कीम नहीं रहा, यह एक हाइब्रिड रिटायरमेंट कॉर्पस क्रिएशन टूल बन चुका है। 100% निकासी की सुविधा सीमित है, लेकिन 80% निकासी की सुविधा लगभग सभी के लिए खुल चुकी है।
आपके लिए अगला कदम:
- अपनी CRA (केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी) वेबसाइट पर लॉग इन करें।
- अपना मौजूदा कॉर्पस चेक करें।
- अनुमान लगाएं कि रिटायरमेंट तक आपका कॉर्पस ₹8 लाख के पार जाएगा या नहीं।
- तय करें कि आपको SLW से निकासी चाहिए या पारंपरिक एन्युइटी।
यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। निवेश के निर्णय लेने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श करें।
