दुबई में सोना भारत से सस्ता क्यों मिलता है? जानिए टैक्स, शुद्धता (14K vs 24K) और मांग के कारणों से जुड़ा पूरा गणित। समझें कि कब दुबई में खरीदारी फायदेमंद है और कब नहीं।

दुबई से सोना लाने का ख्याल किसे नहीं आता? यह धारणा आम है कि दुबई (UAE) का सोना भारत की तुलना में काफी सस्ता मिलता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि यह ‘सस्तापन’ खासतौर पर 14 कैरेट के सोने में ही दिखता है? जबकि भारत में ज्यादातर लोग 24 कैरेट सोना ही खरीदते और पहनते हैं। आइए, इस कीमत के अंतर के पीछे के वास्तविक कारणों को समझते हैं।
कारण 1: शुद्धता का बुनियादी फर्क (14K vs 24K)
यह सबसे महत्वपूर्ण कारण है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
* 24 कैरेट सोना: यह 99.9% शुद्ध होता है। इसे प्योर गोल्ड या निवेश का सोना माना जाता है। चूंकि यह नरम होता है, इसलिए इससे बने जेवरात रोज पहनने के लिए बहुत मजबूत नहीं होते।
* 14 कैरेट सोना: इसमें केवल 58.5% सोना होता है, बाकी 41.5% तांबा, चांदी या जिंक जैसी मिश्र धातुएं होती हैं। यह ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होता है, इसलिए रोजमर्रा के जेवर बनाने के लिए पसंद किया जाता है।
सीधी बात:14K सोने में शुद्ध सोने की मात्रा ही 24K के आधे से भी कम है। इसलिए, प्रति ग्राम कीमत स्वाभाविक रूप से कम होगी। दुबई में 14K जेवरों की अधिक मांग है, जबकि भारत में पारंपरिक रूप से 24K को प्राथमिकता दी जाती है।
कारण 2: टैक्स और शुल्क का असर
* दुबई (UAE) में: सोने पर कोई आयात शुल्क नहीं है और वैट (VAT) केवल 5% है (कई बार विशेष अवसरों पर यह भी माफ हो जाता है)। इस कारण दुबई का बाजार अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों के बहुत करीब रहता है।
* भारत में: सोने पर 12.5% का आयात शुल्क लगता है और फिर 3% की GST। इनके अलावा, मेकिंग चार्ज (निर्माण शुल्क) और डीलर का प्रीमियम भी जुड़ जाता है, जिससे अंतिम कीमत काफी बढ़ जाती है।
कारण 3: बाजार की मांग और उपयोग
* भारत: यहाँ सोना निवेश और संस्कृति का हिस्सा है। शादी-ब्याह और त्योहारों में 24K सोने की ही मांग रहती है। 14K सोने का बाजार अपेक्षाकृत छोटा है।
* दुबई: यहाँ 14K और 18K सोने के आधुनिक और डिजाइनर जेवरों की अधिक मांग है, जो रोज पहनने के लिए उपयुक्त होते हैं। इसलिए, यहाँ 14K सोने का उत्पादन और आपूर्ति ज्यादा है।
तो क्या दुबई से सोना खरीदना हमेशा फायदेमंद है?
जवाब है: यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या खरीद रहे हैं।
* अगर आप 14K या 18K के जेवर खरीदना चाहते हैं,तो दुबई निश्चित रूप से कीमत और डिजाइन के मामले में बेहतर विकल्प हो सकता है।
* अगर आपका लक्ष्य 24K प्योर गोल्ड (सोने के बिस्कुट या सादे गहने) में निवेश करना है,तो कीमत का अंतर उतना बड़ा नहीं रह जाता। दुबई में 24K की कीमत (अंतरराष्ट्रीय बाजार के करीब) और भारत में कीमत (टैक्स और शुल्क मिलाकर) में अंतर अक्सर 5-8% के आसपास ही होता है। इस स्थिति में, भारत में खरीदारी करना भी उचित विकल्प हो सकता है।
अंतिम सलाह:दुबई से सोना लाते समय भारत के कस्टम नियमों का ध्यान रखें। आप केवल सीमित मात्रा में ही ड्यूटी-फ्री सोना ला सकते हैं। साथ ही, बिल और कैरैट प्रमाणपत्र (हॉलमार्क) जरूर साथ लाएं। कीमत के साथ-साथ शुद्धता और डिजाइन दोनों पर विचार करके ही खरीदारी का फैसला करें।

3 thoughts on “दुबई का सोना सस्ता क्यों? 14K और 24K में छिपा है कीमतों का राज़!”